जांजगीर-चांपा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। डिजिटल जमाना मं जिहां इंटरनेट अऊ मोबाइल ह जिनगी के हिस्सा बन गे हवय, उहीं साइबर अपराध घलो तेजी ले बढ़त चलत हवय। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंक खाता ले रकम पार करना, सोशल मीडिया के माध्यम ले धोखाधड़ी अऊ महिला सुरक्षा जइसने मुद्दा आज हर परिवार बर चिंता के विषय बन गे हवंय। एही बात ल ध्यान मं रखके जांजगीर-चांपा पुलिस ह सामुदायिक पुलिसिंग के तहत शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के चौपाटी परिसर मं एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाइस।
ए अभियान पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन मं आयोजित करे गीस। कार्यक्रम के उद्देश्य सिरिफ जानकारी देना नइ रहिस, बल्कि आम जनता ल अपराध ले बचाय, पुलिस अऊ समाज के बीच भरोसा मजबूत करे अऊ समय रहते अपराध के रोकथाम करना रहिस।
चौपाटी बनिस जनजागरूकता के मंच
शिवरीनारायण चौपाटी मं आयोजित कार्यक्रम मं बड़ी संख्या मं स्थानीय नागरिक, महिला मन, युवा, व्यापारी, विद्यार्थी अऊ समाजसेवी मन शामिल होइन। पुलिस अधिकारी मन नागरिक मन संग सीधे संवाद करिन अऊ बदलत समय मं बढ़त साइबर अपराध के तरीका मन के बारे मं विस्तार ले जानकारी दिन।
कार्यक्रम मं DSP (अजाक) सतरूपा तारम के विशेष उपस्थिति रहिस। उहीं थाना शिवरीनारायण के PSI रितेश परमार ह उपस्थित नागरिक मन ल संबोधित करत साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा अऊ अप्रवासी भारतीय (NRI) संबंधी जरूरी जानकारी साझा करिन।
सामुदायिक पुलिसिंग के उद्देश्य ल समझाइन
पुलिस अधिकारी मन कहिन कि अपराध होय के बाद कार्रवाई करना जरूरी हवय, फेर ओकर ले जियादा जरूरी हवय अपराध होय के पहिली लोग मन ल जागरूक करना।
सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम ले पुलिस अऊ जनता के बीच सहयोग बढ़त हवय। जब नागरिक मन पुलिस संग जुड़थें अऊ समय मं जानकारी देथें, त कई अपराध सुरुवाती चरण मं रोकाय जा सकथें।
अधिकारी मन कहिन कि सुरक्षित समाज बनाय बर पुलिस अऊ जनता दुनों के समान जिम्मेदारी हवय।
साइबर ठगी के नवा-नवा तरीका ले रहव सतर्क
कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध ऊपर सबसे जियादा जोर देय गीस।
PSI रितेश परमार ह बताइन कि आजकल ठग मन रोज नवा तरीका अपनावत हवंय। कभू बैंक अधिकारी बनके फोन करथें, कभू KYC अपडेट करे के नाम ले, कभू बिजली बिल जमा करे के बहाना बनाके, त कभू सरकारी योजना के लाभ दिलाय के नाम ले धोखा देथें।
नागरिक मन ल समझाय गीस कि—
- अंजान नंबर ले आय फोन मं अपन OTP कभू झन बताव।
- ATM कार्ड नंबर, CVV, बैंक पासवर्ड अऊ इंटरनेट बैंकिंग के जानकारी कभू दूसर मनखे संग साझा झन करव।
- मोबाइल मं आय संदिग्ध लिंक ऊपर क्लिक करे ले बचव।
- सोशल मीडिया मं आय फर्जी ऑफर अऊ इनाम के लालच मं झन परव।
- अनजान मोबाइल एप डाउनलोड करे के पहिली जांच जरूर करव।
पुलिस अधिकारी मन साफ कहिन कि बैंक अऊ सरकारी संस्था कभू फोन करके OTP नइ मांगय।
महिला सुरक्षा ऊपर घलो देय गीस जानकारी
कार्यक्रम मं महिला सुरक्षा ल घलो प्रमुख विषय बनाय गीस।
महिला मन ल बताय गीस कि अगर कभू छेड़छाड़, पीछा करना, सोशल मीडिया मं परेशान करना, ब्लैकमेल करना या घरेलू हिंसा जइसने घटना होवय त बिना डर पुलिस ले संपर्क करव।
पुलिस अधिकारी मन कहिन कि महिला सुरक्षा सिरिफ पुलिस के जिम्मेदारी नइ, बल्कि पूरा समाज के जिम्मेदारी आय। जिहां घलो महिला मन संग गलत व्यवहार दिखय, ओला तुरंत पुलिस तक पहुंचाय जाना चाही।
NRI मामला मं घलो रहव सतर्क
कार्यक्रम मं अप्रवासी भारतीय (NRI) ले जुड़े मामला ऊपर घलो विशेष जानकारी देय गीस।
DSP सतरूपा तारम अऊ PSI रितेश परमार ह बताइन कि कई बार विदेश मं रहय के दावा करके या NRI शादी, नौकरी, निवेश अऊ संपत्ति के नाम ले लोग मन ल ठगे जाथे।
नागरिक मन ले अपील करे गीस कि अगर कोनो अप्रवासी भारतीय ले जुड़े संदिग्ध गतिविधि के जानकारी मिलय, या कोनो सहायता के जरूरत होवय, त तुरंत संबंधित टोल-फ्री हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाना मं जानकारी देवंय।
समय मं दी गई जानकारी कई बार बड़े अपराध ल रोके मं मददगार साबित होथे।
युवा मन ल डिजिटल जिम्मेदारी के संदेश
आज के युवा मन इंटरनेट अऊ सोशल मीडिया के सबसे बड़े उपयोगकर्ता हवंय।
एला ध्यान मं रखके पुलिस अधिकारी मन विद्यार्थी अऊ युवा मन ल बताइन कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप या दूसर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मं अपन निजी जानकारी, आधार कार्ड, बैंक जानकारी या लोकेशन सार्वजनिक करना सुरक्षित नइ होवय।
ऑनलाइन गेमिंग, पार्ट टाइम जॉब, निवेश योजना, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कस्टमर केयर अऊ QR Code स्कैन करके पैसा कमाय के लालच ले घलो सावधान रहय के सलाह देय गीस।

अफवाह ले बचव, सही जानकारी ऊपर भरोसा करव
पुलिस अधिकारी मन नागरिक मन ल ए घलो समझाइन कि सोशल मीडिया मं फैलत हर संदेश सही नइ होवय।
कोनो घलो जानकारी ल जांचे बिना आगे भेजना कई बार कानूनन अपराध घलो बन सकथे।
अगर कोनो संदिग्ध वीडियो, फोटो या संदेश मिलय त ओला वायरल करे के बजाय पुलिस या प्रशासन ल जानकारी देना ज्यादा जिम्मेदारी के काम आय।
जनता अऊ पुलिस के बीच बढ़त भरोसा
कार्यक्रम के आखिर मं नागरिक मन पुलिस अधिकारी मन ले अलग-अलग विषय ऊपर सवाल पूछिन।
कई महिला मन महिला सुरक्षा संबंधी जानकारी लिहिन, युवा मन साइबर अपराध ले जुड़े सवाल पूछिन अऊ व्यापारी मन ऑनलाइन भुगतान मं सुरक्षा संबंधी जानकारी हासिल करिन।
पुलिस अधिकारी मन धैर्यपूर्वक सब्बो सवाल के जवाब देके नागरिक मन ल भरोसा दिलाइन कि पुलिस हर समय जनता के मदद बर तैयार हवय।
जागरूक समाजेच सुरक्षित समाज
विशेषज्ञ मन के माने जाथे कि साइबर अपराध ले बचाय के सबसे बड़े हथियार कानून नइ, बल्कि जागरूकता आय।
अगर नागरिक मन सतर्क रहिहीं, अंजान कॉल ऊपर भरोसा नइ करहीं, बैंक जानकारी साझा नइ करहीं अऊ समय मं पुलिस ल सूचना देवहीं, त अधिकांश साइबर अपराध होय के पहिली रोके जा सकथें।
शिवरीनारायण चौपाटी मं आयोजित ए अभियान ह सिरिफ एक कार्यक्रम नइ, बल्कि समाज ल सुरक्षित बनाय के दिशा मं एक मजबूत पहल माने जावत हवय।
पुलिस के अपील
कार्यक्रम के आखिर मं पुलिस विभाग ह नागरिक मन ले अपील करिस कि—
- अंजान कॉल ले सावधान रहव।
- OTP, PIN, CVV कभू साझा झन करव।
- संदिग्ध लिंक ऊपर क्लिक झन करव।
- महिला सुरक्षा संबंधी मामला मं तुरंत पुलिस ले संपर्क करव।
- NRI संबंधी संदिग्ध जानकारी तत्काल पुलिस या हेल्पलाइन मं देवव।
- साइबर ठगी होय के स्थिति मं तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाना मं शिकायत दर्ज करव।
