कोरबा पुलिस के ‘सजग कोरबा, सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत 19 साइबर ठगी पीड़ित मन ला 1,55,440 रुपिया वापस कराय गीस। NCRP पोर्टल, MRM Portal अउ बैंक मन के समन्वय ले होइस त्वरित कार्रवाई। पढ़व पूरा खबर।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । आज के डिजिटल जमाना मं ऑनलाइन ठगी के मामला तेजी ले बढ़त हे। कभू फर्जी लिंक, कभू निवेश के नाम मं धोखा, त कभू बैंक अधिकारी बनके ठग मन आम नागरिक मन के मेहनत के कमई ला पलभर मं पार कर देथें। अइसने बढ़त साइबर अपराध ऊपर लगाम कसने बर कोरबा पुलिस लगातार सक्रिय हे। एही कड़ी मं चलत “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत पुलिस एक बार फेर आम जनता बर राहत भरी खबर लेके आइस हे।
पुलिस के त्वरित कार्रवाई अउ बैंक मन के समन्वय के चलते 19 साइबर ठगी पीड़ित मन के बैंक खाता मं कुल 1 लाख 55 हजार 440 रुपिया वापस जमा कराय गीस। ए कार्रवाई ले सिरिफ पीड़ित मन के आर्थिक नुकसान के भरपाई नई होइस, बल्कि ए संदेश घलो मिलिस के समय रहते शिकायत करे ले साइबर ठगी के रकम वापस मिल सकथे।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन मं चलत हे लगातार अभियान
कोरबा जिला मं साइबर अपराध ऊपर रोक लगाय बर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन मं लगातार विशेष अभियान चलाय जात हे। ए काम मं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले अउ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कटघोरा) एवं साइबर नोडल अधिकारी नीतिश ठाकुर के मार्गदर्शन मं साइबर पुलिस थाना कोरबा सक्रिय रूप ले काम करत हे।
पुलिस के मुताबिक “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के मकसद सिरिफ साइबर अपराधी मन ऊपर कार्रवाई करना नइ, बल्कि आम जनता ला ऑनलाइन ठगी ले बचाय बर जागरूक करना घलो हे।
NCRP मं शिकायत मिलतिच शुरू होगे कार्रवाई
पुलिस बताइस के साइबर ठगी के जितका घलो शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) मं दर्ज होइस, ओमन ऊपर बिना देरी के कार्रवाई शुरू कर दीस।
शिकायत मिलतेच संबंधित बैंक, पेमेंट गेटवे अउ वित्तीय संस्थान मन संग समन्वय करके ठगी के रकम ला तत्काल होल्ड (Freeze) कराय गीस, ताकि रकम दूसर खाता मं ट्रांसफर नइ हो सके।
साइबर अपराध के मामला मं शुरुआती कुछ घंटा सबसे महत्वपूर्ण माने जाथे। समय रहते कार्रवाई होय के कारण कई मामला मं पीड़ित मन के रकम सुरक्षित बचाय जा सकिस।
MRM Portal के माध्यम ले रकम वापस कराय गीस
पुलिस बताइस के जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरा करे के बाद MRM Portal (Money Return Mechanism Portal) के माध्यम ले 19 अलग-अलग पीड़ित मन के बैंक खाता मं कुल 1,55,440 रुपिया सफलतापूर्वक वापस जमा कराय गीस।
रकम वापस मिलतिच पीड़ित मन राहत के सांस लिहिन अउ कोरबा पुलिस के त्वरित कार्रवाई बर आभार जताइन। कई पीड़ित मन कहिन के ओमन ला भरोसा नइ रहिस के ठगी के रकम वापस मिल सकही, फेर पुलिस के प्रयास ले ए संभव हो पाइस।
साइबर अपराध ले बचाय बर जागरूकता जरूरी
पुलिस के अनुसार, आजकल साइबर ठग नवा-नवा तरीका अपनावत हें। मोबाइल मं फर्जी लिंक भेजना, केवाईसी अपडेट के नाम मं OTP मांगना, निवेश मं मोटा मुनाफा के लालच देना, ऑनलाइन जॉब ऑफर, फर्जी लोन ऐप, सोशल मीडिया अकाउंट हैक करना जइसन तरीका के उपयोग करके लोगन ला ठगे जात हे।
एखर ले बचाय बर नागरिक मन ला सतर्क रहना बहुत जरूरी हे। काकरो संग अपन बैंक जानकारी, ATM पिन, CVV नंबर, OTP या इंटरनेट बैंकिंग के पासवर्ड साझा नइ करना चाही।
समय रहते शिकायत करे ले मिल सकथे राहत
कोरबा पुलिस कहिथे के जेन घड़ी ऑनलाइन ठगी होवय, ओ घड़ी बिना समय गंवाए तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन मं फोन करना चाही या NCRP पोर्टल मं शिकायत दर्ज करना चाही।
जतका जल्दी शिकायत होही, उतका जल्दी बैंक मन रकम ला होल्ड कर सकहीं अउ रकम वापस मिले के संभावना बढ़ जाथे।
पुलिस के प्रयास ले बढ़त हे भरोसा
“सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान सिरिफ अपराधी मन ऊपर कार्रवाई तक सीमित नइ हे। ए अभियान आम नागरिक मन मं साइबर सुरक्षा के प्रति भरोसा जगावत हे अउ ये संदेश देथे के पुलिस समय रहते कार्रवाई करके पीड़ित मन के नुकसान ला कम करे बर लगातार प्रयासरत हे।
कोरबा पुलिस के ए पहल दूसर जिला मन बर घलो एक अच्छा उदाहरण बन सकथे, जिहां साइबर अपराध के मामला लगातार बढ़त जात हे।
नागरिक मन बर पुलिस के अपील
कोरबा पुलिस आम जनता ले अपील करे हे के सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग अउ डिजिटल भुगतान करत बखत हमेशा सतर्क रहंय। अनजान लिंक ऊपर क्लिक नइ करंय, फर्जी कॉल ले सावधान रहंय अउ काकरो दबाव मं आके गोपनीय बैंक जानकारी साझा नइ करंय।
अगर कभू ऑनलाइन ठगी के शिकार हो जावव, त घबराय के बजाय तुरंत पुलिस अउ साइबर हेल्पलाइन मं शिकायत दर्ज करवाव। समय रहते उठाय गे एक कदम, आप मन के मेहनत के कमई ला वापस दिला सकथे।
कोरबा पुलिस के ए कार्रवाई फेर एक बार साबित कर दिस के तकनीक के सही उपयोग, त्वरित कार्रवाई अउ जनता के सहयोग ले साइबर अपराध ऊपर काफी हद तक नियंत्रण पाय जा सकथे।
