महासमुंद जिले में लगातार भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित। पिथौरा में सर्वाधिक 128.5 मिमी वर्षा दर्ज, जोगीडीपा में बाढ़ में फंसे 14 मजदूरों का नगर सेना ने किया सफल रेस्क्यू। जानिए जिले के ताजा हालात, प्रशासन की तैयारी और मौसम विभाग का अपडेट।
महासमुंद, (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले के अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि कई पुल-पुलियों के ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी गुजर रहा है। लगातार बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी बीच खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम जोगीडीपा से राहत देने वाली खबर सामने आई है। यहां पुलिया निर्माण कार्य में लगे 14 मजदूर अचानक बढ़ते जलस्तर के कारण चारों ओर से बाढ़ के पानी में फंस गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल नगर सेना की रेस्क्यू टीम को मौके पर रवाना किया। टीम ने तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जिले में औसतन 85.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज
सोमवार को महासमुंद जिले में औसतन 85.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिथौरा में सबसे अधिक 128.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सरायपाली में 97.7 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा जिले के अन्य विकासखंडों में भी अच्छी बारिश हुई है, जिसके चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
जोगीडीपा में बाढ़ के बीच फंसे मजदूर, समय रहते हुआ सफल रेस्क्यू
जानकारी के अनुसार खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम जोगीडीपा में पुलिया निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और निर्माण स्थल चारों ओर से पानी से घिर गया। देखते ही देखते वहां कार्य कर रहे मजदूर सुरक्षित बाहर निकलने में असमर्थ हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने बिना देर किए नगर सेना की विशेष रेस्क्यू टीम को रवाना किया। रेस्क्यू दल ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सहयोग से तेज बहाव के बीच अभियान चलाया और 10 पुरुष तथा 4 महिला मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित
लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई ग्रामीण मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। कई छोटे-बड़े पुलों और पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन रोक दिया गया है। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क अस्थायी रूप से टूट गया है, जिससे ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में पानी से लबालब भरे पुल-पुलियों या उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
जिले में लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पुलिस, नगर सेना और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव दल रवाना किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निचले इलाकों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू करें। साथ ही ग्रामीणों को भी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने जारी किया सतर्क रहने का संदेश
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल जिले में बारिश थमने के आसार नहीं हैं। आगामी दिनों में भी कई स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर और बढ़ सकता है, इसलिए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के इस सक्रिय दौर में ग्रामीण और नदी किनारे रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या नियंत्रण कक्ष को सूचना देना सबसे सुरक्षित कदम होगा।
जनजीवन पर व्यापक असर
लगातार हो रही बारिश का असर केवल सड़क संपर्क तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी के कार्य भी प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर खेतों में पानी भर गया है, जबकि बाजारों और मुख्य मार्गों पर भी जलभराव देखने को मिल रहा है। स्कूल, छोटे व्यवसाय और दैनिक आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
हालांकि, अच्छी बात यह रही कि जोगीडीपा में समय रहते चलाए गए रेस्क्यू अभियान ने 14 मजदूरों की जान बचाकर प्रशासन की तत्परता और आपदा प्रबंधन की प्रभावशीलता को साबित किया है। यदि सूचना मिलने में देरी होती या राहत दल समय पर नहीं पहुंचता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
फिलहाल प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सहयोग की अपील कर रहा है। मौसम सामान्य होने तक नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
