जांजगीर-चांपा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। सोशल मीडिया आज संगी-साथी बनाय, जानकारी बांटे अऊ दुनिया भर के लोगन संग जुड़े के आसान माध्यम बन गे हवय। फेर एही सोशल मीडिया के गलत उपयोग करके साइबर अपराधी मन निर्दोष लोगन ल अपन जाल मं फंसावत हवंय। इंस्टाग्राम, फेसबुक अऊ दूसर डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम ले दोस्ती कर, निजी जानकारी हासिल करके ब्लैकमेलिंग अऊ अश्लील सामग्री वायरल करे जइसने मामला अब लगातार सामने आवत हवंय।
एही किसिम के एक गंभीर मामला जांजगीर-चांपा जिला के थाना चांपा क्षेत्र ले सामने आइस, जिहां पुलिस ह त्वरित कार्रवाई करत पश्चिम बंगाल के कोलकाता ले एक युवक ल गिरफ्तार करे हवय। आरोपी ऊपर आरोप हवय कि वो इंस्टाग्राम के माध्यम ले महिला संग दोस्ती करके वीडियो कॉल दौरान अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करिस अऊ बाद मं ओला वायरल करे के धमकी देके ब्लैकमेल करना सुरू कर दिस।
नोट: पुलिस द्वारा दर्ज अपराध और जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। न्यायालय में दोष सिद्ध होने तक आरोपी कानून की नजर में आरोपित है।
इंस्टाग्राम ले सुरू होइस पहचान
पुलिस ले मिले जानकारी मुताबिक, पीड़िता के करीब एक साल पहिली इंस्टाग्राम के माध्यम ले आरोपी संग पहचान होइस। धीरे-धीरे बातचीत बढ़िस अऊ दूनों के बीच नियमित वीडियो कॉल होवत रहिस।
आरोप हवय कि एही दौरान आरोपी ह महिला के जानकारी बिना वीडियो कॉल के रिकॉर्डिंग कर लिहिस। बाद मं ए वीडियो के आधार मं महिला ल डराय-धमकाय अऊ ब्लैकमेल करना सुरू कर दिस।
जब पीड़िता ह आरोपी के दबाव अऊ धमकी ले परेशान होगे, त आखिरकार थाना चांपा पहुंचके पूरा मामला पुलिस ल बताइस।
अश्लील वीडियो वायरल करे के आरोप
शिकायत मं आरोप लगाय गे हवय कि आरोपी ह महिला के निजी वीडियो ल सोशल मीडिया मं वायरल करे के धमकी देय लागिस। बाद मं कथित रूप ले वीडियो ल वायरल करके पीड़िता ऊपर मानसिक दबाव बनाय के कोशिश करे गीस।
साइबर अपराध के ए किसिम के मामला मं पीड़ित व्यक्ति के सामाजिक सम्मान, मानसिक स्वास्थ्य अऊ निजी जीवन ऊपर गंभीर असर पड़ सकथे। एही कारण ले पुलिस ए मामला ल गंभीरता ले लेते हुए तुरंत जांच सुरू करिस।
थाना चांपा मं दर्ज होइस अपराध
पीड़िता के रिपोर्ट के आधार ऊपर थाना चांपा मं अपराध क्रमांक 127/26 दर्ज करे गीस।
पुलिस ह आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट के धारा 67(ए) अऊ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के धारा 79 के तहत अपराध दर्ज करके विवेचना सुरू करिस।
मामला साइबर अपराध ले जुड़े रहय, एखर से जांच मं साइबर सेल के तकनीकी सहायता घलो लीस।
साइबर सेल के मदद ले कोलकाता तक पहुंचिस पुलिस
डिजिटल तकनीक अऊ साइबर विश्लेषण के माध्यम ले पुलिस टीम आरोपी के लोकेशन तक पहुंचिस।
जांच के दौरान मिले तकनीकी सुराग के आधार ऊपर थाना चांपा पुलिस के विशेष टीम पश्चिम बंगाल के कोलकाता रवाना होइस।
वहां पुलिस ह अमल रैन, पिता लाल मोहम्मद रैन, उम्र 19 साल, निवासी रविंद्र सारनी, थाना पोस्ता, जिला कोलकाता (पश्चिम बंगाल) ल हिरासत मं लेइस।
पूछताछ मं जुर्म स्वीकार करे के दावा
पुलिस के मुताबिक पूछताछ दौरान आरोपी ह अपराध करना स्वीकार करे हवय।
जांच के दौरान आरोपी के कब्जा ले घटना मं उपयोग करे गे दू नग मोबाइल फोन जब्त करे गीस।
पुलिस ए मोबाइल मन ल डिजिटल फॉरेंसिक जांच बर सुरक्षित रखे हवय, ताकि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के आधार ऊपर विवेचना आगे बढ़ाय जा सके।
आरोपी न्यायिक रिमांड मं
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ह आरोपी ल नियमानुसार न्यायालय मं पेश करिस।
अदालत के आदेश बाद आरोपी ल न्यायिक रिमांड ऊपर जेल भेज देय गे हवय। मामला के जांच अभी घलो जारी हवय अऊ पुलिस डिजिटल साक्ष्य के आधार ऊपर आगे के कार्रवाई करत हवय।
साइबर अपराध ले बचाय बर पुलिस के सलाह
ए घटना के बाद पुलिस ह आम नागरिक, खासकर युवा अऊ महिला मन ल सोशल मीडिया उपयोग करत समय सावधानी बरते के सलाह दीस।
पुलिस के मुताबिक—
- सोशल मीडिया मं अंजान व्यक्ति संग निजी जानकारी साझा झन करव।
- वीडियो कॉल दौरान सतर्क रहव।
- निजी फोटो या वीडियो कभू अनजान व्यक्ति ल झन भेजव।
- ब्लैकमेलिंग होय त डरव झन, तुरंत पुलिस ल जानकारी देवव।
- साइबर ठगी या ऑनलाइन अपराध के स्थिति मं राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 मं शिकायत करव या cybercrime.gov.in पोर्टल के माध्यम ले रिपोर्ट दर्ज करव।
बढ़त साइबर अपराध समाज बर चुनौती
विशेषज्ञ मन के माने जाथे कि सोशल मीडिया के लोकप्रियता संग-संग साइबर अपराध के तरीका घलो बदलत चलत हवय।
पहिली जिहां ईमेल या फोन के माध्यम ले ठगी होवत रहिस, उहीं अब इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप अऊ वीडियो कॉल प्लेटफॉर्म के माध्यम ले ब्लैकमेलिंग, फर्जी पहचान, डिजिटल ठगी अऊ निजी सामग्री वायरल करे जइसने अपराध तेजी ले बढ़त हवंय।
एखर से डिजिटल जागरूकता अब समय के सबसे बड़े जरूरत बन गे हवय।
सतर्कता ह सबसे बड़े सुरक्षा
पुलिस अधिकारी मन के कहना हवय कि अधिकांश साइबर अपराध सतर्कता ले रोके जा सकथे।
अगर कोनो व्यक्ति सोशल मीडिया मं अपन निजी जानकारी सीमित रखही, अंजान लोगन ऊपर भरोसा नइ करही अऊ समय रहते पुलिस तक जानकारी पहुंचाही, त ए किसिम के अपराध के संभावना काफी कम हो सकथे।
चांपा पुलिस के ए कार्रवाई ए संदेश देथे कि साइबर अपराध चाहे जिहां ले संचालित होवत रहय, तकनीकी जांच अऊ अलग-अलग राज्य के पुलिस के समन्वय ले आरोपी तक पहुंचना अब संभव हवय।
