बलौदाबाजार जिला के पलारी विकासखंड मं भारी बारिश के बाद महानदी ऊपर बने एनीकेट पानी मं डूब गे हवय। रोहांसी अउ अमेठी सहित कई गांव के संपर्क टूट गे हवय। ग्रामीण मन स्थायी ऊंचा पुल बनाय के मांग करत हवंय। पढ़व पूरा खबर।
बलौदाबाजार (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ मं लगातार होवत मानसूनी बारिश अब ग्रामीण इलाका मन बर बड़ी परेशानी के कारण बनत दिखत हवय। बलौदाबाजार जिला के पलारी विकासखंड मं सिरिफ एक दिन के तेज बारिश ले महानदी के जलस्तर तेजी ले बढ़ गे, जेनकर असर सीधे गांव के जनजीवन ऊपर दिखे लागिस। ग्राम रोहांसी अउ अमेठी ला जोड़ई वाला महानदी ऊपर बने एनीकेट पूरी तरह पानी मं डूब गे हवय। एनीकेट ऊपर करीब दू ले ढाई फीट पानी बहत हवय, जेन ले आवागमन पूरी तरह बंद हो गे हवय।
ए स्थिति के कारण अमेठी सहित आसपास के कई वनांचल गांव के लोगन के पलारी अउ बलौदाबाजार ले सीधा संपर्क टूट गे हवय। रोज के कामकाज, इलाज, पढ़ई अउ जरूरी सेवा मन बर अब ग्रामीण मन ला भारी दिक्कत के सामना करना पड़त हवय।
एक दिन के तेज बारिश ले बदल गे हालात
क्षेत्र मं लगातार होवत बारिश के कारण महानदी मं पानी के बहाव अचानक बढ़ गे। जलस्तर बढ़त-बढ़त एनीकेट पूरी तरह डूब गे अउ ओकर ऊपर तेज धार ले पानी बहना शुरू होगे। सुरक्षा के दृष्टि ले एनीकेट ले आवागमन पूरी तरह बंद कर दे गे हवय।
ग्रामीण मन बताथें कि बरसात के हर मौसम मं अइसने हालात बनथे। पानी बढ़तेच एनीकेट डूब जाथे अउ कई गांव बाहरी दुनिया ले कट जाथें। हर साल ए समस्या दोहराय जाथे, फेर अब तक स्थायी समाधान नइ मिल पाय हवय।
कई गांव के संपर्क टूटिस
एनीकेट डूबे के बाद अमेठी, रोहांसी अउ आसपास के कई गांव के लोगन के पलारी अउ जिला मुख्यालय तक पहुंचना कठिन हो गे हवय। खेती-किसानी, बाजार, सरकारी दफ्तर, अस्पताल अउ स्कूल-कॉलेज जाए मं भारी परेशानी होवत हवय।
ग्रामीण मन के कहना हवय कि ए रास्ता बंद होय के बाद अब सीधा मार्ग उपलब्ध नइये। एखर कारण लोगन ला लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाय बर मजबूर होना पड़त हवय।
70 किलोमीटर के लंबा चक्कर लगाय के मजबूरी
पहिली जिहां लोग एनीकेट पार करके कुछ मिनट मं पलारी या रोहांसी पहुंच जावत रहिन, ओतके अब पानी भर जाए के बाद करीब 70 किलोमीटर के लंबा चक्कर लगाना पड़त हवय।
एखर ले समय अउ खर्च दुनों बढ़ गे हवय। किसान मन अपन उपज बाजार तक पहुंचाय मं परेशानी झेलत हवंय, त रोज कमाय-खाय वाले मजदूर मन घलो प्रभावित होवत हवंय। पेट्रोल-डीजल के अतिरिक्त खर्च घलो ग्रामीण मन बर आर्थिक बोझ बनत हवय।
मरीज अउ विद्यार्थी मन सबसे जियादा प्रभावित
एनीकेट डूबे के सबसे जियादा असर मरीज, गर्भवती महिला, बुजुर्ग अउ विद्यार्थी मन ऊपर पड़त हवय। अगर कोनो गंभीर मरीज ला तत्काल अस्पताल पहुंचाय के जरूरत पड़ जावय, त लंबा रास्ता तय करे के कारण इलाज मं देरी हो सकथे।
संगे-संग स्कूल अउ कॉलेज जाए वाले विद्यार्थी मन ला घलो रोजाना भारी परेशानी झेलना पड़त हवय। कई बार खराब मौसम के कारण पढ़ई घलो प्रभावित हो जाथे।
ग्रामीण मन के कहना हवय कि बरसात के महीना मं अइसन स्थिति हर साल बनथे, जेन ले जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाथे।
ग्रामीण मन फेर उठाइन पुल निर्माण के मांग
लगातार बनत ए समस्या के बाद गांव के लोगन फेर एक बार शासन अउ प्रशासन ले महानदी ऊपर स्थायी अउ ऊंचा पुल बनाय के मांग करे हवंय।
ग्रामीण मन के कहना हवय कि एनीकेट बरसात के मौसम मं उपयोगी नइ रहिथे। यदि ए जगह एक मजबूत अउ ऊंचा पुल बन जाही, त साल भर आवागमन सुचारु रूप ले चल सकही अउ हजारों लोगन ला राहत मिलही।
गांव वाले मन के मुताबिक, पुल बनाय ले सिरिफ सुविधा नइ बढ़ही, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक अउ शैक्षणिक विकास ला घलो नई गति मिलही।
बरसों ले बने हवय समस्या
स्थानीय लोगन बताथें कि ए समस्या नई नइये। हर मानसून मं महानदी के जलस्तर बढ़तेच एनीकेट डूब जाथे अउ गांव के संपर्क टूट जाथे। कई बार जनप्रतिनिधि अउ प्रशासन ला ज्ञापन घलो सौंपे गे हवय, फेर आज तक स्थायी पुल निर्माण के दिशा मं ठोस पहल नइ हो पाय हवय।
ग्रामीण मन के मानना हवय कि यदि समय रहते पुल निर्माण हो जाही, त हर साल बरसात मं होने वाली परेशानी ले स्थायी राहत मिल सकही।
प्रशासन ले त्वरित पहल के उम्मीद
क्षेत्र के नागरिक मन अब शासन अउ प्रशासन ले उम्मीद करत हवंय कि ए गंभीर समस्या ला प्राथमिकता देके महानदी ऊपर जल्द ले जल्द स्थायी पुल निर्माण के मंजूरी दी जावय। ए पुल सिरिफ आवागमन के साधन नइ होही, बल्कि हजारों ग्रामीण परिवार मन बर सुरक्षित जीवन, बेहतर शिक्षा, समय पर इलाज अउ आर्थिक विकास के मजबूत आधार बनही।
फिलहाल महानदी मं जलस्तर ऊंचा बने हवय अउ एनीकेट पूरी तरह पानी मं डूबे हवय। प्रशासन ह घलो लोगन ला पानी कम होय तक एनीकेट पार करे के प्रयास नइ करे बर सलाह दे हवय। ग्रामीण मन अब आस लगाय बैठे हवंय कि ए बरसों पुराना मांग ऊपर सरकार जल्द सकारात्मक फैसला लेही।
