रायपु (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र मं बुधवार ला महालेखाकार (CAG) के वित्तीय वर्ष 2024-25 के रिपोर्ट पेश करे गीस। रिपोर्ट मं राज्य के आर्थिक स्थिति ला लेके एक तरफ राहत भरी तस्वीर सामने आइस, त दूसर तरफ कई गंभीर चिंता के बात घलो उजागर होइस। रिपोर्ट कहिथे कि छत्तीसगढ़ के अर्थव्यवस्था लगातार बढ़त हे, राजस्व संग्रह मं उल्लेखनीय बढ़ोतरी होवत हे अउ राज्य अब केंद्र सरकार के सहायता अनुदान ऊपर पहले ले कम निर्भर होवत हे। फेर एही संग बढ़त कर्जा, ब्याज भुगतान के बढ़त बोझ, बजट प्रबंधन मं कमी अउ कई योजना मं राशि खर्च नइ हो पाय के बात ला लेके महालेखाकार गंभीर टिप्पणी करे हे।
आर्थिक जानकार मन के मुताबिक, राज्य के विकास बर मजबूत राजस्व जरूरी होथे, फेर अगर कर्जा लगातार बढ़त रहय अउ विकास योजनाओं के रकम समय मं खर्च नइ होवय, त आने वाला समय मं ए आर्थिक चुनौती बन सकथे।
GSDP मं दोहरे अंक के बढ़ोतरी
CAG रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 मं छत्तीसगढ़ के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) बढ़के 5.67 लाख करोड़ रुपिया पहुंच गे हे। ए पिछले वित्तीय वर्ष के तुलना मं 10.89 प्रतिशत के वृद्धि दर्शाथे।
आर्थिक विशेषज्ञ मन के मुताबिक GSDP के बढ़ना ए बात के संकेत देथे कि राज्य के उद्योग, कृषि, सेवा क्षेत्र अउ व्यापारिक गतिविधि मं लगातार विस्तार होवत हे। ए वृद्धि राज्य के आर्थिक मजबूती बर सकारात्मक संकेत माने जात हे।
राजस्व आय मं घलो दर्ज होइस बढ़िया बढ़ोतरी
रिपोर्ट मं बताय गे हे कि राज्य के कुल राजस्व प्राप्ति मं 16.21 प्रतिशत के बढ़ोतरी दर्ज होइस। एखर संग-संग राज्य के खुद के राजस्व (Own Tax and Non-Tax Revenue) मं घलो 15.30 प्रतिशत के वृद्धि होइस।
ए आंकड़ा बताथे कि राज्य अब अपन संसाधन ले ज्यादा आमदनी कमाय मं सफल होवत हे। टैक्स संग्रह, खनिज राजस्व, वाणिज्यिक गतिविधि अउ दूसर आय के स्रोत मं सुधार के कारण ए बढ़ोतरी संभव हो पाइस।
केंद्र के अनुदान ऊपर घटिस निर्भरता
CAG रिपोर्ट के एक अउ महत्वपूर्ण पहलू ए रहिस कि केंद्र सरकार ले मिले सहायता अनुदान ऊपर राज्य के निर्भरता घटके 11.86 प्रतिशत रहि गे हे।
आर्थिक दृष्टिकोण ले ए सकारात्मक संकेत माने जावत हे, काबर राज्य अपन आय के स्रोत मजबूत करत दिखत हे। विशेषज्ञ मन कहिथें कि जेन राज्य अपन राजस्व खुद बढ़ाथे, उहां विकास योजना मन ला लंबे समय तक बेहतर ढंग ले संचालित करे के संभावना बढ़ जाथे।
1.45 लाख करोड़ रुपिया के कुल खर्च
वित्तीय वर्ष 2024-25 मं छत्तीसगढ़ सरकार के कुल व्यय लगभग 1.45 लाख करोड़ रुपिया दर्ज करे गीस।
रिपोर्ट बताथे कि एमा 88.53 प्रतिशत हिस्सा राजस्व व्यय मं खर्च होइस। राजस्व व्यय मं कर्मचारी वेतन, पेंशन, सब्सिडी, प्रशासनिक खर्च अउ नियमित सरकारी सेवा शामिल रहिथे।
वहीं 20,054.62 करोड़ रुपिया पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) मं खर्च करे गीस। पूंजीगत व्यय के मतलब अइसने खर्च जेन ले सड़क, पुल, सिंचाई, अस्पताल, स्कूल, बिजली व्यवस्था अउ दूसर स्थायी परिसंपत्ति तैयार होथे।
विशेषज्ञ मन के मुताबिक पूंजीगत व्यय जतेक अधिक होही, राज्य के भविष्य के आर्थिक विकास बर उतकेच बेहतर आधार तैयार होथे।
ऊर्जा अउ खाद्य विभाग मं सबसे अधिक सब्सिडी
महालेखाकार के रिपोर्ट मं उल्लेख करे गे हे कि सरकार द्वारा देय सब्सिडी के सबसे बड़े हिस्सा ऊर्जा विभाग अउ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ला मिलिस।
बिजली उपभोक्ता मन ला राहत देय, किसान मन बर विभिन्न सुविधा अउ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के संचालन बर सरकार हर साल भारी राशि खर्च करथे। एखर परिणाम स्वरूप ए विभाग मन मं सब्सिडी के भार अधिक रहिस।
बढ़त कर्जा बनत हे चिंता के विषय
रिपोर्ट मं आर्थिक मजबूती के संग-संग बढ़त कर्जा ला लेके गंभीर चिंता जताय गे हे। महालेखाकार कहिथे कि राज्य के ऊपर कर्जा लगातार बढ़त हे, जेनकर सीधा असर ब्याज भुगतान ऊपर पड़त हे।
अगर कर्जा के मात्रा लगातार बढ़त रहिस त भविष्य मं सरकार के आय के बड़ा हिस्सा सिरिफ ब्याज चुकाय मं खर्च हो सकथे। ए स्थिति विकास योजना मन बर उपलब्ध संसाधन ला प्रभावित कर सकथे।
बजट प्रबंधन मं सुधार के जरूरत
CAG रिपोर्ट मं बजट प्रबंधन ला लेके घलो सवाल उठाय गे हे। रिपोर्ट मं कहे गे हे कि कई विभाग मन ला आबंटित राशि समय मं खर्च नइ हो पाइस, जबकि कुछ योजना मन मं स्वीकृत बजट के उपयोग अपेक्षित स्तर तक नइ होइस।
विशेषज्ञ मन के मुताबिक अगर समय रहते बजट के सही उपयोग नइ होय, त विकास कार्य प्रभावित होथें अउ जनता ला योजना के पूरा लाभ नइ मिल पाथे।
जवाबदेही अउ पारदर्शिता के महत्व
महालेखाकार के रिपोर्ट के प्रमुख उद्देश्य सरकार के आय-व्यय के पारदर्शी समीक्षा करना होथे। ए रिपोर्ट सरकार ला बताथे कि कहां वित्तीय अनुशासन मजबूत हे अउ कहां सुधार के जरूरत हे।
आर्थिक विशेषज्ञ मन के मुताबिक CAG के सुझाव ऊपर गंभीरता ले अमल करे जाही त राज्य के वित्तीय प्रबंधन अउ अधिक मजबूत हो सकथे।
भविष्य बर का हे संदेश?
छत्तीसगढ़ के अर्थव्यवस्था बर ए रिपोर्ट मिश्रित संकेत देथे। एक ओर GSDP, राजस्व संग्रह अउ आर्थिक गतिविधि मं बढ़ोतरी राज्य बर सकारात्मक संकेत आय। दूसर ओर बढ़त कर्जा, ब्याज भुगतान, बजट प्रबंधन मं कमी अउ योजना के अधूरे क्रियान्वयन ऊपर तत्काल ध्यान देय के जरूरत हे।
अगर सरकार राजस्व वृद्धि के संग-संग वित्तीय अनुशासन, पूंजीगत निवेश अउ बजट के प्रभावी उपयोग ऊपर समान रूप ले ध्यान देवय, त आने वाले बरस मन मं छत्तीसगढ़ के आर्थिक स्थिति अउ मजबूत हो सकथे।
महालेखाकार के ए रिपोर्ट नीति निर्माता, जनप्रतिनिधि अउ आम जनता—तीनों बर महत्वपूर्ण दस्तावेज आय, जेन ले राज्य के आर्थिक दिशा अउ विकास के वास्तविक स्थिति के स्पष्ट जानकारी मिलथे।
