कोरबा के सीएसईबी चौक पर नो एंट्री में ट्रक घुसने से हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जांच के आदेश दिए।
कोरबा। (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर कोरबा में सीएसईबी चौक पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए यातायात व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर की गई। प्रारंभिक जांच में ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद दोनों जवानों को निलंबित करने के साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आया, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था और नो एंट्री नियमों के पालन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला और प्रशासन पर सख्त कार्रवाई का दबाव बना।
ड्यूटी में लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रधान आरक्षक क्रमांक 352 शशिधर जायसवाल और आरक्षक क्रमांक 738 टंकेश्वर पटेल को प्रथम दृष्टया कर्तव्य पालन में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का दोषी पाया गया। इसके आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय रक्षित केंद्र, कोरबा निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
कैसे हुआ पूरा हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे वाले दिन दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी शहर के व्यस्त सीएसईबी चौक पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाई गई थी। इसी दौरान कटघोरा की ओर से राखड़ (फ्लाई ऐश) से भरी एक 14 चक्का भारी ट्रक नो एंट्री क्षेत्र में प्रवेश कर गई।
नियमों के अनुसार ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी थी कि वे ट्रक को तत्काल रोकते, उसे नो एंट्री क्षेत्र से बाहर करवाते और वाहन चालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते। लेकिन प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ऐसा नहीं किया गया। ट्रक बिना किसी रोक-टोक के शहर के भीतर आगे बढ़ गया।
सीएसईबी चौक पर हुआ दर्दनाक हादसा
नो एंट्री क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद ट्रक सीएसईबी चौक तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक तेज और लापरवाहीपूर्ण तरीके से वाहन चला रहा था। इसी दौरान ट्रक ने एक स्कूटी सवार को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसा इतना भीषण था कि स्कूटी चालक की मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुई इस दुर्घटना से चौक पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई और घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। नागरिकों ने नो एंट्री नियमों के पालन और भारी वाहनों की आवाजाही पर सवाल उठाए।
प्रारंभिक जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) से प्रारंभिक जांच कराई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि ड्यूटी पर मौजूद दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्यों का समुचित निर्वहन नहीं किया।
यदि समय रहते ट्रक को नो एंट्री क्षेत्र में ही रोक दिया जाता तो संभवतः यह हादसा टाला जा सकता था। इसी आधार पर दोनों जवानों के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया।
तीन दिनों में मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
पुलिस अधीक्षक ने केवल निलंबन तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। उन्होंने नगर पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इस जांच में यह भी देखा जाएगा कि ट्रक नो एंट्री क्षेत्र तक कैसे पहुंचा, चालक की भूमिका क्या रही, यातायात व्यवस्था में और किन स्तरों पर चूक हुई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन सुधारात्मक कदमों की आवश्यकता है।
सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश
कोरबा पुलिस की इस कार्रवाई को सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के प्रति एक स्पष्ट और सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
यातायात नियमों का पालन केवल आम नागरिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू कराना संबंधित अधिकारियों की भी समान जिम्मेदारी है। यदि इस जिम्मेदारी में किसी प्रकार की चूक होती है और उसका परिणाम किसी निर्दोष व्यक्ति की जान जाने के रूप में सामने आता है, तो जवाबदेही तय होना भी उतना ही आवश्यक है।
स्थानीय लोगों की मांग—नो एंट्री नियमों का हो सख्ती से पालन
घटना के बाद शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों के लिए निर्धारित नो एंट्री समय का कड़ाई से पालन कराया जाए। लोगों का कहना है कि कई बार प्रतिबंधित समय में भी भारी वाहन शहर के भीतर प्रवेश कर जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि नियमित निगरानी, प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन और नियमों का सख्ती से पालन ही ऐसे हादसों को रोक सकता है।
जांच रिपोर्ट के बाद हो सकती है आगे की कार्रवाई
फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। वहीं ट्रक चालक के खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया जारी है।
