कोरबा के कुसमुंडा खदान मं एसईसीएल ह भारत के पहिली ऑटोमैटिक डम्पर वॉशिंग एरिया स्थापित करे हवय। ए नई तकनीक ले डम्पर के साफ-सफाई, सुरक्षा, कार्यक्षमता अऊ खनन कार्य मं मिलही बड़ा फायदा। पढ़व पूरी खबर।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) ।देश के कोयला उत्पादन मं अग्रणी भूमिका निभावत एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) एक बार फेर नवाचार के दिशा मं बड़ा कदम उठाय हवय। कोरबा जिला के कुसमुंडा एरिया मं भारत के पहिली ऑटोमैटिक डम्पर वॉशिंग एरिया स्थापित करे गे हवय। ए नई सुविधा ले भारी-भरकम डम्पर मन के साफ-सफाई अब पहले ले जियादा तेज, सुरक्षित अऊ प्रभावी ढंग ले होही।
खनन क्षेत्र मं रोजाना सैकड़ों टन कोयला अऊ ओवरबर्डन के परिवहन बर विशाल डम्पर मन के उपयोग होथे। ए डम्पर मन लगातार कीचड़, धूल अऊ कोयला के बारीक कण ले भर जाथें, जेन ले मशीन के कार्यक्षमता प्रभावित होथे अऊ सुरक्षा संबंधी खतरा घलो बढ़ जाथे। ए समस्या ला ध्यान मं रखत एसईसीएल ह अत्याधुनिक ऑटोमैटिक डम्पर वॉशिंग सिस्टम के शुरुआत करे हवय।
खनन क्षेत्र बर नई तकनीक के ऐतिहासिक पहल
कुसमुंडा खदान मं स्थापित ए ऑटोमैटिक डम्पर वॉशिंग एरिया सिरिफ एसईसीएल बर नइ, बल्कि पूरा भारतीय खनन उद्योग बर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माने जात हवय। ए सिस्टम के माध्यम ले विशाल डम्पर मन के बाहरी हिस्सा अऊ पहिया मं जमे कीचड़, कोयला अऊ धूल ला कम समय मं प्रभावी ढंग ले साफ करे जा सकही।
पहिली जिहां ए काम मं काफी समय, मेहनत अऊ मानव संसाधन लगत रहिस, अब ओही प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित अऊ तकनीक आधारित होगे हवय।
बरसात के मौसम मं मिलही सबसे जियादा फायदा
बरसात के समय खदान के फेस मं कोयला, मिट्टी अऊ पानी मिलके भारी कीचड़ बन जाथे। ए हालात मं डम्पर, हॉलपैक ट्रक अऊ दूसर भारी वाहन मन के पहिया, चेसिस अऊ बॉडी मं मोटा परत के रूप मं गंदगी जमा हो जाथे।
अगर समय रहते ए गंदगी साफ नइ होय, त वाहन के वजन बढ़ जाथे, ब्रेकिंग सिस्टम प्रभावित हो सकथे अऊ कई तकनीकी दिक्कत घलो आ सकथे।
अब ऑटोमैटिक डम्पर वॉशिंग एरिया के माध्यम ले ए गंदगी ला तेजी ले हटाय जा सकही, जेन ले वाहन मन बिना रुकावट अपन काम कर सकहीं।
सुरक्षा अऊ कार्यक्षमता दूनों मं होही बढ़ोतरी
एसईसीएल के ए पहल के सबसे बड़ा फायदा सुरक्षा के क्षेत्र मं दिखाई देही। नियमित साफ-सफाई ले डम्पर के जरूरी पार्ट्स साफ रहिहीं, जेन ले निरीक्षण अऊ रखरखाव मं आसानी होही।
विशेषज्ञ मन के मुताबिक गंदगी जमे रहय ले कई बार वाहन के तकनीकी खराबी समय रहते दिखाई नइ देय। साफ वाहन मं किसी घलो खराबी के जल्दी पहचान हो जाथे, जेन ले दुर्घटना के संभावना काफी कम हो जाथे।
साफ-सुथरा डम्पर बेहतर प्रदर्शन करथे अऊ मशीन के जीवनकाल घलो बढ़थे।
कम समय मं जियादा वाहन के होही सफाई
ऑटोमैटिक वॉशिंग सिस्टम के सबसे बड़ा विशेषता ए हवय कि कम समय मं अधिक संख्या मं डम्पर मन के साफ करे जा सकथे।
पहिली जिहां एक-एक वाहन के सफाई मं काफी समय लगत रहिस, अब आधुनिक तकनीक के मदद ले पूरा प्रक्रिया तेज होगे हवय। ए ले खदान के उत्पादन अऊ परिवहन कार्य घलो प्रभावित नइ होही।
स्वच्छता के संग पर्यावरण संरक्षण घलो
खनन क्षेत्र मं जमे कीचड़ अऊ कोयला के धूल अक्सर सड़क मं फैल जाथे, जेन ले प्रदूषण बढ़थे अऊ आसपास के वातावरण प्रभावित होथे।
ऑटोमैटिक वॉशिंग एरिया शुरू होए ले वाहन साफ हालत मं खदान ले निकरहीं। ए ले सड़क मं कीचड़ कम फैलही, धूल-गंदगी घटही अऊ कार्यस्थल घलो साफ-सुथरा बनी रहिही।
ए पहल पर्यावरण संरक्षण अऊ बेहतर कार्यस्थल विकसित करे के दिशा मं घलो महत्वपूर्ण कदम माने जात हवय।
आधुनिक तकनीक अपनावत एसईसीएल
पिछला कुछ बछर ले एसईसीएल लगातार डिजिटल तकनीक, आधुनिक मशीनरी अऊ स्मार्ट माइनिंग सिस्टम अपनावत हवय। उत्पादन क्षमता बढ़ाय, कर्मचारी सुरक्षा सुनिश्चित करे अऊ पर्यावरण संरक्षण ला ध्यान मं रखत कई नवाचार लागू करे जा चुके हवंय।
कुसमुंडा खदान मं भारत के पहिली ऑटोमैटिक डम्पर वॉशिंग एरिया के स्थापना घलो एही श्रृंखला के एक महत्वपूर्ण कड़ी माने जात हवय।
खनन विशेषज्ञ मन के मुताबिक अगर ए मॉडल सफल रहिस, त आने वाला समय मं एसईसीएल के दूसर एरिया अऊ देश के अन्य कोयला खदान मन मं घलो ए व्यवस्था लागू करे जा सकथे।
कुसमुंडा फेर बनिस देश बर मिसाल
कुसमुंडा खदान पहले लेच देश के सबसे बड़े ओपनकास्ट कोयला परियोजना मन मं गिने जाथे। अब भारत के पहिली ऑटोमैटिक डम्पर वॉशिंग एरिया स्थापित होए ले ए परियोजना फेर एक नई पहचान बना लिहिस।
ए पहल सिरिफ मशीन के साफ-सफाई तक सीमित नइ हवय, बल्कि आधुनिक तकनीक, सुरक्षित खनन, बेहतर कार्यप्रणाली अऊ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के घलो प्रतीक आय।
खनन क्षेत्र मं नई सोच के शुरुआत
एसईसीएल के ए नवाचार ले साफ दिखाई देथे कि अब भारतीय खनन उद्योग पारंपरिक व्यवस्था ले निकलके आधुनिक तकनीक के ओर तेजी ले बढ़त हवय।
आने वाला समय मं ए तरह के तकनीकी बदलाव उत्पादन बढ़ाय, लागत घटाय, दुर्घटना कम करे अऊ कर्मचारियों के सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराय मं महत्वपूर्ण भूमिका निभाही।
कुसमुंडा मं शुरू होए भारत के पहिली ऑटोमैटिक डम्पर वॉशिंग एरिया निश्चित रूप ले देश के खनन क्षेत्र बर एक नई दिशा अऊ नई सोच के शुरुआत माने जाही।
