कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के मजदूर दीपक की मौत हो गई, जबकि भूपिंदर गंभीर रूप से घायल है। केल्लाम इलाके में आतंकियों की गोलीबारी के बाद सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया है। जानिए पूरी घटना।
कुलगाम (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में एक बार फिर आतंकियों ने गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाकर कायराना हमला किया है। केल्लाम इलाके में शुक्रवार शाम आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों पर अचानक गोलीबारी कर दी। इस हमले में छत्तीसगढ़ निवासी मजदूर दीपक की मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर भूपिंदर गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां हमलावर आतंकियों की तलाश में बड़े स्तर पर अभियान चला रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह हमला शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे के आसपास हुआ। आतंकियों ने केल्लाम क्षेत्र में मौजूद दो गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाते हुए गोलियां चलाईं। अचानक हुई इस फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमले के दौरान करीब तीन से चार राउंड फायरिंग की आवाज सुनाई दी। आतंकियों ने बेहद कम समय में वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और घायल मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
इलाज के दौरान छत्तीसगढ़ निवासी मजदूर ने तोड़ा दम

गोलीबारी में घायल दोनों मजदूरों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। अस्पताल में इलाज के दौरान छत्तीसगढ़ के रहने वाले मजदूर दीपक की हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। वहीं दूसरे घायल मजदूर भूपिंदर की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
भूपिंदर को बेहतर इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अनंतनाग रेफर किया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। सुरक्षा एजेंसियां घायल मजदूर से घटना से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही हैं, ताकि हमले के पीछे शामिल आतंकियों तक पहुंचा जा सके।
मृतक और घायल मजदूर के संबंध में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से उनके परिवारों को सूचना देने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरा

घटना के तुरंत बाद पुलिस, सेना और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे केल्लाम इलाके की घेराबंदी कर दी। सुरक्षा बलों ने आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। आतंकियों के संभावित ठिकानों की पहचान के लिए इलाके में आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, हमले में शामिल आतंकियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि हमला किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा था या आतंकियों ने मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। खुफिया इनपुट और स्थानीय जानकारी के आधार पर अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाने की घटनाओं पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर
जम्मू-कश्मीर में समय-समय पर आतंकियों द्वारा गैर-स्थानीय मजदूरों और आम नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से ऐसे हमलों को रोकने के लिए विशेष रणनीति के तहत काम कर रही हैं।
गैर-स्थानीय मजदूरों की बड़ी संख्या जम्मू-कश्मीर में निर्माण कार्य, कृषि, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के लिए आती है। ऐसे लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार कदम उठा रहा है। इस घटना के बाद प्रशासन ने संबंधित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने नागरिकों से कहा है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या सुरक्षा बलों को दें।
प्रशासन का कहना है कि आतंकियों के मंसूबों को सफल नहीं होने दिया जाएगा और हमले में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस आतंकी हमले ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा चुनौतियों को सामने ला दिया है। वहीं छत्तीसगढ़ के मजदूर की मौत की खबर से उनके गृह क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले में आगे की कार्रवाई और हमलावरों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
