कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा ह आपातकाल के 51 बछर पूरा होय के अवसर मं ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप मं एक विचार संगोष्ठी के आयोजन करिस। सीएसईबी स्थित सीनियर क्लब मं आयोजित ए कार्यक्रम मं भाजपा नेता मन, कार्यकर्ता मन अउ सामाजिक क्षेत्र के लोगन बड़ी संख्या मं शामिल होइन। कार्यक्रम के दौरान वक्ता मन ह 25 जून 1975 ले लागू आपातकाल के घटना ला याद करत लोकतंत्र, संविधान अउ अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता के महत्व ऊपर अपन विचार रखिन।
कार्यक्रम मं मुख्य अतिथि के रूप मं विद्या भारती के प्रांतीय अध्यक्ष जुड़ावन ठाकुर अउ भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी उपस्थित रहिन। संगोष्ठी मं आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानी मन के संघर्ष अउ लोकतांत्रिक मूल्य मन के रक्षा बर देय गे योगदान ला श्रद्धा के संग याद करे गीस।
आपातकाल ला बताइन लोकतंत्र के सबसे विवादास्पद दौर
भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ह अपन संबोधन मं कहिन कि 25 जून 1975 ले 21 मार्च 1977 तक लागू आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास मं एक विवादास्पद अउ चुनौतीपूर्ण दौर रहिस। उनकर कहना रहिस कि ए अवधि मं अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता ऊपर प्रतिबंध लगाय गीस अउ राजनीतिक विरोधी मन ऊपर कड़ी कार्रवाई करे गीस।
गोपाल मोदी ह दावा करिन कि ए समय लगभग एक लाख लोगन ला गिरफ्तार करके जेल भेजे गीस, जबकि हजारों राजनीतिक कार्यकर्ता, सामाजिक नेता अउ पत्रकार मन ला मीसा (MISA) जइसने कानून के तहत हिरासत मं रखे गीस। उनकर मुताबिक लोकतंत्र के रक्षा बर संघर्ष करे वाले लोगन के योगदान ला आज के पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी हे।
लोकतंत्र सेनानी मन के योगदान ला करिन याद
कार्यक्रम मं वक्ता मन ह कहिन कि लोकतंत्र सिरिफ चुनाव तक सीमित नई होवय, बल्कि नागरिक मन के अधिकार, संविधान के सम्मान अउ स्वतंत्र अभिव्यक्ति के संरक्षण घलो ओकर महत्वपूर्ण हिस्सा आय।
वक्ता मन ह आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था के रक्षा बर संघर्ष करे वाले लोकतंत्र सेनानी मन ला नमन करत कहिन कि ओमन के त्याग अउ संघर्ष लोकतंत्र के मजबूती बर प्रेरणा के स्रोत हे।
संविधान के मूल भावना के रक्षा के संदेश
विचार संगोष्ठी मं संविधान के मूल भावना, लोकतांत्रिक संस्थान मन के महत्व अउ नागरिक अधिकार मन ऊपर विस्तार ले चर्चा करे गीस। उपस्थित वक्ता मन कहिन कि लोकतंत्र के मजबूती बर संविधान के सम्मान करना हर नागरिक के जिम्मेदारी आय।
कार्यक्रम मं उपस्थित कार्यकर्ता मन लोकतांत्रिक मूल्य मन के संरक्षण अउ संविधान के प्रति सम्मान बनाए रखे के संकल्प घलो लेइन।
इतिहास ले सीख लेय के जरूरत
संगोष्ठी मं वक्ता मन के कहना रहिस कि इतिहास के महत्वपूर्ण घटना मन ला याद रखना जरूरी होथे, ताकि आने वाली पीढ़ी लोकतंत्र के महत्व ला समझ सकय अउ संविधान के प्रति अपन जिम्मेदारी ला निभा सकय।
वक्ता मन ह युवामन ला इतिहास पढ़े, लोकतांत्रिक व्यवस्था ला समझे अउ समाज मं सकारात्मक भूमिका निभाय बर प्रेरित करिन।
कार्यक्रम मं बड़ी संख्या मं शामिल होइन कार्यकर्ता
सीएसईबी सीनियर क्लब मं आयोजित ए कार्यक्रम मं भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि अउ कई नागरिक मन उपस्थित रहिन। कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानी मन ला सम्मानपूर्वक याद करे गीस अउ लोकतंत्र के मजबूती बर सामूहिक संकल्प दोहराय गीस।
लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण ऊपर जोर
कार्यक्रम के आखिर मं वक्ता मन कहिन कि लोकतंत्र के मजबूती सिरिफ सरकार के जिम्मेदारी नई, बल्कि हर नागरिक के सहभागिता ले लोकतांत्रिक व्यवस्था अउ मजबूत होथे। संविधान के आदर्श, अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता अउ लोकतांत्रिक संस्थान मन के सम्मान बनाए रखना समाज के साझा जिम्मेदारी हे।
