कोरबा नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर और निगम आयुक्त को पत्र लिखकर शहर की जर्जर सड़कों की मरम्मत, चौड़ीकरण और ट्रैफिक जाम की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। जानिए पूरा मामला।
कोरबा। (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) नगर पालिक निगम कोरबा में नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु ने शहर की बदहाल सड़क व्यवस्था, लगातार बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या और जलभराव को लेकर मुख्यमंत्री, कोरबा कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त को पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से व्यापक सुधार कार्य शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये के बजट और विभिन्न योजनाओं से पर्याप्त राशि उपलब्ध होने के बावजूद शहर की सड़कें बदहाल स्थिति में हैं, जिससे आम नागरिकों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कृपाराम साहु ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि नगर पालिक निगम कोरबा का वार्षिक बजट लगभग 900 करोड़ रुपये है। इसके अलावा जिला खनिज न्यास (DMF) के माध्यम से लगभग 600 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध होता है। साथ ही सीएसआर, अधोसंरचना, राजस्व और आपदा प्रबंधन जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी करोड़ों रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए जारी की जाती है। इसके बावजूद शहर की सड़कों की वास्तविक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि शहर के कई प्रमुख मार्गों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को भी गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि शहर के कई क्षेत्रों में सड़कें आवश्यकता के अनुरूप चौड़ी नहीं हैं। लगातार बढ़ते वाहनों की संख्या के बीच संकरी सड़कें ट्रैफिक जाम का प्रमुख कारण बन रही हैं। व्यस्त समय में शहर के मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लगना अब आम बात हो गई है, जिससे लोगों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क चौड़ीकरण और यातायात सुधार की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
कृपाराम साहु ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने बरसात शुरू होने से पहले ही शहर की नालियों की व्यापक सफाई कराने की मांग की थी। लेकिन समय रहते संपूर्ण सफाई नहीं होने के कारण पहली ही बारिश में कई इलाकों में नालियों का गंदा और बदबूदार पानी सड़कों पर बहने लगा। इसका सीधा असर आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों पर पड़ा है।
उन्होंने बताया कि शहर की कई रिहायशी कॉलोनियों और संकरी गलियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पानी भरने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। व्यापारिक क्षेत्रों में भी ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पत्र में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कोरबा जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक शहर में बेहतर सड़क नेटवर्क और सुगम यातायात व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। यदि शहर की आधारभूत सुविधाओं में समय-समय पर सुधार नहीं किया गया तो विकास की गति भी प्रभावित होगी। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि सड़कों की नियमित निगरानी की जाए और जहां आवश्यकता हो वहां तत्काल मरम्मत, जीर्णोद्धार एवं चौड़ीकरण का कार्य शुरू कराया जाए।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से मांग की है कि शहर की प्रमुख सड़कों की तकनीकी जांच कराकर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए। साथ ही ट्रैफिक दबाव वाले मार्गों का सर्वे कर सड़क चौड़ीकरण की कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि भविष्य में नागरिकों को जाम की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि कोरबा की जनता लंबे समय से बेहतर सड़क और यातायात व्यवस्था की अपेक्षा कर रही है। प्रशासन को चाहिए कि उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दे। सड़कों की गुणवत्ता में सुधार, जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने से शहरवासियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
कोरबा में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और बरसात के दौरान सामने आने वाली समस्याओं के बीच नेता प्रतिपक्ष की यह मांग अब स्थानीय नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनती जा रही है। आने वाले दिनों में प्रशासन इस दिशा में क्या कदम उठाता है, इस पर शहरवासियों की नजर रहेगी।
