कोरबा। जिले के कुदमुरा वन परिक्षेत्र में पिछले तीन दिनों से सक्रिय दंतैल हाथी ने अब धरमजयगढ़ का रूख कर लिया है। हाथी को आज सुबह कोरबा व धरमजयगढ़ वन मण्डल के शरहद पर विचरण करते हुए देखा गया। इसके बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली है। इससे पहले दंतैल ने शनिवार को कुदमुरा क्षेत्र में स्थित कोसाबाड़ी में घुसकर उत्पात मचाया था और वहां रेशम विभाग द्वारा लगाये गये अर्जुन के पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाते हुए तहस-नहस कर दिया था। कोसाबाड़ी में उत्पात मचाने के बाद दंतैल हाथी जंगल का रूख करते हुए छिप गया था। वन विभाग उसके लगातार लोकेशन ढूढंने के प्रयास में लगी हुई थी लेकिन दंतैल का पता नहीं चल पा रहा था। बाद में सूचना आई की दंतैल हाथी जंगल ही जंगल होते हुए कोरबा वन मण्डल के कुदमुरा रेंज की सीमा को पार कर धरमजयगढ़ वन मंडल के जंगल में पहुंच गया है। दंतैल के अनंयत्र जाने से वन विभाग ने कुछ राहत महसूस की है। उधर कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज में 48 हाथियों की मौजूदगी बनी हुई है। हाथियों का यह झूण्ड वहां मौजूद मेड़उड़ पहाड़ पर डेरा डाले हुए है। हाथियों का दल काफी दिनों से क्षेत्र में घुम रहा है। इनमे से कुछ हाथी झुण्ड से अलग होकर पहाड़ से नीचे उतरते है और जटगा तथा भोबघट में पहुंचकर सब्जी तथा धान की फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद पुन: वापस पहाड़ पर लौटकर झूण्ड में शामिल हो जाते है। हाथियों के उत्पात से क्षेत्र के ग्रामीण काफी परेशान है।
दंतैल हाथी ने किया धरमजयगढ़ का रूख
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