छत्तीसगढ़ के भटगांव विधानसभा क्षेत्र के 97 गांवों में 11.62 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत विस्तार कार्य स्वीकृत। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत दूरस्थ और जनजातीय बस्तियों तक पहुंचेगी बिजली, जिससे शिक्षा, कृषि, पेयजल और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा नया बल।
सूरजपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति देने के लिए लगातार आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि विकास की मुख्यधारा से अब तक दूर रहे गांवों तक बिजली, सड़क, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध तरीके से पहुंचाई जाएं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से क्षेत्र के 97 गांवों में विद्युत विस्तार कार्य को स्वीकृति मिल गई है।
यह कार्य धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत किया जाएगा, जिसके लिए राज्य शासन ने लगभग 11.62 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद सूरजपुर जिले के अनेक दूरस्थ गांवों और जनजातीय बस्तियों में पहली बार व्यवस्थित विद्युत सुविधा पहुंचेगी, जिससे हजारों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
97 गांवों के सैकड़ों मोहल्लों तक पहुंचेगी बिजली
राज्य शासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह विद्युत विस्तार कार्य तीन विकासखंडों में किया जाएगा। योजना के तहत उन गांवों और मोहल्लों को प्राथमिकता दी गई है जहां अब तक बिजली की उपलब्धता सीमित थी या विस्तार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
परियोजना के अंतर्गत—
- विकासखंड भैयाथान के 36 गांवों के लगभग 109 मोहल्लों एवं पारों में विद्युत विस्तार किया जाएगा।
- विकासखंड ओड़गी के 32 गांवों के लगभग 68 मोहल्लों एवं पारों को बिजली नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
- विकासखंड सूरजपुर के 29 गांवों के लगभग 53 मोहल्लों एवं पारों में विद्युत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
इस प्रकार कुल 97 गांवों के सैकड़ों मोहल्लों और पारों तक विद्युत व्यवस्था का विस्तार होगा।
जनजातीय क्षेत्रों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विकास करना है। विद्युत विस्तार इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है क्योंकि बिजली किसी भी क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन गांवों तक अब नियमित बिजली पहुंचेगी, वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। साथ ही ग्रामीणों की जीवनशैली में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा।
ग्रामीणों को मिलेंगे अनेक प्रत्यक्ष लाभ
विद्युत सुविधा उपलब्ध होने के बाद ग्रामीण परिवारों को कई स्तरों पर लाभ मिलेगा।
सबसे पहले बच्चों की शिक्षा पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अब विद्यार्थी रात के समय बेहतर रोशनी में पढ़ाई कर सकेंगे, जिससे उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
घरेलू कार्यों में भी महिलाओं को काफी सुविधा मिलेगी। बिजली उपलब्ध होने से घरेलू उपकरणों का उपयोग आसान होगा और दैनिक कार्यों में समय की बचत होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था भी अधिक सुदृढ़ होगी। विद्युत आपूर्ति से जल पंपों का संचालन सुचारु रूप से किया जा सकेगा, जिससे लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में आसानी होगी।
कृषि और स्वरोजगार को मिलेगा नया आधार
ग्रामीण अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। ऐसे में विद्युत सुविधा का विस्तार किसानों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आएगा।
बिजली उपलब्ध होने से सिंचाई के साधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। किसान विद्युत चालित पंपों के माध्यम से खेती को अधिक उत्पादक बना सकेंगे। इसके साथ ही लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण युवाओं के लिए छोटे व्यवसाय शुरू करने के अवसर बढ़ेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए विकल्प तैयार होंगे और पलायन में भी कमी आने की संभावना है।
सरकार की ग्रामीण विकास नीति को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
भटगांव विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत यह विद्युत विस्तार परियोजना भी इसी सोच का परिणाम मानी जा रही है। इससे न केवल अधोसंरचना मजबूत होगी बल्कि जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं भी खुलेंगी।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों को मिली सफलता

स्थानीय स्तर पर लंबे समय से ग्रामीणों द्वारा विद्युत विस्तार की मांग की जा रही थी। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस आवश्यकता को शासन के समक्ष प्रमुखता से रखा और लगातार प्रयास किए। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप अब 11.62 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना स्वीकृत हो गई है।
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि परियोजना के पूरा होने के बाद अनेक गांवों की वर्षों पुरानी बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान होगा और ग्रामीणों को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर
विशेषज्ञों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का विस्तार केवल एक सुविधा नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का माध्यम भी है। जहां बिजली पहुंचती है वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, डिजिटल सेवाओं और छोटे उद्योगों का विकास तेजी से होता है।
भटगांव विधानसभा क्षेत्र के 97 गांवों में प्रस्तावित विद्युत विस्तार योजना आने वाले वर्षों में इस पूरे क्षेत्र के विकास को नई दिशा दे सकती है। विशेष रूप से जनजातीय समुदायों को इसका दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
यदि परियोजना निर्धारित समय-सीमा में पूरी होती है तो हजारों ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर बेहतर होगा और सूरजपुर जिले के दूरस्थ इलाकों में विकास की रफ्तार और तेज होगी।
