खैरागढ़ में राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता-2026 (NSPC) के पोस्टर का विमोचन मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों और नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
खैरागढ़ (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। पर्यावरण संरक्षण को लेकर विद्यार्थियों और युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता-2026 (NSPC) का प्रचार-प्रसार अब तेज हो गया है। इसी कड़ी में गुरुवार को खैरागढ़ में प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन किया गया। छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग एवं वाणिज्य तथा आबकारी मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने पोस्टर का विमोचन करते हुए विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों से इस पर्यावरण जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
मंत्री देवांगन ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। तेजी से बदलते पर्यावरणीय हालात, बढ़ता प्रदूषण, जल संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच लोगों में जागरूकता लाना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों और युवाओं को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने का बेहतर माध्यम साबित होती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे केवल प्रतियोगिता में भाग लेने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी पर्यावरण संरक्षण से जुड़े छोटे-छोटे प्रयासों को अपनाएं। पेड़-पौधों का संरक्षण, पानी की बचत, स्वच्छता बनाए रखना और जैव विविधता की रक्षा जैसे कार्य हर व्यक्ति की जिम्मेदारी हैं।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य
राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता-2026 का आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में देशभर में किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों के प्रति जागरूक करना है।
प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, जल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ पर्यावरण जैसे विषयों को समझने और उनके समाधान में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में बचपन से ही पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है। जब विद्यार्थी प्रकृति संरक्षण के महत्व को समझेंगे, तो वे अपने परिवार और समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान दे सकेंगे।
पांच अलग-अलग श्रेणियों में आयोजित होगी प्रतियोगिता
राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता-2026 को सभी आयु वर्गों को ध्यान में रखते हुए पांच अलग-अलग श्रेणियों में आयोजित किया जा रहा है। इसमें स्कूली विद्यार्थियों से लेकर महाविद्यालयीन छात्रों और आम नागरिकों को भी शामिल होने का अवसर मिलेगा।
प्रतियोगिता की श्रेणियां इस प्रकार हैं—
- कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थी
- कक्षा छठवीं से आठवीं तक के विद्यार्थी
- कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थी
- महाविद्यालय स्तर के विद्यार्थी
- स्वतंत्र (ओपन) श्रेणी, जिसमें आम नागरिक भाग ले सकते हैं
इस तरह प्रतियोगिता को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है ताकि समाज के हर वर्ग को पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जोड़ा जा सके।
ऑनलाइन और निःशुल्क होगी प्रतियोगिता, सभी को मिलेगा अवसर
राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता-2026 की एक खास बात यह है कि यह प्रतियोगिता पूरी तरह ऑनलाइन और निःशुल्क आयोजित की जा रही है। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले विद्यार्थी और नागरिक आसानी से इसमें भाग ले सकेंगे।
ऑनलाइन आयोजन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाना है, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंच सके। डिजिटल माध्यम से आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा।
जल संरक्षण और जैव विविधता पर विशेष जोर
वर्तमान समय में जल संकट और जैव विविधता में कमी पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगिता में जल संरक्षण और जैव विविधता जैसे विषयों को विशेष महत्व दिया गया है।
जल संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना समय की जरूरत है। पानी की बर्बादी रोकना, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना और प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण करना पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम हैं।
इसी तरह जैव विविधता का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पेड़-पौधे, जीव-जंतु और प्राकृतिक संसाधन मिलकर पृथ्वी के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हैं।
विद्यार्थियों की भागीदारी से मजबूत होगा पर्यावरण संरक्षण अभियान
मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि विद्यार्थियों में नई सोच और रचनात्मक क्षमता होती है। यदि उन्हें पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों से जोड़ा जाए तो वे समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता-2026 केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का अभियान है। इसमें भाग लेने वाला प्रत्येक विद्यार्थी और नागरिक प्रकृति संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने जिले के स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस प्रतियोगिता में भाग लें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाएं।
पर्यावरण बचाने की दिशा में सामूहिक प्रयास जरूरी
आज जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है, ऐसे समय में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार, संस्थाएं और नागरिक मिलकर ही पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में प्रभावी कदम उठा सकते हैं।
राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता-2026 जैसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
खैरागढ़ में हुए इस पोस्टर विमोचन कार्यक्रम के माध्यम से जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सकारात्मक संदेश दिया गया है। अब उम्मीद है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी और नागरिक इस अभियान से जुड़कर प्रकृति संरक्षण की दिशा में अपनी भागीदारी निभाएंगे।
