कोरबा न्यूज: जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के अध्यक्ष रजनीश सिंह ने कहा कि बिलासपुर संभाग के सभी छह जिलों में किसानों के लिए खाद की कोई कमी नहीं है। सहकारिता सप्ताह, केसीसी कार्ड, रुपे कार्ड वितरण और कृषक सम्मेलन को लेकर पढ़ें पूरी खबर।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर अक्सर चिंता बनी रहती है, लेकिन इस बार बिलासपुर संभाग के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर के अध्यक्ष रजनीश सिंह ने स्पष्ट किया है कि बैंक के कार्यक्षेत्र में आने वाले सभी छह जिलों में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
रविवार को कोरबा प्रेस क्लब के तिलक भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने सहकारिता क्षेत्र में हो रहे बदलावों, किसानों के लिए संचालित योजनाओं और सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसी दिशा में सहकारी संस्थाओं के माध्यम से लगातार व्यवस्थाएं मजबूत की जा रही हैं।
किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता
पत्रकारों से चर्चा के दौरान रजनीश सिंह ने कहा कि खरीफ फसल की बुवाई के समय खाद की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। इसे देखते हुए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और सहकारी समितियों के माध्यम से पहले से ही आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अंतर्गत आने वाले कोरबा, बिलासपुर सहित सभी छह जिलों में खाद का पर्याप्त भंडारण किया गया है। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत के अनुसार खाद की आपूर्ति समय पर सुनिश्चित की जाएगी।
रजनीश सिंह ने किसानों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और निर्धारित सहकारी समितियों के माध्यम से ही खाद प्राप्त करें।
सहकारिता सप्ताह के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंच रही योजनाएं
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को सहकारिता विभाग की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
उनका कहना था कि सहकारिता केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में भी लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से गांव स्तर तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने किसानों को वितरित किए केसीसी और रुपे कार्ड
रजनीश सिंह ने जानकारी दी कि सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत 3 जुलाई को रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सहकारिता क्षेत्र से जुड़े किसानों को करोड़ों रुपये की विभिन्न योजनाओं की राशि वितरित की।
इस अवसर पर किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और रुपे कार्ड भी प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को आसान वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराना, खेती के लिए समय पर ऋण उपलब्ध कराना और डिजिटल बैंकिंग से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि किसान आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठाएं और कृषि कार्यों के लिए उन्हें आर्थिक संसाधनों की कमी का सामना न करना पड़े।
भैंसमा में आयोजित हुआ विशाल कृषक सम्मेलन
रजनीश सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 10 आकांक्षी जिलों में शामिल कोरबा जिले के भैंसमा में रविवार को एक विशाल कृषक सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सहकारिता विभाग से जुड़े पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को सहकारी संस्थाओं की भूमिका, कृषि ऋण, खाद वितरण व्यवस्था तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना था।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन किसानों और सहकारी संस्थाओं के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सहकारिता मॉडल से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था
पत्रकार वार्ता के दौरान रजनीश सिंह ने कहा कि सहकारिता आंदोलन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसानों को समय पर ऋण, खाद, बीज और अन्य कृषि संसाधन उपलब्ध कराने में सहकारी संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को एक ही मंच पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों, जिससे उनकी खेती की लागत कम हो और उत्पादन बढ़े। सहकारिता संस्थाओं को तकनीकी रूप से भी मजबूत किया जा रहा है ताकि सेवाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकें।
किसानों से किया सहयोग का आह्वान
अपने संबोधन के अंत में रजनीश सिंह ने किसानों से अपील की कि वे सहकारी समितियों से जुड़े रहें और शासन द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि खाद वितरण, ऋण सुविधा और कृषि से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सहकारिता का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है। इसके लिए सरकार और सहकारी संस्थाएं लगातार मिलकर कार्य कर रही हैं।
किसानों के लिए राहत की खबर
खरीफ सीजन के बीच खाद की उपलब्धता को लेकर दिए गए इस आश्वासन से बिलासपुर संभाग के किसानों को निश्चित रूप से राहत मिलेगी। यदि जमीनी स्तर पर भी यही व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो किसानों को समय पर खाद मिलने से खेती के कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
सरकार और सहकारी संस्थाओं की ओर से किए जा रहे प्रयास यह संकेत देते हैं कि किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कृषि व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
