केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के PGI-D 2025-26 रिपोर्ट मं रायगढ़ 329 अंक के संग छत्तीसगढ़ के सबसे बेहतर प्रदर्शन करे वाला जिला बनिस। सरगुजा दूसर अऊ बीजापुर तिसर स्थान मं रहिन। जानव रिपोर्ट मं रायपुर, डिजिटल लर्निंग अऊ शिक्षा के गुणवत्ता संबंधी का-काबर सामने आइस।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के ओर ले जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स फॉर डिस्ट्रिक्ट्स (PGI-D) 2025-26 रिपोर्ट मं छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा व्यवस्था के एक मिले-जुले तस्वीर सामने आइस। रिपोर्ट के मुताबिक रायगढ़ जिला 600 मं 329 अंक हासिल करके प्रदेश के सबसे बेहतर प्रदर्शन करे वाला जिला बन गे हवय। एकर बाद सरगुजा 324 अंक के संग दूसर अऊ बीजापुर 323 अंक के संग तिसर स्थान मं रहिस।
रिपोर्ट ले ए साफ होथे कि प्रदेश के कई जिला मन शिक्षा के क्षेत्र मं लगातार सुधार के दिशा मं काम करत हवंय, फेर अब घलो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अऊ विद्यार्थी मन के सीखे के क्षमता बढ़ाय बर बहुत काम करे के जरूरत बने हवय।
सबले खास बात ए रहिस कि राजधानी रायपुर डिजिटल लर्निंग के श्रेणी मं प्रदेश के सबले बढ़िया प्रदर्शन करिस। डिजिटल संसाधन, तकनीकी सुविधा अऊ ऑनलाइन शिक्षा के उपयोग के मामला मं रायपुर दूसर जिला मन ले आगू रहिस। फेर समग्र मूल्यांकन (Overall Performance) मं रायपुर टॉप-3 जिला मन मं अपन जगह नई बना सकिस।
ए रिपोर्ट बताथे कि केवल स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, इंटरनेट अऊ डिजिटल संसाधन उपलब्ध करा देना भर ले शिक्षा व्यवस्था मजबूत नई होवय। असली सफलता तभे मान जाथे जब विद्यार्थी मन के सीखे के स्तर, परीक्षा परिणाम, कक्षा मं पढ़ई के गुणवत्ता अऊ शिक्षक-विद्यार्थी के सहभागिता मं घलो सुधार दिखय।
सीखे के परिणाम ला दे गे हे सबसे अधिक महत्व
PGI-D रिपोर्ट के अनुसार कुल 600 अंक मं ले 290 अंक, यानी करीब 48 प्रतिशत भार केवल Learning Outcomes (विद्यार्थी मन के सीखे के परिणाम) ऊपर रखे गे हवय। ए बात बताथे कि केंद्र सरकार अब सिरिफ स्कूल भवन, संसाधन या सुविधाओं के बजाय विद्यार्थी मन वास्तव मं कतका सीखत हवंय, एकर ऊपर सबसे जियादा जोर देवत हवय।
यानी यदि कोनो जिला मं बेहतर भवन, कंप्यूटर अऊ डिजिटल सुविधा मौजूद हवय, फेर विद्यार्थी मन के सीखे के स्तर कमजोर हवय, त ओ जिला के समग्र रैंकिंग प्रभावित हो सकथे।
रायगढ़ के सफलता बने दूसर जिला मन बर प्रेरणा
329 अंक के संग प्रदेश मं पहिली स्थान हासिल करके रायगढ़ ए साबित कर दिस कि शिक्षा के गुणवत्ता सुधार बर लगातार प्रयास के सकारात्मक परिणाम मिल सकथे। विशेषज्ञ मन के मुताबिक शिक्षक मन के नियमित प्रशिक्षण, विद्यार्थी मन के मूल्यांकन, स्कूल प्रबंधन अऊ सामुदायिक सहभागिता जइसने पहलू मन घलो ए सफलता मं महत्वपूर्ण भूमिका निभाथें।
रायगढ़ के प्रदर्शन अब दूसर जिला मन बर घलो एक उदाहरण बन सकथे, जिहां शिक्षा विभाग अऊ प्रशासन अपन रणनीति मं सुधार करके बेहतर परिणाम हासिल करे के कोशिश कर सकथें।
सरगुजा अऊ बीजापुर के प्रदर्शन घलो सराहनीय
प्रदेश के शिक्षा रैंकिंग मं सरगुजा 324 अंक अऊ बीजापुर 323 अंक के संग क्रमशः दूसर अऊ तिसर स्थान हासिल करिन। विशेष रूप ले बीजापुर जइसने नक्सल प्रभावित जिला के टॉप-3 मं पहुंचना ए बात के संकेत देथे कि कठिन परिस्थिति के बावजूद शिक्षा व्यवस्था मं लगातार सुधार करे के प्रयास होवत हवय।
शिक्षा विशेषज्ञ मन के अनुसार दूरस्थ इलाका मं स्कूल संचालन, शिक्षक के उपलब्धता अऊ विद्यार्थी मन के नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना आसान काम नई होय। ए कारण ले बीजापुर के प्रदर्शन ला काफी सकारात्मक नजर ले देखे जात हवय।
डिजिटल सुविधा संग शिक्षा के गुणवत्ता मं घलो सुधार जरूरी
रिपोर्ट के निष्कर्ष ले ए स्पष्ट होथे कि शिक्षा मं तकनीक के उपयोग जरूरी हवय, फेर एकर संग-संग विद्यार्थी मन के बुनियादी समझ, पढ़ई के गुणवत्ता, शिक्षक मन के प्रशिक्षण अऊ नियमित मूल्यांकन ऊपर समान रूप ले ध्यान देना जरूरी हवय।
राजधानी रायपुर डिजिटल लर्निंग मं अव्वल जरूर रहिस, फेर समग्र प्रदर्शन मं पिछड़ना ए संकेत देथे कि शिक्षा के गुणवत्ता बढ़ाय बर बहुआयामी प्रयास करे के जरूरत हवय। विशेषज्ञ मन मानथें कि यदि डिजिटल संसाधन अऊ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के बीच संतुलन बनाय जाही, त प्रदेश के शिक्षा व्यवस्था अउ मजबूत हो सकही।
आगे के चुनौती अऊ संभावना
PGI-D 2025-26 रिपोर्ट छत्तीसगढ़ बर एक अवसर घलो आय। ए रिपोर्ट बताथे कि कतका क्षेत्र मं सुधार होइस अऊ कतका क्षेत्र मं अब घलो मेहनत करे के जरूरत हवय। यदि जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, शिक्षक, अभिभावक अऊ समाज मिलके विद्यार्थी मन के सीखे के स्तर ऊपर काम करहीं, त आने वाला साल मं प्रदेश के प्रदर्शन अउ बेहतर हो सकथे।
शिक्षा विशेषज्ञ मन के मानना हे कि भविष्य मं केवल अंक हासिल करना नई, बल्कि विद्यार्थी मन ला गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यवहारिक ज्ञान अऊ आधुनिक कौशल देना सबसे बड़े लक्ष्य होना चाही।
