लोकसभा मं सांसद बृजमोहन अग्रवाल उठाइन पीडीएस बायोमेट्रिक के मुद्दा, कहिन– तकनीकी दिक्कत ले कऊनो गरीब के राशन नई रुकना चाही
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। संसद के मानसून सत्र मं रायपुर लोकसभा क्षेत्र के वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल छत्तीसगढ़ सहित देश भर के करोड़ों राशन हितग्राही मन के समस्या ला जोरदार ढंग ले लोकसभा मं उठाइन। ओमन विशेष रूप ले सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) मं उपयोग होवत ई-पॉस (e-POS) मशीन, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, सर्वर डाउन होय के समस्या अउ राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी के दौरान गरीब परिवार मन ला होवत दिक्कत ऊपर केंद्र सरकार के ध्यान आकर्षित करिन।
सांसद के कहना रहिस कि छत्तीसगढ़ के बस्तर, सरगुजा जइसन दूरस्थ जनजातीय इलाका अउ दूसर राज्य मं मजदूरी करे बर जावत प्रवासी श्रमिक मन अक्सर तकनीकी समस्या के कारण समय पर राशन नइ पा सकंय। ए स्थिति ला देखते ओमन संसद मं मांग करिन कि राशन वितरण व्यवस्था ला अउ आसान, भरोसेमंद अउ तकनीकी रूप ले मजबूत बनाय जाय।
गरीब हितग्राही मन के आवाज पहुंचिस संसद तक
लोकसभा मं सवाल रखत बृजमोहन अग्रवाल कहिन कि सरकार के वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना गरीब परिवार मन बर बहुत महत्वपूर्ण पहल आय। फेर जमीनी स्तर मं अब घलो कई अइसन दिक्कत सामने आवत हवय, जेन ले पात्र हितग्राही मन ला राशन लेय मं परेशानी झेलना पड़त हवय।
ओमन बताइन कि कई बार बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मैच नइ होवय, इंटरनेट नेटवर्क कमजोर रहिथे या सर्वर डाउन हो जाथे। ए स्थिति मं गरीब परिवार, बुजुर्ग, जनजातीय नागरिक अउ प्रवासी मजदूर मन ला राशन ले खाली हाथ वापस लहुटना पड़थे।
बस्तर अउ सरगुजा के समस्या ला रखिन प्रमुखता ले
सांसद बृजमोहन अग्रवाल विशेष रूप ले छत्तीसगढ़ के बस्तर अउ सरगुजा संभाग के उदाहरण देत कहिन कि ए इलाका मं नेटवर्क कनेक्टिविटी आज घलो चुनौती बने हवय।
दूर-दराज के गांव मं इंटरनेट सुविधा कमजोर होय के कारण ई-पॉस मशीन सही ढंग ले काम नइ करय। कई बार हितग्राही के अंगूठा के निशान मशीन मं दर्ज नइ होवय, जेन ले राशन वितरण मं अनावश्यक देरी होथे।
ओमन कहिन कि अइसने स्थिति मं गरीब परिवार मन ला बार-बार राशन दुकान के चक्कर काटना पड़थे, जेन ले समय अउ पैसा दूनों के नुकसान होथे।
IRIS स्कैनर अउ स्मार्ट टोकन के मांग
लोकसभा मं सांसद बृजमोहन अग्रवाल सरकार ले मांग करिन कि जिहां फिंगरप्रिंट आधारित बायोमेट्रिक काम नइ करय, उहां IRIS (आंख के पुतली) स्कैनर के सुविधा उपलब्ध कराय जाय।
एखर संग-संग, ओमन ऑफलाइन स्मार्ट टोकन जइसन वैकल्पिक व्यवस्था लागू करे के सुझाव घलो देइन, ताकि इंटरनेट या सर्वर के समस्या होय के बावजूद गरीब मन ला राशन मिल सके।
ओमन के कहना रहिस कि तकनीक सुविधा देय बर होथे, परेशानी बढ़ाय बर नइ।
प्रवासी मजदूर मन के दिक्कत ऊपर घलो उठाइस सवाल
सांसद कहिन कि छत्तीसगढ़ ले हजारों मजदूर रोजी-रोटी बर देश के अलग-अलग राज्य मं जाथें। ए श्रमिक मन वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के माध्यम ले दूसर राज्य मं राशन लेय के पात्र हवंय।
फेर व्यवहारिक रूप ले कई बार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण या नेटवर्क समस्या के कारण राशन नइ मिल पावय। ए स्थिति मं सबसे जियादा असर गरीब मजदूर परिवार मन ऊपर पड़थे।
ओमन मांग करिन कि केंद्र सरकार अइसन व्यवस्था बनावय, जेन ले कऊनो पात्र हितग्राही राशन ले वंचित नइ रहय।
केंद्र सरकार के जवाब ले मिलिस राहत
लोकसभा मं पूछे गे सवाल के जवाब मं केंद्र सरकार स्पष्ट करिस कि तकनीकी कारण ले कऊनो पात्र हितग्राही के राशन नई रोकाय जा सकय।
सरकार के मुताबिक अगर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण मं दिक्कत आथे या सर्वर संबंधी समस्या होथे, त निर्धारित नियम अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम ले राशन वितरण सुनिश्चित करे जाही।
ए जवाब के बाद सांसद बृजमोहन अग्रवाल संतोष व्यक्त करत कहिन कि ए फैसला लाखों गरीब परिवार मन बर राहत के बात आय।
“जमीनी स्तर मं नियम के पालन सुनिश्चित करबो” – बृजमोहन
सांसद कहिन कि संसद मं जवाब मिलना महत्वपूर्ण बात आय, फेर असली चुनौती ए नियम मन के सही पालन आय।
ओमन कहिन—
“छत्तीसगढ़ के बस्तर अउ सरगुजा अंचल जइसन दूरस्थ इलाका मं हमर जनजातीय भाई-बहिनी अउ मजदूरी बर बाहिर जावत प्रवासी श्रमिक मन ला बायोमेट्रिक नइ मिलय या सर्वर डाउन होय के कारण राशन लेय मं दिक्कत होवत रहिस। ए जनसमस्या ला ध्यान मं रखके ए विषय संसद मं उठाए गे। केंद्र सरकार के जवाब राहत देय वाला हवय। अब हमर कोशिश रही कि जमीनी स्तर मं घलो ए नियम के सख्ती ले पालन होवय अउ हर पात्र गरीब ला समय मं पूरा राशन मिलय।”
गरीब परिवार मन बर भरोसा के संदेश
सांसद के मुताबिक राशन योजना देश के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम मन मं एक आय। ए योजना के उद्देश्य ए सुनिश्चित करना आय कि कऊनो गरीब परिवार भूखा नइ रहय।
ओमन कहिन कि तकनीकी व्यवस्था लगातार बेहतर बनत हवय, फेर जिहां समस्या आवत हवय, उहां तत्काल समाधान जरूरी हवय।
जनजातीय इलाका मं तकनीकी सुविधा बढ़ाय के जरूरत
विशेषज्ञ मन के मानना हे कि बस्तर, सरगुजा अउ अइसने दूरस्थ वनांचल इलाका मं डिजिटल नेटवर्क अउ तकनीकी संसाधन मजबूत करे के जरूरत हवय।
अगर इंटरनेट सुविधा बेहतर होही अउ वैकल्पिक प्रमाणीकरण व्यवस्था लागू होही, त राशन वितरण अउ जियादा पारदर्शी अउ आसान बन सकही।
गरीब हितग्राही मन के अधिकार के सवाल
लोकसभा मं उठे ए मुद्दा सिरिफ तकनीकी समस्या के नइ, बल्कि गरीब हितग्राही मन के खाद्य सुरक्षा के अधिकार संग जुड़ाय विषय आय।
अगर संसद मं उठे सुझाव के आधार ऊपर जमीनी स्तर मं सुधार होथे, त लाखों जनजातीय परिवार, प्रवासी मजदूर अउ आर्थिक रूप ले कमजोर नागरिक मन ला सीधा फायदा मिल सकथे।
अब सबके नजर ए बात ऊपर टिके हवय कि केंद्र अउ राज्य स्तर मं ए निर्देश मन के पालन कइसे सुनिश्चित करे जाथे, ताकि छत्तीसगढ़ के हर पात्र नागरिक ला बिना बाधा के राशन मिल सके।
