कोरबा के चर्चित राज ज्वेलर्स छुरी लूटकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या, दुष्कर्म समेत गंभीर अपराधों में जेल जा चुके दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। जानिए पूरी घटना, पुलिस जांच और गिरफ्तारी की विस्तृत रिपोर्ट।
कोरबा, (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)
कोरबा जिले के चर्चित राज ज्वेलर्स, छुरी लूटकांड का आखिरकार पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। महज कुछ दिनों के भीतर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश लगातार जारी है।
सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों में जेल जा चुके हैं। जेल में ही तीनों के बीच दोस्ती हुई थी और वहीं से उन्होंने बाहर निकलने के बाद बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना तैयार की थी।
ग्राहक बनकर पहुंचे, फिर तान दिया देशी कट्टा
पुलिस के अनुसार, 1 जुलाई 2026 की दोपहर लगभग एक बजे तीन बदमाश छुरीकला स्थित राज ज्वेलर्स पहुंचे। तीनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर गमछा बांध रखा था। इनमें से एक आरोपी महिला के भेष में था ताकि किसी को उन पर शक न हो।
दुकान में पहुंचकर आरोपियों ने पहले चांदी की अंगूठियां देखने की बात कही। जैसे ही दुकान संचालक राजकुमार अग्रवाल काउंटर पर पहुंचे, एक आरोपी ने तुरंत दुकान का दरवाजा बंद कर दिया। वहीं दूसरे आरोपी ने देशी कट्टा निकालकर दुकानदार की छाती पर तान दिया और उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डालने का प्रयास किया।
इस दौरान तीसरा आरोपी दुकान में रखे सोने-चांदी के आभूषणों को बैग में भरने लगा। पूरी वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी जा रही थी, लेकिन तभी दुकान के बाहर लोगों की हलचल बढ़ने लगी।
भीड़ जुटते ही घबराए आरोपी, मौके पर छोड़ गए हथियार और बाइक
दुकान के बाहर लोगों की भीड़ जमा होते देख आरोपी घबरा गए। पकड़े जाने के डर से वे जल्दबाजी में मौके से फरार हो गए। भागने की जल्दबाजी में वे चोरी की बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल और घटना में इस्तेमाल किया गया देशी कट्टा घटनास्थल पर ही छोड़ गए।
यही दोनों अहम सुराग बाद में पुलिस जांच में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए।
100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पुलिस ने जोड़े सबूत
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा नीतीश कुमार ठाकुर तथा नगर पुलिस अधीक्षक दर्री विमल कुमार पाठक के मार्गदर्शन में कटघोरा थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम को सौंपी गई।
टीम ने लगातार कई दिनों तक मेहनत करते हुए क्षेत्र के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल ट्रैकिंग और स्थानीय मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई।
जंगलों के रास्ते भाग रहे थे आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी मुख्य सड़कों से बचते हुए जंगलों और ग्रामीण मार्गों का उपयोग कर रहे हैं, ताकि पुलिस की नजर से बच सकें।
इसके बाद पुलिस टीम ने जशपुर, पत्थलगांव, धरमजयगढ़, सीतापुर और अंबिकापुर सहित कई इलाकों में लगातार दबिश दी। आखिरकार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश जारी
पुलिस ने गोपाल सिंह गोंड (38 वर्ष), निवासी घुचापुर तथा परदेशी राठिया (40 वर्ष), निवासी जिलगा (बरपाली) को गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पूरी वारदात स्वीकार कर ली। वहीं इस मामले का तीसरा आरोपी विष्णु प्रसाद राठिया, निवासी कोलगा अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जेल में हुई दोस्ती, बाहर आकर बनाई लूट की योजना
पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी पहले भी हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों में जेल की सजा काट चुके हैं। जेल में ही तीनों के बीच गहरी दोस्ती हुई थी।
रिहा होने के बाद उन्होंने आर्थिक लाभ के उद्देश्य से लूट की योजना बनाई। इसके लिए पहले चोरी की मोटरसाइकिल की व्यवस्था की गई और फिर देशी कट्टे के साथ सुनियोजित तरीके से राज ज्वेलर्स को निशाना बनाया गया।
हालांकि स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण आरोपियों की योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी।
न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए आरोपी
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने वारदात की योजना किन-किन लोगों के साथ मिलकर बनाई थी और क्या इस गिरोह का संबंध अन्य घटनाओं से भी जुड़ा हुआ है।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी मोतीलाल पटेल, निरीक्षक धर्मनारायण तिवारी, साइबर थाना के उपनिरीक्षक अजय सोनवानी सहित कटघोरा थाना एवं विशेष जांच टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
