बस्तर जिला के नानगुर क्षेत्र के कुलगांव मं एके परिवार के सात सदस्य मन ईसाई धरम छोड़के वैदिक रीति-रिवाज के संग सनातन धरम मं घर वापसी करिन। जानव पूरा खबर, परिवार के फैसला, धार्मिक कार्यक्रम अउ गांव के माहौल के बारे मं।
बस्तर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । बस्तर जिला के नानगुर क्षेत्र अंतर्गत आवत कुलगांव मं सोमवार के दिन एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान एके परिवार के सात झन सदस्य मन ईसाई धरम छोड़के फेर ले सनातन धरम अपनाइन। वैदिक रीति-रिवाज अउ पारंपरिक पूजा-अर्चना के संग संपन्न होय ए कार्यक्रम मं गांव अउ आसपास के इलाका के लोगन के उपस्थिति रहिस। धार्मिक अनुष्ठान के बाद परिवार के सदस्य मन सनातन परंपरा के अनुसार जीवन जिए के संकल्प घलव लिन।
ए घटना इलाका मं चर्चा के विषय बन गे हवय। कार्यक्रम मं शामिल समाज के लोगन कहिन कि परिवार अपन इच्छा ले ए फैसला ले हवय अउ वो मन ऊपर कोनो प्रकार के दबाव नई रहिस। कार्यक्रम के बाद समाज के लोगन परिवार के सदस्य मन के स्वागत करिन अउ शुभकामना देवत फेर ले अपन सांस्कृतिक परंपरा मं जुड़ई के बात कहिन।
जानकारी के मुताबिक, घर वापसी करे वाले परिवार मं झिटकू राम कश्यप, रामबती कश्यप, आयती कश्यप, जगरनाथ कश्यप, उर्मिला कश्यप, भारती कश्यप अउ आशीष कश्यप शामिल हवंय। धार्मिक आयोजन के दौरान सब्बो सदस्य मन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना करिन अउ सनातन धरम के रीति-रिवाज के पालन करे के संकल्प लेइन।
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आचार्य मन विधिवत पूजा-पाठ, हवन अउ वैदिक मंत्रोच्चार करवाइन। धार्मिक अनुष्ठान पूरा होय के बाद परिवार के सदस्य मन अपन पारंपरिक संस्कृति, देवी-देवता के पूजा अउ सनातन जीवन पद्धति के अनुसार आगू जीवन बिताय के संकल्प दोहराइन। उपस्थित लोगन घलव परिवार के निर्णय के सम्मान करत ओकर स्वागत करिन।
गांव के कई वरिष्ठ नागरिक मन कहिन कि समाज मं हर व्यक्ति ला अपन धार्मिक आस्था चुने के संवैधानिक अधिकार हवय। यदि कोनो परिवार अपन इच्छा ले कोनो धरम ला अपनाथे या फेर अपन पुरखा मन के परंपरा मं वापस आवत हे, त ओकर सम्मान करे जाना चाही। कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण अउ धार्मिक भावना ले भरपूर रहिस।
ए धार्मिक आयोजन मं मौजूद लोगन के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान वैदिक परंपरा के अनुसार शुद्धिकरण, पूजा-अर्चना अउ हवन संपन्न कराय गीस। परिवार के सदस्य मन श्रद्धा के संग धार्मिक अनुष्ठान मं भाग लिहिन अउ समाज के वरिष्ठ मन ले आशीर्वाद घलव प्राप्त करिन।
धार्मिक कार्यक्रम पूरा होय के बाद उपस्थित लोगन परिवार के उज्ज्वल भविष्य के कामना करिन। समाज के प्रतिनिधि मन कहिन कि परिवार के सदस्य मन अपन सांस्कृतिक जड़ ले जुड़ई के फैसला ले हवंय, जऊन ला समाज सम्मान के नजर ले देखत हवय।
हालांकि, ए मामला मं प्रशासन के तरफ ले कोनो आधिकारिक बयान जारी नई होय हवय। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग ले संपन्न होइस अउ कोनो प्रकार के विवाद या अप्रिय स्थिति के जानकारी सामने नई आइस।
भारत के संविधान हर देश के हर नागरिक ला अपन धर्म मं विश्वास रखे, प्रचार करे अउ अपन पसंद के धर्म अपनाय या बदले के स्वतंत्रता देवत हे। एही संवैधानिक अधिकार के तहत समय-समय मं अलग-अलग इलाका मं धर्म परिवर्तन अउ घर वापसी जइसन कार्यक्रम देखे बर मिलत रहिथे। कुलगांव मं आयोजित ए कार्यक्रम घलव परिवार के स्वेच्छा ले लिहे गेय निर्णय के रूप मं सामने आइस।
बस्तर अंचल मं समय-समय मं धार्मिक अउ सामाजिक गतिविधि मन होवत रहिथें। कुलगांव के ए कार्यक्रम के बाद इलाका मं ए विषय ऊपर चर्चा जरूर होवत हवय, फेर कार्यक्रम के दौरान शांति अउ सौहार्द के माहौल बने रहिस। समाज के लोगन आशा जताइन कि आगू घलो गांव मं आपसी भाईचारा अउ सामाजिक सद्भाव एही प्रकार कायम रही।
