जगदलपुर सेंट्रल जेल ले फरार महेंद्र दीवान उर्फ ‘बस्तर के नटवरलाल’ ला नारायणपुर ले पुलिस गिरफ्तार करिस। करीब तीन महीना ले फरार आरोपी ऊपर पुलिस के बड़ी कार्रवाई। जानव पूरा मामला, गिरफ्तारी अउ जांच के अपडेट।
जगदलपुर/नारायणपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। बस्तर संभाग के पुलिस बर लंबे समय ले चुनौती बने आदतन फरार आरोपी महेंद्र दीवान उर्फ ‘बस्तर के नटवरलाल’ आखिरकार पुलिस के गिरफ्त मं आ गे हवय। करीब तीन महीना पहिली जगदलपुर सेंट्रल जेल के दीवार फांदके फरार होए आरोपी ला बस्तर पुलिस नारायणपुर जिला ले घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लीस। ए कार्रवाई ला बस्तर पुलिस के एक बड़ी सफलता माने जात हवय।
कोतवाली थाना पुलिस के मुताबिक, आरोपी के गिरफ्तारी बर लगातार अभियान चलत रहिस। गुप्त सूचना के आधार ऊपर विशेष टीम बनाके नारायणपुर भेजे गे, जिहां घेराबंदी करके आरोपी ला बिना कऊनो अप्रिय घटना के गिरफ्तार कर लीस गे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी ला न्यायालय मं पेश करके कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दिस हवय।
जेल ले फरार होए के बाद बन गे रहिस पुलिस बर चुनौती
महेंद्र दीवान के नाम बस्तर अंचल मं लंबे समय ले चर्चा मं रहिस। पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग-अलग आपराधिक गतिविधि मं शामिल रहिस अउ पहले ले कई मामला मं आरोपी रहिचुक हवय।
करीब तीन महीना पहिली जगदलपुर के केंद्रीय जेल ले दीवार फांदके फरार होए के बाद पूरा पुलिस महकमा सतर्क होगे रहिस। जेल सुरक्षा ऊपर घलो सवाल उठे रहिन अउ आरोपी के तलाश बर लगातार अभियान चलाय जात रहिस।
फरारी के बाद आरोपी बार-बार अपन ठिकाना बदलत रहिस, जेन ले पुलिस बर ओकर तक पहुंचना आसान नइ रहिस।
गुप्त सूचना बनिस गिरफ्तारी के आधार
कोतवाली थाना प्रभारी लीलाधर राठौर के अनुसार, पुलिस ला विश्वसनीय सूचना मिलिस कि महेंद्र दीवान नारायणपुर जिला के एक संदिग्ध ठिकाना मं छिपे हवय।
सूचना मिलतेच विशेष पुलिस टीम तत्काल रवाना होइस। टीम बारीकी ले निगरानी करत संदिग्ध इलाका के घेराबंदी करिस। कुछ देर के खोजबीन अउ रणनीतिक कार्रवाई के बाद आरोपी ला धर दबोचे मं पुलिस सफल होइस।
पुलिस अधिकारी मन के मुताबिक गिरफ्तारी के दौरान आरोपी भागे के कोशिश करे के स्थिति मं नइ रहिस अउ बिना विरोध के पुलिस के कब्जा मं आ गे।
तीन महीना ले लगातार चलत रहिस तलाश
महेंद्र दीवान के फरार होए के बाद बस्तर संभाग के अलग-अलग जिला मं पुलिस लगातार ओकर खोज मं जुटे रहिस।
तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र अउ स्थानीय स्तर के सूचना के आधार ऊपर पुलिस ओकर गतिविधि ऊपर नजर बनाए रखिस। कई संभावित ठिकाना मं दबिश घलो दे गे, फेर आरोपी हर बार पुलिस ले बचत रहिस।
आखिरकार नारायणपुर ले मिले पुख्ता सूचना पुलिस बर निर्णायक साबित होइस।
कड़ी सुरक्षा मं न्यायालय मं पेश
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी ला कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायालय मं पेश करिस।
न्यायालयीन प्रक्रिया पूरा करे के बाद आरोपी ला नियमानुसार न्यायिक अभिरक्षा मं भेजे के कार्रवाई शुरू कर दीस गे। पुलिस के मुताबिक, जेल फरारी के इतिहास ला देखते सुरक्षा व्यवस्था मं विशेष सावधानी बरते जात हवय।
अब फरारी के दौरान के संपर्क मन के जांच
पुलिस अब महेंद्र दीवान ले गहन पूछताछ करत हवय। जांच अधिकारी जानना चाहत हवंय कि फरारी के तीन महीना के दौरान आरोपी कहां-कहां रहिस, काकर-काकर संपर्क मं रहिस अउ ओकर मदद कऊन-कऊन मन करिन।
जांच मं ए बात के घलो पता लगाय जावत हवय कि जेल ले फरार होए के बाद ओकर ला आर्थिक मदद, रहई के ठिकाना या दूसर सुविधा कऊन उपलब्ध करवाइस।
अगर जांच मं दूसर लोगन के भूमिका सामने आथे, त ओमन ऊपर घलो कानूनी कार्रवाई हो सकथे।
पुलिस ला अउ खुलासा होए के उम्मीद
बस्तर पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अउ कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकथे।
आरोपी के आपराधिक नेटवर्क, फरारी के दौरान के गतिविधि अउ संभावित सहयोगी मन के बारे मं जानकारी जुटाय जात हवय। ए खुलासा ले क्षेत्र मं सक्रिय आपराधिक गिरोह या संपर्क के बारे मं घलो महत्वपूर्ण सुराग मिल सकथे।
आदतन अपराधी के रूप मं पहचान
पुलिस रिकॉर्ड अनुसार, महेंद्र दीवान आदतन अपराधी के रूप मं चिन्हांकित हवय। अलग-अलग मामला मं ओकर नाम सामने आ चुके हवय।
ए कारण ले जेल ले फरार होए के बाद ओकर गिरफ्तारी पुलिस बर प्राथमिकता बने रहिस। अधिकारी मन के कहना हवय कि ए कार्रवाई ले आम जनता मं सुरक्षा के भावना मजबूत होही अउ अपराधी मन बर कड़ा संदेश जाही।
पुलिस के सक्रियता के सराहना
आरोपी के गिरफ्तारी के बाद बस्तर संभाग मं पुलिस के कार्रवाई के सराहना होवत हवय। स्थानीय नागरिक मन के कहना हे कि लंबे समय ले फरार आरोपी के गिरफ्तारी ले पुलिस के मेहनत अउ सतर्कता साफ दिखाई देथे।
पुलिस अधिकारी मन घलो कहिन कि फरार अपराधी मन ऊपर अभियान आगे घलो जारी रही अउ कानून ले बचके भागे वाला कऊनो घलो आरोपी ला बख्शा नइ जाही।
आगे का होही?
अब पुलिस महेंद्र दीवान ले मिले जानकारी के आधार ऊपर जांच के दायरा अउ बढ़ा सकथे। अगर फरारी मं कऊनो दूसर व्यक्ति के संलिप्तता सामने आही, त ओमन ऊपर घलो कार्रवाई होही।
फिलहाल आरोपी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हवय अउ मामला के जांच जारी हवय। पुलिस के मानना हे कि पूछताछ ले अउ कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकथें।
