रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाला अउ लिकर स्कैम के जांच अब अउ तेज होवत दिखत हे। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामगोपाल अग्रवाल ला शनिवार के दिन रायपुर के विशेष अदालत मं पेश करिस। सुनवाई के बाद अदालत ह कोल लेवी मामला मं उनकर पुलिस रिमांड ला 22 जुलाई तक बढ़ाय के अनुमति दे दीस।
जांच एजेंसी के मुताबिक, कोल लेवी मामला मं पूछताछ अभी जारी हे अउ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लेनदेन अउ अन्य पहलू मन के जांच करे जावत हे। ए कारण ले पुलिस रिमांड बढ़ाय के मांग अदालत के सामने रखे गीस, जेनला कोर्ट स्वीकार करिस।
लिकर स्कैम मं घलो गिरफ्तारी
कोल लेवी मामला के जांच के बीच EOW ह रामगोपाल अग्रवाल ला लिकर स्कैम मं घलो गिरफ्तार कर लिहीस। जांच एजेंसी के अनुसार, शराब घोटाला संबंधी जांच मं कुछ नए तथ्य सामने आए हें, जेन आधार ऊपर कार्रवाई करे गीस। ए मामला मं अदालत ह रामगोपाल अग्रवाल ला 25 जुलाई तक न्यायिक हिरासत मं भेजे के आदेश जारी करिस।
हालांकि, कोल लेवी मामला मं पुलिस रिमांड लागू होए के कारण फिलहाल वो EOW के हिरासत मं ही रहिहीं। जांच एजेंसी के मुताबिक, 22 जुलाई के बाद शराब घोटाला मामला मं अलग ले पुलिस रिमांड मांग जाय सकथे, ताकि ओ मामला मं घलो विस्तृत पूछताछ हो सके।
ओवरटाइम घोटाला मं पूछताछ के अनुमति
ए मामला के बीच EOW ला अदालत ले एक अउ बड़ी राहत मिलिस। एजेंसी ला कथित ओवरटाइम घोटाला संबंधी जांच मं रामगोपाल अग्रवाल ले पूछताछ करे के अनुमति घलो मिल गे हे। ए अनुमति के बाद अब जांच एके समय मं तीन अलग-अलग मामला – कोल लेवी, लिकर स्कैम अउ ओवरटाइम घोटाला – तक फैल गे हे।
जांच अधिकारी मन के मुताबिक, तीनों मामला मं कुछ वित्तीय लेनदेन अउ दस्तावेज के कड़ी के जांच करे जावत हे। एही कारण ले पूछताछ के दायरा लगातार बढ़त जावत हे।
104 करोड़ के लेनदेन के दावा
सुनवाई के दौरान EOW ह अदालत मं ए दावा घलो करे कि जांच के दौरान करीब 104 करोड़ रुपिया के लेनदेन के जानकारी सामने आए हे। एजेंसी के दावा के अनुसार, ए रकम कथित रूप ले कांग्रेस भवन तक पहुंचे के बात जांच मं सामने आइस।
हालांकि, ए बात ऊपर अब तक अदालत के कोनो अंतिम निष्कर्ष नइ आए हे अउ ना ही ए आरोप न्यायिक रूप ले साबित होए हे। जांच अभी जारी हे अउ ए संबंध मं अंतिम निर्णय अदालत के सुनवाई अउ उपलब्ध साक्ष्य के आधार ऊपर होही।
कानूनी जानकार मन के मुताबिक, जांच एजेंसी के दावा अउ अदालत के अंतिम फैसला मं अंतर होथे। जांच के दौरान कई प्रकार के आरोप सामने आ सकथें, फेर ओमन के सत्यता के फैसला न्यायालय के प्रक्रिया पूरा होए के बादे होथे।
जांच के दायरा लगातार बढ़त हे
EOW के अनुसार, जांच के दौरान वित्तीय दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य अउ अन्य आर्थिक गतिविधि के विश्लेषण करे जावत हे। एजेंसी के कहना हे कि जरूरत पड़ने पर अउ घलो कई व्यक्ति मन ले पूछताछ करे जा सकथे।
दूसरी ओर, कांग्रेस के ओर ले ए मामला ऊपर अलग-अलग समय मं राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ चुके हे। पार्टी के कई नेता मन जांच एजेंसी के कार्रवाई ला राजनीतिक प्रेरित बतावत रहे हें, जबकि EOW के कहना हे कि जांच पूरी तरह उपलब्ध साक्ष्य अउ दस्तावेज के आधार ऊपर आगे बढ़त हे।
कोर्ट के आदेश के बाद आगे का प्रक्रिया
अभी के स्थिति मं रामगोपाल अग्रवाल कोल लेवी मामला मं EOW के हिरासत मं रहिहीं। 22 जुलाई के बाद जांच एजेंसी अदालत मं शराब घोटाला मामला मं अलग ले पुलिस रिमांड के मांग रख सकथे। अगर अदालत अनुमति देथे, त लिकर स्कैम के जांच मं घलो विस्तृत पूछताछ हो सकही।
ओवरटाइम घोटाला संबंधी पूछताछ घलो ए बीच जारी रहे के संभावना हे। ए कारण ले आने वाले कुछ दिन जांच एजेंसी बर काफी महत्वपूर्ण माने जावत हें।
राजनीतिक असर घलो दिखे के संभावना
कोल लेवी अउ शराब घोटाला छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित मामला मन मं गिने जाथे। ए मामला मं होवत कार्रवाई के राजनीतिक असर घलो साफ दिखाई दे सकथे। विधानसभा सत्र के दौरान ए मुद्दा ऊपर सत्ता पक्ष अउ विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौर तेज होए के संभावना जताए जावत हे।
राजनीतिक विश्लेषक मन के अनुसार, जांच के हर नए घटनाक्रम ऊपर सबो के नजर बनी रहिही। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया पूरा होए ले पहिली कोनो घलो व्यक्ति ला दोषी मान लेना उचित नइ होही।
फिलहाल EOW अपन जांच ला आगे बढ़ावत हे अउ अलग-अलग पहलू मन के पड़ताल करे जावत हे। अदालत मं प्रस्तुत होवत दस्तावेज, गवाह, आर्थिक रिकॉर्ड अउ अन्य साक्ष्य के आधार ऊपर आगे के कार्रवाई तय होही।
ए मामला मं अंतिम फैसला न्यायालय के सुनवाई पूरा होए के बादे सामने आही। तब तक जांच एजेंसी के दावा अउ संबंधित पक्ष के जवाब कानूनी प्रक्रिया के हिस्सा बने रहिहीं।
