छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 400 यूनिट तक बिजली बिल माफ करने की मांग करते हुए प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
गरियाबंद (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली बिलों और महंगी बिजली को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। प्रदेशभर में बिजली दरों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को गरियाबंद पहुंचे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज प्रदेश का हर वर्ग महंगी बिजली से परेशान है, लेकिन सरकार जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है।
दीपक बैज ने दावा किया कि केवल आम लोग ही नहीं, बल्कि पत्रकार, व्यापारी, किसान, कर्मचारी और यहां तक कि भाजपा के कार्यकर्ता भी बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि लोग अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन हर घर में बिजली के बढ़ते खर्च को लेकर चिंता साफ दिखाई दे रही है।
उन्होंने राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रदेश में ऐसी सरकार चल रही है जो जनता की समस्याओं को लेकर “गूंगी, बहरी और अंधी” बनी हुई है। सरकार को जनता की तकलीफ दिखाई नहीं दे रही और न ही उनकी शिकायतें सुनाई दे रही हैं।
‘हर घर में बिजली बिल चिंता का कारण बन चुका है’
दीपक बैज ने कहा कि पहले बिजली लोगों की जरूरत थी, लेकिन अब यह लोगों के लिए आर्थिक बोझ बनती जा रही है। बढ़े हुए बिजली बिलों ने मध्यम वर्ग, गरीब परिवारों और किसानों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि आज कई परिवार ऐसे हैं जिन्हें हर महीने बिजली बिल भरने के लिए दूसरे जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर लगातार आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, जबकि सरकार राहत देने की बजाय नए-नए बोझ डाल रही है। कांग्रेस का कहना है कि महंगी बिजली का सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे कारोबारियों, दुकानदारों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर भी पड़ रहा है।
400 यूनिट तक बिजली बिल माफ करने की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से मांग की कि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 400 यूनिट तक बिजली बिल माफ किया जाए। उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में यह कदम लाखों परिवारों को आर्थिक राहत देगा।
उन्होंने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा आम नागरिकों की पहुंच में रहनी चाहिए। यदि सरकार वास्तव में जनता के हित में काम कर रही है तो उसे बिजली दरों पर पुनर्विचार करते हुए राहत देने का फैसला लेना चाहिए।
‘कांग्रेस सरकार में नाममात्र आता था बिजली बिल’
दीपक बैज ने अपनी पार्टी की पिछली सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय लोगों के बिजली बिल काफी कम आते थे और आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ता था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हमेशा गरीब, किसान और मध्यम वर्ग के हितों को प्राथमिकता दी थी। वहीं वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण बिजली उपभोक्ताओं की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
हालांकि भाजपा सरकार का कहना रहा है कि बिजली दरों का निर्धारण नियामक प्रक्रिया के तहत किया जाता है और विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को योजनाओं के माध्यम से राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं।
प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
दीपक बैज ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने घोषणा की कि बिजली के मुद्दे पर पार्टी पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि पहले जिला स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे, इसके बाद ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर जनआंदोलन को मजबूत किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों से संवाद करेंगे तथा बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे।
उनका कहना था कि कांग्रेस जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का काम करेगी और यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
2028 विधानसभा चुनाव को लेकर भी किया बड़ा दावा
बिजली के मुद्दे के साथ-साथ दीपक बैज ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता वर्तमान सरकार से निराश हो चुकी है और आने वाले 2028 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
उन्होंने कहा कि जनता महंगाई, बिजली, बेरोजगारी, किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रही है। कांग्रेस इन्हीं जनसरोकारों को लेकर जनता के बीच जाएगी और व्यापक जनसमर्थन हासिल करेगी।
बिजली बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से बिजली दरों, स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल रही है। कांग्रेस इसे आम जनता से जुड़ा सबसे बड़ा मुद्दा बता रही है, जबकि भाजपा सरकार अपने फैसलों को उपभोक्ताओं के हित में बता रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली का विषय सीधे हर परिवार से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यदि बिजली बिलों को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ता है तो यह आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति का महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। कांग्रेस द्वारा घोषित चरणबद्ध आंदोलन इस बहस को और तेज कर सकता है।
फिलहाल महंगी बिजली को लेकर शुरू हुई राजनीतिक जंग आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार विपक्ष की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और कांग्रेस का प्रस्तावित आंदोलन प्रदेश की राजनीति पर कितना असर डालता है।
