कोरबा में जिला कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर भाजपा सरकार पर गरीबों के आशियाने उजाड़ने का आरोप लगाया। पढ़ें पूरी खबर।
कोरबा।(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर कोरबा जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को रायपुर के समीप स्थित नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवारी बाजार स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा के समक्ष एकत्र होकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर सरकार की कार्रवाई को गरीब और आमजन विरोधी बताया गया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता, ओबीसी प्रकोष्ठ के सदस्य तथा स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने प्रशासन के माध्यम से रायपुर के माना क्षेत्र के नकटी गांव में जिस प्रकार मकानों पर बुलडोजर चलवाया, उससे सैकड़ों लोगों का आशियाना उजड़ गया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यह कार्रवाई न केवल अमानवीय है, बल्कि बरसात के मौसम में लोगों को बेघर कर देना सरकार की संवेदनहीनता को भी दर्शाता है।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि नकटी गांव के लोगों की पीड़ा पूरे प्रदेश ने देखी है। जिन परिवारों ने वर्षों की मेहनत और खून-पसीने की कमाई से अपने घर बनाए थे, वे आज खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में इस प्रकार की कार्रवाई किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कही जा

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का तर्क है कि उक्त भूमि पर विधायक कॉलोनी का निर्माण किया जाएगा, जबकि प्रदेश के अधिकांश विधायकों ने स्वयं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसका विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि गरीबों के घर उजाड़कर विधायक निवास बनाने की आवश्यकता नहीं है और वे ऐसे किसी भी प्रस्ताव के पक्ष में नहीं हैं। जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि जब स्वयं जनप्रतिनिधि इस योजना का विरोध कर रहे हैं, तब सरकार को अपनी कार्यवाही पर पुनर्विचार करना चाहिए।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश राठौर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नकटी गांव में की गई कार्रवाई पूरी तरह संवेदनहीन है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर पूरे गांव को उजाड़ देना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। सरकार को पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए थी, उसके बाद किसी भी प्रकार का निर्णय लिया जाना चाहिए था।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष नत्थुलाल यादव ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई के बाद कई परिवारों के सामने रहने और खाने तक का संकट खड़ा हो गया है। बरसात के बीच खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हुए ग्रामीणों की स्थिति बेहद दयनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास और राहत की व्यवस्था करनी चाहिए।

पूर्व सभापति श्याम सुंदर सोनी ने भी सरकार की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि नकटी गांव में कई मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए थे, जबकि कुछ मकानों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में था। ग्रामीणों ने वर्षों तक मेहनत कर अपनी छोटी-छोटी बचत से घर बनाने का सपना पूरा किया था। गांव के बच्चों की पढ़ाई भी पास के विद्यालय में नियमित रूप से चल रही थी, लेकिन अचानक हुई कार्रवाई से पूरे गांव का सामाजिक और आर्थिक ढांचा प्रभावित हो गया।
उन्होंने कहा कि किसी भी विकास योजना को लागू करने से पहले स्थानीय लोगों की सहमति और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो इससे आम नागरिकों का शासन-प्रशासन पर विश्वास कमजोर होता है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि नकटी गांव के प्रभावित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा, वैकल्पिक आवास तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की कार्रवाई से पहले मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की भी मांग की गई।
इस विरोध प्रदर्शन में महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी, ओबीसी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष गजानंद साहु, मो. शाहिद, गिरधारी बरेठ, नारायण कुर्रे, राजेंद्र तिवारी, विनोद अग्रवाल, मनहरण राठौर, कृपाराम साहु, रमेश वर्मा, रोपा तिर्की, मस्तुल सिंह कंवर, सुकसागर निर्मलकर, पालूराम साहु, रवि सिंह चंदेल, संतोष यादव, सुभाष राठौर, हिमांशु सिंह, निर्मल सिंह राज, सुभद्रा सिंह, संगीता श्रीवास, शशिलता पांडेय, आशीष गुप्ता, कुंजबिहारी साहु, महेंद्र थवाईत, संतोष राठौर, गोपाल यादव, पंचराम निराला, इकबाल कुरैशी, विजय आदिले, रवि टोप्पो, विजय आनंद, पवन विश्वकर्मा, विवेक श्रीवास, जीवन चौहान, देवीदयाल सोनी, लक्ष्मी महंत, रवि सचदेवा, हरविंदर सिंह, देव जायसवाल, अनवर रजा, संजू पैकरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रभावित ग्रामीणों को न्याय नहीं मिला और सरकार ने इस मुद्दे पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज करेगी। प्रदर्शन के समापन पर कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि नकटी गांव के विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक पुनर्वास, उचित मुआवजा और सभी मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं, ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।
