रायपुर के राजीव भवन घटना ऊपर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ह भाजपा अऊ राज्य सरकार ऊपर गंभीर आरोप लगाइन। पत्थरबाजी, लाठी अऊ पुलिस कार्रवाई ला लेके निष्पक्ष जांच के मांग करिन। जानव पूरा बयान।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर मं भाजपा अऊ कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव अब अउ तेज होगे हवय। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन मं आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ह भाजपा अऊ राज्य सरकार ऊपर गंभीर आरोप लगाइन। ओमन दावा करिन कि भाजपा के नाम ले होए प्रदर्शन वास्तव मं सरकार के संरक्षण मं कांग्रेस मुख्यालय ऊपर सुनियोजित हमला रहिस।
सुशील आनंद शुक्ला के मुताबिक, घटना के समय कांग्रेस कार्यकर्ता मन रोज के जइसने पार्टी कार्यालय मं मौजूद रहिन। जइसेच भाजपा कार्यकर्ता मन के कांग्रेस मुख्यालय तरफ बढ़े के जानकारी मिलिस, त कांग्रेस कार्यकर्ता मन अपन कार्यालय के रक्षा अऊ प्रतिवाद बर सामने आइन।
ए बयान के बाद प्रदेश के राजनीति मं आरोप-प्रत्यारोप अउ तेज होगे हवय। भाजपा अऊ कांग्रेस दूनों दल घटना ला लेके एक-दूसर ऊपर गंभीर आरोप लगा रहलें हवंय।
“ए भाजपा के प्रदर्शन नई, सरकार के हमला रहिस”
पत्रकार वार्ता मं सुशील आनंद शुक्ला ह कहिन कि भाजपा ह ए कार्यक्रम ला प्रदर्शन बतावत हे, फेर कांग्रेस के नजर मं ए सिरिफ राजनीतिक प्रदर्शन नई, बल्कि सरकार के संरक्षण मं कांग्रेस मुख्यालय ऊपर हमला करे के कोशिश रहिस।
ओमन आरोप लगाइन कि घटना के दौरान सरकार के कई मंत्री घलो मौजूद रहिन, जेनकर कारण ए घटना केवल पार्टी स्तर के विरोध नई, बल्कि सत्ता पक्ष के राजनीतिक कार्रवाई के रूप मं देखे जा सकथे।
कांग्रेस के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था मं विपक्ष के कार्यालय ऊपर अइसने घटना गंभीर चिंता के विषय आय।
कांग्रेस कार्यकर्ता मन रोज के जइसने कार्यालय मं रहिन
सुशील आनंद शुक्ला ह बताइन कि घटना के समय कांग्रेस कार्यकर्ता मन सामान्य दिन के तरह राजीव भवन मं मौजूद रहिन।
ओमन कहिन कि भाजपा कार्यकर्ता मन के कांग्रेस कार्यालय तरफ आवत के जानकारी मिलतेच पार्टी कार्यकर्ता मन कार्यालय के बाहिर निकलिन अऊ लोकतांत्रिक ढंग ले विरोध दर्ज कराइन।
कांग्रेस के मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ता मन हमला करे बर नई, बल्कि अपन कार्यालय अऊ संगठन के रक्षा बर सामने आइन।
भाजपा ऊपर पत्थरबाजी के आरोप
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ह भाजपा कार्यकर्ता मन ऊपर गंभीर आरोप लगाइन।
ओमन दावा करिन कि भाजपा कार्यकर्ता मन कांग्रेस कार्यकर्ता ऊपर—
- पत्थर फेंकिन,
- पानी के बोतल फेंकिन,
- लाठी ले हमला करे के प्रयास करिन।
सुशील आनंद शुक्ला के अनुसार, ए घटना मं कई कांग्रेस कार्यकर्ता चोटिल घलो होए हवंय।
हालांकि, ए आरोप के संबंध मं भाजपा के आधिकारिक पक्ष अलग हवय, जिहां भाजपा ह हिंसा के शुरुआत कांग्रेस के तरफ ले होय के दावा करत हे।
“ट्रैक्टर भर पत्थर अऊ लाठी ले आइन”
पत्रकार वार्ता मं कांग्रेस नेता ह आरोप लगाइन कि भाजपा कार्यकर्ता मन पूर्व तैयारी के संग प्रदर्शन मं पहुंचिन।
ओमन कहिन कि भाजपा कार्यकर्ता मन कथित रूप ले ट्रैक्टर भर पत्थर, पुराना चप्पल अऊ लाठी संग लेके आइन।
कांग्रेस के मुताबिक, ए बात ले स्पष्ट होथे कि पूरा घटना पूर्व नियोजित रहिस।
हालांकि, ए दावा के स्वतंत्र पुष्टि अभी तक आधिकारिक रूप ले नई हो पाए हवय।
पुलिस के भूमिका ऊपर घलो उठाइन सवाल
सुशील आनंद शुक्ला ह पुलिस कार्रवाई ऊपर घलो सवाल उठाइन।
ओमन आरोप लगाइन कि घटना के दौरान पुलिस ह कांग्रेस कार्यकर्ता मन ऊपर पांच आंसू गैस के गोला छोड़िस, जबकि भाजपा कार्यकर्ता मन ऊपर एक घलो आंसू गैस के गोला नई चलाय गीस।
कांग्रेस के अनुसार, पुलिस के ए कार्रवाई निष्पक्ष नई रहिस अऊ कानून के समान व्यवहार के सिद्धांत ऊपर सवाल खड़ा करथे।
ए आरोप ऊपर पुलिस विभाग के आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जावत तक सामने नई आए रहिस।
घटना के निष्पक्ष जांच के मांग
प्रदेश कांग्रेस ह पूरा मामला के निष्पक्ष जांच करे के मांग करे हवय।
कांग्रेस नेता मन के कहना हे कि घटना के सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग अऊ अन्य साक्ष्य के जांच करके जिम्मेदार व्यक्ति मन के पहचान करे जावय।
ओमन कहिन कि अगर निष्पक्ष जांच होही, त घटना के पूरा सच जनता के सामने आ जाही।
रायपुर के राजनीति मं बढ़त टकराव
राजीव भवन घटना के बाद प्रदेश के राजनीति मं बयानबाजी लगातार तेज होवत हे।
एक ओर कांग्रेस भाजपा अऊ सरकार ऊपर हमला करे के आरोप लगा रहिस, त दूसर ओर भाजपा कांग्रेस ऊपर हिंसा भड़काय के आरोप लगा चुकिस।
राजधानी रायपुर मं ए मामला अब सबसे चर्चित राजनीतिक मुद्दा बन गे हवय।
तथ्य जांच के बादे होही स्पष्ट स्थिति
फिलहाल ए पूरा मामला मं अलग-अलग राजनीतिक दल अपन-अपन दावा अऊ आरोप रखत हवंय।
घटना के वास्तविक स्थिति, हिंसा के शुरुआत, पुलिस कार्रवाई अऊ जिम्मेदारी के स्पष्ट जानकारी जांच रिपोर्ट, वीडियो साक्ष्य अऊ प्रशासनिक जांच के बादे सामने आ सकही।
लोकतांत्रिक व्यवस्था मं अइसने संवेदनशील मामला मं निष्पक्ष जांच, सभी पक्ष के बात सुने अऊ कानून अनुसार कार्रवाई करना सबसे जरूरी प्रक्रिया माने जाथे।
