जांजगीर-चांपा।
जिला प्रशासन के सजगता अउ महिला एवं बाल विकास विभाग के सक्रिय पहल ले जांजगीर-चांपा जिला मं एक बाल विवाह होय ले रोकाय गे। पामगढ़ विकासखंड के ग्राम चुरतेला मं बाल विवाह के सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला, पुलिस विभाग अउ बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त टीम ह तत्काल गांव पहुंचके जांच करिस अउ समझाइश देके ये विवाह ला सफलतापूर्वक रुकवाइस।
ये कार्रवाई कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन मं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल के मार्गदर्शन अउ जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व मं करे गीस। प्रशासन के ए त्वरित कदम ला गांव के लोगन घलो सराहना करत हवंय।
सूचना मिलते ही सक्रिय होइस प्रशासन
जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल बताइन कि विभाग ला सूचना मिलिस कि ग्राम पंचायत चुरतेला मं एक नाबालिग बालिका के विवाह करे के तैयारी चलत हवय। सूचना के गंभीरता ला देखते हुए तत्काल जांच टीम गठित करे गीस अउ पुलिस विभाग के सहयोग ले संबंधित परिवार तक पहुंचके जांच शुरू करे गीस।
टीम ह बालिका अउ बालक दुनों के दस्तावेज, अंकसूची अउ अन्य अभिलेख के जांच करिस। जांच मं पता चलिस कि बालिका के उमर सिरिफ 14 बछर अउ 9 दिन हवय, जबकि बालक के उमर 18 बछर 1 महीना 12 दिन पाए गीस। दोनों के उमर विवाह बर निर्धारित कानूनी मापदंड ले कम रहिस।
समझाइश ले मानिन परिवार
जांच के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी मन बालिका, ओकर माता-पिता अउ गांव के अन्य लोगों ला बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणाम के बारे मं विस्तार ले जानकारी दिन। अधिकारी मन समझाइन कि कम उमर मं विवाह होय ले लड़की के स्वास्थ्य, शिक्षा अउ भविष्य ऊपर गहरा असर पड़थे। एखर कानूनी परिणाम घलो हो सकत हवय।
अधिकारी मन के समझाइश अउ जागरूकता के बाद बालक अउ बालिका के परिवार ह विवाह रोक देय के सहमति दे दीस। गांव के गणमान्य नागरिक मन के उपस्थिति मं परिवार के सदस्य मन ले घोषणा पत्र अउ राजीनामा पत्र मं हस्ताक्षर करवाय गीस, जेमां स्पष्ट रूप ले लिखाय गे कि लड़की के 18 बछर अउ लड़का के 21 बछर पूरा होय के पहिली विवाह नई कराय जाही।
बाल विवाह समाज बर गंभीर समस्या
प्रशासनिक अधिकारी मन कहिन कि बाल विवाह सिरिफ एक सामाजिक बुराई नई, बल्कि ये बच्चा मन के अधिकार के उल्लंघन घलो आय। कम उमर मं विवाह होय ले लड़की मन के पढ़ई छूट जाथे, स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानी हो सकत हवय अउ आर्थिक रूप ले घलो परिवार ऊपर असर पड़थे।
इही कारण से शासन लगातार बाल विवाह रोकथाम बर अभियान चलावत हवय। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्राम पंचायत अउ सामाजिक संगठन मन के माध्यम ले गांव-गांव मं जागरूकता फैलाय जात हवय ताकि ए कुप्रथा ला जड़ ले खत्म करे जा सके। 
जिला प्रशासन के अपील
जिला प्रशासन ह आम जनता ले अपील करे हवय कि अगर कहीं घलो बाल विवाह के जानकारी मिलय, त ओकर सूचना तुरंत महिला एवं बाल विकास विभाग, नजदीकी पुलिस थाना अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 मं देवय। समाज के सहयोग ले ही बाल विवाह जइसन कुप्रथा ला रोके जा सकथे अउ बच्चा मन ला सुरक्षित भविष्य देय जा सकथे।
प्रशासन के कहना हवय कि हर बच्चा ला पढ़े-लिखे, अपन सपना पूरा करे अउ सुरक्षित वातावरण मं बढ़े के अधिकार हवय। ए अधिकार के रक्षा करना समाज अउ शासन दुनों के साझा जिम्मेदारी आय।
संयुक्त टीम के भूमिका रही महत्वपूर्ण
ए कार्रवाई मं महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक सुश्री ममता पटेल अउ श्रीमती मनीषा जांगड़े के अलावा पुलिस विभाग ले सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, प्रधान आरक्षक रामलाल मारकण्डे अउ नगर सैनिक श्रीमती ममता कश्यप के महत्वपूर्ण भूमिका रहिस।
एखर संगे जिला बाल संरक्षण इकाई अउ चाइल्ड लाइन 1098 के प्रतिनिधि श्रीमती अल्का फॉक, भूपेश कश्यप सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती लखेश्वरी अनंत अउ श्रीमती तेजस्वी महिपाल घलो उपस्थित रहिन।
प्रशासन के ए संवेदनशील अउ समय पर किए गे कार्रवाई एक बार फेर ये साबित कर दिस कि जागरूक समाज अउ सजग प्रशासन के संयुक्त प्रयास ले बाल विवाह जइसन सामाजिक बुराई ऊपर प्रभावी रोक लगाय जा सकत हवय।
