लैलूंगा पुलिस ने ऑपरेशन आघात के तहत गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। 4.108 किलो गांजा और बोलेरो सहित करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति जब्त।
लैलूंगा(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत लैलूंगा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4.108 किलोग्राम गांजा, तस्करी में प्रयुक्त एक बोलेरो वाहन और अन्य सामग्री जब्त की है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये, जबकि बोलेरो वाहन की कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई गई है। इस तरह कार्रवाई में कुल करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है और उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। लगातार दूसरे दिन हुई इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्त रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
मुखबिर की सूचना से शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की बोलेरो वाहन में ओडिशा की ओर से अवैध रूप से गांजा लाया जा रहा है। सूचना के मुताबिक तस्कर लैलूंगा-पत्थलगांव मार्ग से होते हुए गांजे की खेप को आगे उत्तर प्रदेश की ओर ले जाने की तैयारी में थे।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और संभावित मार्गों पर संदिग्ध वाहनों की निगरानी शुरू कर दी। पुलिस टीम ने तस्करों की गतिविधियों और उनके संभावित रास्ते को ध्यान में रखते हुए इलाके में सतर्कता बढ़ाई। पुलिस का फोकस सिर्फ संदिग्ध बोलेरो को पकड़ने पर नहीं, बल्कि तस्करी के पूरे तरीके और उसमें शामिल लोगों तक पहुंचने पर भी रहा।
बताया गया कि इसी दौरान पुलिस को मुखबिर द्वारा बताए गए मार्ग पर एक मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। उसकी गतिविधियां संदिग्ध थीं और आशंका जताई जा रही थी कि वह पीछे आ रही बोलेरो की पायलटिंग कर रहा था, ताकि रास्ते में पुलिस की मौजूदगी या किसी अन्य खतरे की जानकारी तस्करों तक पहुंचाई जा सके।
पुलिस को देखकर भागने का प्रयास, बाइक से गिरा संदिग्ध
पुलिस टीम को देखते ही मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध व्यक्ति ने वहां से भागने का प्रयास किया। जल्दबाजी में वह अपनी मोटरसाइकिल पर नियंत्रण खो बैठा और गिर गया। घटना में उसे चोटें आईं, जिसके बाद पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उसे तत्काल उपचार के लिए सीएचसी लैलूंगा भेजा।
हालांकि, संदिग्ध व्यक्ति के घायल होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई नहीं रुकी। टीम ने दूसरे संदिग्ध वाहन की तलाश और निगरानी जारी रखी। पुलिस को पहले से आशंका थी कि मोटरसाइकिल सवार की भूमिका बोलेरो में मौजूद लोगों को रास्ते की जानकारी देने और उन्हें पुलिस की गतिविधियों से सतर्क करने की हो सकती है। इसी वजह से पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संदिग्ध बोलेरो की तलाश जारी रखी।
आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए गांजा तस्करी के मामले में एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 4.108 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
4 किलो से अधिक गांजा और बोलेरो जब्त
पुलिस की कार्रवाई में जब्त गांजे का कुल वजन 4.108 किलोग्राम बताया गया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये है। इसके साथ ही तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही बोलेरो वाहन क्रमांक 26 BH 4095 B को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार वाहन की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये है।
इस तरह गांजा और बोलेरो को मिलाकर कुल लगभग 10 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह खेप ओडिशा के किस इलाके से लाई गई थी और इसे उत्तर प्रदेश में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि तस्करी की इस पूरी श्रृंखला में कितने लोग शामिल हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी सिर्फ परिवहन और सप्लाई की भूमिका में थे या फिर वे किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं। मामले की जांच आगे बढ़ने पर अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
गांजा बरामद होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नशे का कारोबार केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर युवाओं, परिवारों और समाज पर पड़ता है। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य केवल मादक पदार्थों की खेप पकड़ना नहीं, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क को कमजोर करना भी है।
“ऑपरेशन आघात” के तहत लगातार सख्ती
एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ “ऑपरेशन आघात” चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस विभिन्न थाना क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है।
लैलूंगा पुलिस द्वारा लगातार दूसरे दिन की गई बड़ी कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि पुलिस नशे के कारोबारियों को लेकर किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। विशेष रूप से सीमावर्ती मार्गों और उन रास्तों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है, जिनका इस्तेमाल दूसरे राज्यों से मादक पदार्थों की आवाजाही के लिए किया जा सकता है।
ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते अन्य राज्यों तक गांजे की संभावित सप्लाई को लेकर भी पुलिस की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि जांच में अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के संबंध सामने आते हैं, तो पुलिस आगे संबंधित एजेंसियों और अन्य राज्यों की पुलिस से भी आवश्यक समन्वय कर सकती है।
नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ समाज की भी जिम्मेदारी
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जितनी जरूरी है, उतनी ही महत्वपूर्ण आम लोगों की भागीदारी भी है। कई बार स्थानीय स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय रहते मिलने पर बड़े अपराधों को रोका जा सकता है। पुलिस लगातार लोगों से भी अपील करती रही है कि यदि उनके आसपास नशे के अवैध कारोबार, संदिग्ध वाहनों या मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी कोई जानकारी मिले तो इसकी सूचना पुलिस को दें।
लैलूंगा में दो दिन के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर पुलिस की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच से गांजा तस्करी के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
फिलहाल, महिला समेत दो आरोपियों की गिरफ्तारी, 4.108 किलोग्राम गांजा बरामदगी और करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति जब्ती को “ऑपरेशन आघात” के तहत लैलूंगा पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
