मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह प्रधानमंत्री आवास बाहिर राहुल गांधी के प्रदर्शन के लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताइस। NEET पेपर लीक, विपक्ष के राजनीति अऊ लोकतंत्र के मर्यादा ऊपर जानव मुख्यमंत्री के पूरा बयान।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह प्रधानमंत्री आवास के बाहिर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व मं होए प्रदर्शन ऊपर कड़ी प्रतिक्रिया देत एला लोकतांत्रिक परंपरा अऊ संवैधानिक मर्यादा के खिलाफ बताइस। मुख्यमंत्री के कहना हे कि लोकतंत्र मं विरोध जताय के अधिकार सबो राजनीतिक दल मन ला हे, फेर ओकर घलो एक निश्चित मर्यादा अऊ संवैधानिक सीमा होथे, जेनकर पालन करना सबके जिम्मेदारी आय।
मुख्यमंत्री साय ह कहिन कि नेता प्रतिपक्ष देश के एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद होथे। ए पद मं बैठे व्यक्ति ले जिम्मेदार अऊ संतुलित आचरण के अपेक्षा करे जाथे। ए प्रकार के राजनीतिक प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था के गरिमा के अनुरूप नई माने जा सकय।
“नेता प्रतिपक्ष के पद के गरिमा बनाए रखना जरूरी”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुताबिक, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष सिरिफ एक राजनीतिक दल के नेता नई, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण हिस्सा होथें। अइसने पद मं बैठे व्यक्ति के हर कदम जनता बर एक संदेश देथे।
साय ह कहिन कि प्रधानमंत्री आवास जइसने संवेदनशील अऊ प्रतिबंधित इलाका मं प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक परंपरा के अनुरूप नई आय। विरोध दर्ज कराय बर लोकतंत्र मं कई वैधानिक अऊ संवैधानिक माध्यम उपलब्ध हवंय, जेनकर उपयोग करना चाही।
NEET पेपर लीक मामला मं केंद्र शुरू ले गंभीर – साय
मुख्यमंत्री साय ह अपन बयान मं NEET पेपर लीक मामला के घलो जिक्र करिन। ओमन कहिन कि केंद्र सरकार ए मुद्दा ला लेके शुरू लेच गंभीर रहिस अऊ दोषी मन ऊपर त्वरित कार्रवाई करे गे हवय।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया मं पारदर्शिता लाय बर लगातार सुधार के काम होवत हवय। केंद्र सरकार ह जांच एजेंसी मन ला खुला अधिकार देके दोषी मन तक पहुंच बनाए हवय अऊ जेन मन घोटाला मं शामिल मिलही, ओकर ऊपर कड़ी कानूनी कार्रवाई होही।
साय ह कहिन कि देश के लाखों युवा मन के भविष्य संग खिलवाड़ करे वाला मन ला किसी हालत मं बख्शा नई जाही।
“पेपर लीक पाप आय” – प्रधानमंत्री के सोच के जिक्र
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह कहिन कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कई बार सार्वजनिक मंच ले साफ कहे हवंय कि पेपर लीक एक ‘पाप’ आय अऊ ए प्रकार के अपराध युवा मन के मेहनत अऊ सपना ऊपर सीधा हमला आय।
साय के अनुसार, केंद्र सरकार परीक्षा व्यवस्था ला अधिक पारदर्शी, सुरक्षित अऊ भरोसेमंद बनाय बर लगातार सुधार करत हवय। नई तकनीक के उपयोग, कड़े निगरानी तंत्र अऊ दोषी मन ऊपर सख्त कार्रवाई के माध्यम ले भविष्य मं अइसने घटना रोकाय के प्रयास होवत हवय।
कांग्रेस ऊपर साधिस निशाना
मुख्यमंत्री ह कांग्रेस ऊपर हमला बोलत कहिन कि विपक्ष युवामन के संवेदनशील मुद्दा ला राजनीतिक हथियार बनाय के कोशिश करत हवय। ओमन आरोप लगाइन कि जनता के वास्तविक समस्या के समाधान खोजे के बजाय कांग्रेस देश मं भ्रम अऊ अस्थिरता के माहौल बनाय चाहत हे।
साय के मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था मं विपक्ष के भूमिका सरकार ले सवाल पूछे अऊ सुझाव देय के होथे, फेर जनता के भावना ला राजनीतिक लाभ बर उपयोग करना उचित नई आय।
“राजनीतिक स्टंट ला जनता समझत हे”
मुख्यमंत्री के कहना रहिस कि प्रधानमंत्री आवास जइसने प्रतिबंधित अऊ अति संवेदनशील इलाका मं प्रदर्शन करना केवल राजनीतिक संदेश देय के प्रयास आय।
ओमन कहिन कि देश के जनता अब राजनीतिक स्टंट अऊ वास्तविक जनहित के बीच के अंतर ला अच्छे ले समझथे। जनता ए बात ला देखत हे कि कोन दल समस्या के समाधान बर काम करत हे अऊ कोन सिरिफ राजनीतिक माहौल बनाय मं लगे हवय।
साय ह दावा करिन कि लोकतांत्रिक गरिमा के खिलाफ होवत अइसने प्रदर्शन ला देश के जनता स्वीकार नई करही।
लोकतंत्र मं विरोध के अधिकार, फेर मर्यादा घलो जरूरी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह अपन बयान मं फेर दोहराइन कि लोकतंत्र के सबसे बड़े ताकत विरोध के अधिकार आय। सरकार के फैसला ऊपर सवाल उठाय, असहमति जताय अऊ आंदोलन करे के अधिकार संविधान देथे।
फेर ओमन जोड़िन कि विरोध के अधिकार संग-संग संवैधानिक मर्यादा के पालन करना घलो उतकेच जरूरी आय। अगर राजनीतिक दल मन ए सीमा ला पार करहीं, त लोकतांत्रिक संस्थान के गरिमा प्रभावित हो सकथे।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, लोकतंत्र के मजबूती बर जरूरी हे कि सत्ता पक्ष अऊ विपक्ष दुनों संविधान के भावना अऊ लोकतांत्रिक मूल्यमन के सम्मान करंय।
राजनीतिक माहौल गरम, बयानबाजी तेज
प्रधानमंत्री आवास बाहिर प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय राजनीति मं बयानबाजी तेज होगे हवय। एक तरफ विपक्ष ए प्रदर्शन ला लोकतांत्रिक अधिकार बतावत हे, त दूसर तरफ भाजपा नेता मन एला लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बता थें।
छत्तीसगढ़ मं घलो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बयान के बाद ए मुद्दा ऊपर राजनीतिक चर्चा तेज होगे हवय। अलग-अलग राजनीतिक दल अपन-अपन तर्क रखत हवंय।
जनता के हित सर्वोपरि – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय ह आखिर मं कहिन कि सरकार के सबसे बड़े प्राथमिकता देश के युवा, किसान, गरीब अऊ आम नागरिक मन के हित के रक्षा करना आय। सरकार परीक्षा व्यवस्था मं सुधार, पारदर्शिता अऊ जवाबदेही सुनिश्चित करे बर लगातार काम करत हवय।
ओमन जनता ले अपील करिन कि राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्य अऊ संवैधानिक प्रक्रिया ऊपर भरोसा रखंय। लोकतंत्र के मजबूती तभे संभव होही, जब सबो राजनीतिक दल संविधान, कानून अऊ लोकतांत्रिक परंपरा के सम्मान करहीं।
