स्मार्ट मीटर ला लेके जारी विवाद के बीच क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी के बड़ा बयान। कहिन– जियादा बिजली बिल के कारण स्मार्ट मीटर नइ, बल्कि बढ़े बिजली खपत हवय। कांग्रेस ऊपर जनता मं भ्रम फैलाय के आरोप।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ मं स्मार्ट मीटर ला लेके चलत राजनीतिक बहस अब अउ तेज होगे हवय। एक तरफ कांग्रेस स्मार्ट मीटर लगाय के फैसला के विरोध करत हवय, त दूसर तरफ क्रेडा (CREDA) के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी कांग्रेस ऊपर जनता मं गलत जानकारी फैलाय के आरोप लगाइस। उहाँ साफ कहिन कि स्मार्ट मीटर के मकसद बिजली बिल बढ़ाय नइ, बल्कि उपभोक्ता मन ला अपन बिजली खपत के सही जानकारी, पारदर्शी बिलिंग अऊ बेहतर सुविधा देय हवय।
सवन्नी के मुताबिक, जऊन बिजली बिल बढ़े के बात कहिके स्मार्ट मीटर ला दोष देय जात हवय, ओकर असली कारण गर्मी के मौसम मं बिजली खपत के बढ़ जाना हवय। एसी, कूलर, फ्रिज, मोटर, गीजर अऊ दूसर बिजली उपकरण के जियादा उपयोग ले यूनिट बढ़ जाथे, अऊ उपभोक्ता ऊंचा टैरिफ स्लैब मं पहुंच जाथे। एही कारण ले बिजली बिल जियादा आवत हवय, स्मार्ट मीटर के कारण नइ।
“स्मार्ट मीटर ले बिल नइ बढ़य, खपत बढ़थे त बिल बढ़थे”
क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी कहिन कि स्मार्ट मीटर सिरिफ बिजली खपत ला सही तरीका ले दर्ज करथे। एमा कोनो अतिरिक्त चार्ज जोड़ाय नइ जाथे।
ओमन बताइन कि जऊन घर मं गर्मी के महीना मं एसी, कूलर अऊ दूसर बिजली उपकरण के उपयोग जियादा होथे, ओ घर के बिजली खपत अपने आप बढ़ जाथे। बिजली वितरण कंपनी के तय टैरिफ के मुताबिक जइसे-जइसे यूनिट बढ़थे, उपभोक्ता अगला स्लैब मं पहुंच जाथे अऊ बिल के रकम घलो बढ़ जाथे।
ओमन कहिन कि एला स्मार्ट मीटर ले जोड़ना सही नइ होही।
“जऊन योजना के कांग्रेस विरोध करत हवय, ओकर मंजूरी खुद कांग्रेस सरकार दे रहिस”
भूपेंद्र सवन्नी कांग्रेस ऊपर निशाना साधत कहिन कि आज जऊन स्मार्ट मीटर योजना के विरोध होवत हवय, ओकर डीपीआर (Detailed Project Report), प्रशासकीय मंजूरी अऊ टेंडर प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के कार्यकाल मं पूरा होय रहिस।
ओमन कहिन कि ए बात जनता जानय के हकदार हवय कि योजना के शुरुआत आज नइ, बल्कि पिछला सरकार के समय मं होय रहिस।
केंद्र सरकार के योजना के तहत लागू होवत हे स्मार्ट मीटर
सवन्नी बताइन कि स्मार्ट मीटर योजना केंद्र सरकार के Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) के हिस्सा हवय।
ए योजना के उद्देश्य देशभर मं बिजली वितरण व्यवस्था ला मजबूत बनाय, बिजली नुकसान कम करे, बिलिंग व्यवस्था ला पारदर्शी बनाय अऊ उपभोक्ता मन ला आधुनिक सुविधा देना हवय।
ओमन कहिन कि सिरिफ छत्तीसगढ़ मं नइ, बल्कि देश के कई राज्य मं ए योजना लागू होवत हवय। कांग्रेस शासित कई राज्य घलो ए योजना मं स्मार्ट मीटर लगा रहिन।
स्मार्ट मीटर ले उपभोक्ता मन ला का फायदा मिलही?
क्रेडा अध्यक्ष के मुताबिक स्मार्ट मीटर लगाय के बाद उपभोक्ता मन ला कई सुविधा मिलही।
जइसे–
- अपन बिजली खपत के रियल टाइम जानकारी।
- बिलिंग मं पारदर्शिता।
- गलत रीडिंग के संभावना कम।
- बिजली उपयोग ऊपर खुद नियंत्रण रखे के सुविधा।
- बिजली संबंधी सेवा मं तेजी।
ओमन कहिन कि उपभोक्ता अपन खपत ला देखके बिजली बचत घलो कर सकथें।
बिजली बचत ले कम हो सकथे बिल
भूपेंद्र सवन्नी कहिन कि जऊन परिवार बिजली उपयोग ऊपर ध्यान देथें, अनावश्यक उपकरण बंद रखथें अऊ ऊर्जा बचत के उपाय अपनाथें, ओमन अपन बिजली बिल ला काफी हद तक कम कर सकथें।
ओमन कहिन कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ता मन ला अपन बिजली उपयोग समझे मं मदद करथे, जेकर फायदा सीधे उपभोक्ता मन ला मिलथे।
राजनीतिक बयानबाजी ले जनता मं भ्रम नइ फैलना चाही
सवन्नी के कहना हवय कि बिजली जइसन जरूरी सेवा ला राजनीतिक मुद्दा बनाय के बजाय तथ्य के आधार मं चर्चा होय के चाही।
ओमन आरोप लगाइन कि स्मार्ट मीटर ला लेके गलत जानकारी फैलाय ले आम जनता मं अनावश्यक डर अऊ भ्रम पैदा होवत हवय।
हालांकि कांग्रेस के अपन आरोप अऊ तर्क हवंय, फेर लोकतांत्रिक व्यवस्था मं ए विषय ऊपर अलग-अलग राजनीतिक दल के अलग राय हो सकथे।
गर्मी मं काबर बढ़ जाथे बिजली बिल?
विशेषज्ञ मन के मुताबिक गर्मी के मौसम मं—
- एसी लगातार चलथे।
- कूलर के उपयोग बढ़ जाथे।
- पानी मोटर जियादा चलथे।
- फ्रिज के लोड बढ़ जाथे।
- पंखा दिन-रात चलथे।
ए सबके कारण बिजली खपत बढ़थे अऊ टैरिफ स्लैब बदल जाथे, जेन ले बिल जियादा दिखथे।
उपभोक्ता मन बर कुछ जरूरी सलाह
अगर बिजली बिल कम करना चाहत हव, त विशेषज्ञ मन के मुताबिक—
- अनावश्यक बिजली उपकरण बंद रखव।
- 5 स्टार रेटिंग वाले उपकरण के उपयोग करव।
- एसी ला 24-26 डिग्री तापमान मं चलावव।
- एलईडी बल्ब के उपयोग बढ़ावव।
- बिजली खपत के नियमित निगरानी करव।
ए उपाय ले बिजली उपयोग कम हो सकथे अऊ बिल घलो घट सकथे।
छत्तीसगढ़ मं स्मार्ट मीटर ला लेके राजनीतिक बहस जरूर चलत हवय, फेर क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी के कहना हवय कि जियादा बिजली बिल के मुख्य कारण स्मार्ट मीटर नइ, बल्कि बढ़े बिजली खपत हवय।
साथ ही, कांग्रेस ए मुद्दा ऊपर अलग राय रखत हवय अऊ योजना के विरोध करत हवय। ए विषय मं अंतिम निष्कर्ष निकाले बर उपभोक्ता मन ला आधिकारिक जानकारी, बिजली खपत के आंकड़ा अऊ संबंधित विभाग के तथ्य ऊपर भरोसा करना चाही।
