कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अउ कोरबा जिला के प्रभारी मंत्री अरुण साव के कोरबा दौरा के दौरान गुरुवार के दिन राजनीतिक माहौल मं गरमी देखे बर मिलिस। उपमुख्यमंत्री के दौरा के विरोध मं काला झंडा दिखाय बर पहुंचत युवा कांग्रेस अउ एनएसयूआई के कई नेता अउ कार्यकर्ता मन ला पुलिस ले पहिली ही हिरासत मं ले लीस। पुलिस के कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी अपन तय विरोध प्रदर्शन नइ कर पाइन।
बताए जावत हवय कि युवा कांग्रेस अउ एनएसयूआई के कार्यकर्ता मन दिल्ली मं छात्र मन के संग कथित बल प्रयोग अउ अभद्र व्यवहार के विरोध मं उपमुख्यमंत्री के कोरबा आगमन के दौरान काला झंडा दिखाय के तैयारी मं रहिन। संगठन के कार्यकर्ता मन के कहना रहिस कि छात्र मन के मुद्दा ला दबाए के बजाय सरकार ला छात्र मन के बात सुने अउ उनकर मांग ऊपर गंभीरता ले विचार करना चाही।
प्रदर्शन के जानकारी पुलिस प्रशासन ला पहिली ही मिल गे रहिस। एकर बाद कोरबा पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था ला लेके अलर्ट होगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव के कार्यक्रम स्थल अउ उनकर गुजरने वाले संभावित रास्ता मं पुलिस बल तैनात करे गे। प्रशासन के तरफ ले ये कोशिश करे गे कि कोनो किसम के अप्रिय स्थिति नइ बने अउ वीआईपी दौरा के दौरान कानून-व्यवस्था कायम रहय।
मंत्री के आगमन ले पहिली पुलिस पहुंचिस प्रदर्शनकारी मन तक
गुरुवार के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के कोरबा पहुंचने ले पहिली ही युवा कांग्रेस अउ एनएसयूआई के कार्यकर्ता मन काला झंडा लेके विरोध प्रदर्शन बर जुटे के कोशिश करिन। पुलिस प्रशासन पहिली ले अलर्ट रहिस, अइसने मं प्रदर्शनकारी मन के जुटे के खबर मिलते ही पुलिस के टीम सक्रिय होगे।
पुलिस जवान मन कई कार्यकर्ता मन ला रास्ता मं ही रोक लीस। कुछ कार्यकर्ता मन पुलिस कार्रवाई के विरोध करिन अउ सरकार के खिलाफ नारा लगावत नजर आइन। प्रदर्शनकारी मन दिल्ली मं छात्र मन के संग कथित रूप ले करे गे बल प्रयोग अउ अभद्र व्यवहार के विरोध मं आवाज उठाइन।
कार्यकर्ता मन के तरफ ले मांग करे गे कि छात्र मन के ऊपर होवत कथित अत्याचार बंद होना चाही अउ लोकतांत्रिक तरीका ले विरोध करे वाले छात्र मन के आवाज ला दबाए के बजाय उनकर बात सुने जाना चाही।
स्थिति ला देखत पुलिस ले एहतियात के तौर मं प्रदर्शन करे बर पहुंचेवाले कार्यकर्ता मन ला हिरासत मं ले लीस। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था ला बनाए रखना अउ उपमुख्यमंत्री के दौरा के दौरान कोनो किसम के अप्रिय स्थिति ला रोके रहिस।
मानिकपुर चौकी मं बनाए गे अस्थायी जेल मं रखे गे कार्यकर्ता
हिरासत मं लिए गे युवा कांग्रेस अउ एनएसयूआई के नेता अउ कार्यकर्ता मन ला मानिकपुर चौकी मं बनाए गे अस्थायी जेल मं रखे गे। पुलिस कार्रवाई के बाद कुछ समय तक प्रदर्शनकारी मन पुलिस हिरासत मं रहिन।
पुलिस के तरफ ले हिरासत मं लिए गे कार्यकर्ता मन के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शुरू करे के बात कही गे हवय। हालांकि, प्रदर्शनकारी संगठन के नेता मन पुलिस के कार्रवाई ला सरकार के दबाव मं करे गे कार्रवाई बतावत अपन विरोध दर्ज कराइन।
युवा कांग्रेस अउ एनएसयूआई के कार्यकर्ता मन के कहना रहिस कि वो मन शांतिपूर्ण तरीका ले अपन विरोध दर्ज कराय बर पहुंचिन रहिन। उनकर योजना काला झंडा दिखाके अपन विरोध जताय के रहिस। संगठन के नेता मन के आरोप हवय कि पुलिस ले उनकर प्रदर्शन करे के अधिकार ला दबाए के कोशिश करे गे।
वहीं पुलिस प्रशासन के तर्क हवय कि वीआईपी दौरा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था अउ कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के जिम्मेदारी हवय। अइसने मं कोनो किसम के विरोध प्रदर्शन ले स्थिति बिगड़े के आशंका ला देखत एहतियातन कार्रवाई करे गे।
कई प्रमुख नेता अउ कार्यकर्ता पुलिस हिरासत मं
पुलिस कार्रवाई के दौरान युवा कांग्रेस अउ एनएसयूआई के कई पदाधिकारी अउ कार्यकर्ता मन ला हिरासत मं लिए गे। हिरासत मं लिए गे नेता मन मं युवा कांग्रेस अउ एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव विशाल सिंह, प्रतीक पांडे, भानु भगत, आशीष बंजारे अउ नवनीत सिंह समेत कई अउ पदाधिकारी अउ कार्यकर्ता शामिल बताए जात हवय।
कार्यकर्ता मन के हिरासत के बाद कांग्रेस संगठन के स्थानीय कार्यकर्ता मन मं नाराजगी देखे बर मिलिस। संगठन के नेता मन आरोप लगाइन कि सरकार विरोध के आवाज ला दबाए के कोशिश करत हवय। उनकर कहना रहिस कि लोकतंत्र मं हर राजनीतिक दल अउ नागरिक ला अपन बात रखे के अधिकार होथे।
दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन अपन कार्रवाई ला कानून-व्यवस्था ले जोड़के देखत हवय। पुलिस के कहना हवय कि प्रदर्शन के सूचना पहिली ले मिल गे रहिस, अइसने मं सुरक्षा के दृष्टि ले जरूरी कदम उठाए गे।
छात्र मन के मुद्दा ला लेके विरोध प्रदर्शन
युवा कांग्रेस अउ एनएसयूआई के तरफ ले करे जा रहे विरोध प्रदर्शन के मुख्य मुद्दा दिल्ली मं छात्र मन के संग कथित बल प्रयोग अउ अभद्र व्यवहार बताए गे हवय। संगठन के नेता मन के आरोप हवय कि छात्र मन के जायज मांग अउ आवाज ला दबाए के कोशिश करे गे, जेनकर खिलाफ वो मन अपन विरोध दर्ज कराय चाहत रहिन।
एनएसयूआई छात्र संगठन होए के कारण छात्र मन के मुद्दा ला अपन राजनीतिक गतिविधि के प्रमुख हिस्सा बनावत आए हवय। अइसने मं दिल्ली के घटना ला लेके संगठन के कार्यकर्ता मन कोरबा मं घलो अपन विरोध जताय के फैसला करिन।
काला झंडा दिखाना राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के एक तरीका माने जाथे। युवा कांग्रेस अउ एनएसयूआई के कार्यकर्ता मन घलो अइसने तरीका ले उपमुख्यमंत्री के दौरा के दौरान अपन विरोध दर्ज कराय चाहत रहिन। फेर पुलिस कार्रवाई के चलते वो मन अपन तय कार्यक्रम के मुताबिक काला झंडा नइ दिखा पाइन।
विशाल सिंह बोले- छात्रों ला न्याय मिले तक आंदोलन जारी रही
हिरासत मं लिए गे के बाद युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विशाल सिंह सरकार ऊपर गंभीर आरोप लगाइन। उनकर कहना रहिस कि छात्र मन के आवाज ला दबाए के कोशिश करे जा रहिस अउ लोकतांत्रिक तरीका ले विरोध करे वाले मन के ऊपर कार्रवाई करे जा रहिस।
विशाल सिंह के कहना हवय कि छात्र मन के संग होवत कथित अन्याय के खिलाफ युवा कांग्रेस अउ एनएसयूआई अपन लड़ाई जारी रखही। जब तक छात्र मन ला न्याय नइ मिल जाही, तब तक आंदोलन अउ विरोध प्रदर्शन जारी रखे जाही।
उंकर आरोप रहिस कि सरकार ला विरोध के आवाज सुने के बजाय विरोध करे वाले मन ला हिरासत मं लेके दबाए के कोशिश नइ करना चाही। लोकतंत्र मं असहमति के आवाज के सम्मान होना चाही अउ सरकार ला छात्र मन के समस्या के समाधान बर पहल करना चाही।
कोरबा मं राजनीतिक विरोध के बीच बढ़िस सियासी हलचल
उपमुख्यमंत्री अरुण साव के कोरबा दौरा के दौरान युवा कांग्रेस अउ एनएसयूआई कार्यकर्ता मन के हिरासत मं लिए जाना अब स्थानीय राजनीति मं चर्चा के विषय बनगे हवय। एक तरफ पुलिस प्रशासन सुरक्षा अउ कानून-व्यवस्था ला कार्रवाई के कारण बता रहिस, त दूसर तरफ कांग्रेस के युवा संगठन मन एकर विरोध करत सरकार ऊपर लोकतांत्रिक अधिकार ला दबाए के आरोप लगावत हवय।
घटना के बाद अब देखे के बात ये होही कि हिरासत मं लिए गे कार्यकर्ता मन के खिलाफ पुलिस के प्रतिबंधात्मक कार्रवाई आगू का रूप लेथे। संग मं युवा कांग्रेस अउ एनएसयूआई के तरफ ले अपन आंदोलन ला आगू बढ़ाय बर का रणनीति बनाए जाही।
फिलहाल, कोरबा मं उपमुख्यमंत्री अरुण साव के दौरा के पहिली पुलिस के कार्रवाई अउ युवा कांग्रेस-एनएसयूआई कार्यकर्ता मन के हिरासत मं लिए जाने के मामला राजनीतिक चर्चा के केंद्र मं हवय। घटना ला लेके सत्ता पक्ष अउ विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौर आगू घलो जारी रहे के संभावना हवय।
अंत मं, ये पूरा मामला एक बार फेर लोकतंत्र मं विरोध प्रदर्शन के अधिकार अउ कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन के सवाल ला सामने लाथे। एक तरफ प्रशासन के जिम्मेदारी वीआईपी दौरा के दौरान सुरक्षा बनाए रखना हवय, त दूसर तरफ राजनीतिक दल मन के अपन बात शांतिपूर्ण तरीका ले जनता तक पहुंचाय के अधिकार घलो लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्सा हवय। अब जरूरत ये बात के हवय कि अइसन राजनीतिक विरोध के दौरान प्रशासन अउ प्रदर्शनकारी संगठन मन के बीच संवाद के रास्ता बने रहय, ताकि विरोध घलो होवय अउ कानून-व्यवस्था घलो कायम रहय।
