बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में ठगों ने बुजुर्ग महिला को सुरक्षा का झांसा देकर करीब दो लाख रुपये के सोने के जेवर ठग लिए। जानिए पूरी घटना, पुलिस जांच, ठगी का तरीका और बचाव के उपाय।
बिलासपुर(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में एक बार फिर ठगों ने अपनी चालाकी से एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर लाखों रुपये के सोने के जेवर ठग लिए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने न केवल शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के नेहरू चौक के पास की है, जहां सब्जी खरीदने जा रही एक बुजुर्ग महिला को पहले बातचीत में उलझाया गया, फिर सुरक्षा का डर दिखाकर उनके सोने के जेवर उतरवा लिए गए। इसके बाद आरोपियों ने कागज की एक पोटली महिला को थमा दी और मौके से फरार हो गए। जब महिला ने कुछ देर बाद पोटली खोली तो उसमें जेवर नहीं थे। तब जाकर उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
बस स्टैंड का रास्ता पूछने से शुरू हुई ठगी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सिंधी कॉलोनी निवासी विद्या मोटवानी रोज की तरह सब्जी खरीदने के लिए बृहस्पति बाजार जा रही थीं। इसी दौरान जब वह नेहरू चौक के पास पहुंचीं, तभी एक ऑटो में बैठे दो युवकों ने उनसे विनम्रता से बस स्टैंड का रास्ता पूछा।
महिला ने सामान्य नागरिक की तरह उनकी मदद करने के उद्देश्य से रास्ता बताना शुरू किया। इसी बीच कुछ ही मिनटों में एक तीसरा युवक भी वहां पहुंच गया। तीनों ने मिलकर महिला से बातचीत शुरू कर दी और धीरे-धीरे उन्हें अपने झांसे में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने बेहद आत्मविश्वास के साथ बातचीत की, जिससे महिला को उन पर किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ।
सुरक्षा का डर दिखाकर उतरवा लिए जेवर
बातचीत के दौरान आरोपियों ने महिला को यह कहकर डराया कि इलाके में लगातार चोरी और लूट की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि खुलेआम सोने के जेवर पहनकर चलना सुरक्षित नहीं है और कोई भी बदमाश उन्हें निशाना बना सकता है।
इसके बाद उन्होंने महिला को सलाह दी कि वह अपने जेवर उतारकर सुरक्षित रख लें। आरोपियों ने खुद ही कागज की एक पोटली तैयार की और उसमें जेवर रखने का नाटक किया। चंद सेकंड के भीतर उन्होंने असली जेवर निकाल लिए और महिला के हाथ में दूसरी पोटली थमा दी।
महिला को पूरी घटना के दौरान यह एहसास तक नहीं हुआ कि उनके साथ इतनी बड़ी ठगी हो चुकी है।
पोटली खोलते ही उड़ गए होश
कुछ दूरी तय करने के बाद जब विद्या मोटवानी ने पोटली खोली तो उसमें उनके सोने के जेवर नहीं थे। इसके बजाय उसमें बेकार कागज और अन्य सामान रखा हुआ था।
यह देखकर महिला के होश उड़ गए। उन्हें समझते देर नहीं लगी कि वे शातिर ठगों का शिकार बन चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने तत्काल सिविल लाइन थाना पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी।
करीब दो लाख रुपये के बताए जा रहे हैं जेवर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ठग महिला के करीब दो लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवर लेकर फरार हुए हैं। हालांकि पुलिस शिकायत के आधार पर जेवरों की वास्तविक कीमत और विवरण का सत्यापन कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश

शिकायत दर्ज होने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किस दिशा में फरार हुए और घटना के समय उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
संभावना जताई जा रही है कि यह किसी संगठित ठग गिरोह की करतूत हो सकती है, जो शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष रूप से बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाता है।
पुलिस आसपास के बाजारों, चौक-चौराहों और ट्रैफिक कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान जल्द से जल्द की जा सके।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बिलासपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अधिकांश मामलों में आरोपी बुजुर्ग महिलाओं या अकेले चल रहे लोगों को अपना निशाना बनाते हैं।
इनकी कार्यप्रणाली लगभग एक जैसी होती है—
- पहले किसी बहाने से बातचीत शुरू करना।
- विश्वास जीतना।
- सुरक्षा या पुलिस जांच का डर दिखाना।
- जेवर या नकदी सुरक्षित रखने का झांसा देना।
- असली सामान बदलकर नकली पोटली थमा देना।
- कुछ ही सेकंड में मौके से फरार हो जाना।
इसी कारण पुलिस लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील करती रही है।
पुलिस ने नागरिकों से की सावधानी बरतने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई अजनबी व्यक्ति रास्ता पूछने या किसी अन्य बहाने से बातचीत करते हुए जेवर, नकदी या अन्य कीमती सामान सुरक्षित रखने की सलाह दे तो उसकी बातों में बिल्कुल न आएं।
यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी, सरकारी कर्मचारी या समाजसेवी बताकर ऐसी सलाह देता है तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना कोई भी कीमती सामान उसके हवाले न करें।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या डायल सेवा को दें।
कैसे बचें ऐसी ठगी से?
विशेषज्ञों और पुलिस की सलाह के अनुसार—
- अनजान लोगों पर तुरंत भरोसा न करें।
- सार्वजनिक स्थानों पर अपने जेवर या नकदी किसी के कहने पर न निकालें।
- यदि कोई सुरक्षा का डर दिखाए तो सीधे नजदीकी पुलिस चौकी या थाने पहुंचें।
- बुजुर्ग परिजनों को इस प्रकार की ठगी के तरीकों के बारे में पहले से जागरूक करें।
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
जांच जारी, जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद
सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच टीम तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।
शहर में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि लोगों को केवल पुलिस पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। थोड़ी-सी सावधानी लाखों रुपये की मेहनत की कमाई और कीमती जेवरों को सुरक्षित रख सकती है।
