कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने करतला विकासखंड के तिलकेजा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति का निरीक्षण कर खाद-बीज वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। किसानों से सीधे संवाद किया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कोरबा | (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शुक्रवार को करतला विकासखंड के तिलकेजा स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समिति की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया, किसानों से सीधे संवाद स्थापित किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी किसान को कृषि कार्यों के दौरान खाद-बीज की कमी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने समिति प्रबंधन से खाद एवं बीज के उपलब्ध स्टॉक, नैनो उर्वरकों के वितरण, समिति से जुड़े किसानों की संख्या तथा वितरण व्यवस्था से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खरीफ फसल का समय किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, इसलिए आवश्यक कृषि सामग्री की उपलब्धता में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समिति प्रबंधन को दिए स्पष्ट निर्देश
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने समिति प्रबंधन को निर्देशित किया कि किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज का भंडारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाया जाए ताकि किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा या किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर स्टॉक कम होने की संभावना हो तो उसकी जानकारी समय रहते संबंधित अधिकारियों को दी जाए, जिससे आवश्यक आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जा सके।
किसानों से सीधे बातचीत कर जाना हाल
निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू किसानों से कलेक्टर का सीधा संवाद रहा। समिति परिसर में मौजूद किसानों से उन्होंने व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और पूछा कि क्या उन्हें समय पर खाद, बीज एवं अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध हो रही है या नहीं।
किसानों ने बताया कि समिति के माध्यम से उन्हें आवश्यक कृषि आदान समय पर मिल रहे हैं तथा वितरण व्यवस्था संतोषजनक है। किसानों ने यह भी कहा कि उन्हें किसी प्रकार की विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
किसानों की सकारात्मक प्रतिक्रिया सुनकर कलेक्टर ने संतोष व्यक्त किया और कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यही है कि खेती के मौसम में किसी भी किसान का कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने किसानों से शासन द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील भी की।
खरीफ सीजन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क
खरीफ सीजन में समय पर खाद एवं बीज की उपलब्धता कृषि उत्पादन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन लगातार सहकारी समितियों की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी समितियों में नियमित रूप से स्टॉक की समीक्षा की जाए और वितरण प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जाए। यदि किसी क्षेत्र में किसानों की संख्या अधिक है तो वहां अतिरिक्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए ताकि किसी प्रकार की कमी उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि किसानों की छोटी-छोटी समस्याओं का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए, क्योंकि कृषि क्षेत्र जिले की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत ने समिति परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत आम का पौधा रोपित किया। पौधरोपण के माध्यम से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग ने भी अभियान में सहभागिता निभाते हुए आंवला का पौधा लगाया। अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया।
यह अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने का भी प्रयास है।
अधिकारी भी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान सहायक कलेक्टर ईशांत जायसवाल, एसडीएम सरोज महिलांगे सहित कृषि एवं सहकारिता विभाग के संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने समिति की व्यवस्थाओं की जानकारी कलेक्टर को दी और किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया।
किसानों के हित में लगातार सक्रिय है जिला प्रशासन
जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को खेती के हर चरण में आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों। खाद-बीज वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी, किसानों से प्रत्यक्ष संवाद और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे प्रयास इसी दिशा में किए जा रहे हैं।
कलेक्टर के इस निरीक्षण से यह संदेश भी गया कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और खेती-किसानी से जुड़े हर मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान प्रशासनिक गतिविधियों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
