Weather Update: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय। गुजरात, राजस्थान, यूपी, एमपी, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट।
नई दिल्ली।(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसका असर उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम तथा मध्य भारत के अधिकांश राज्यों में साफ दिखाई देने लगा है। लगातार हो रही बारिश ने जहां भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत पहुंचाई है, वहीं कई इलाकों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी चुनौतियां भी सामने आने लगी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी चार दिनों के लिए कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों के भीतर गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह पहुंच जाएगा। इसके बाद इन राज्यों में व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
दिल्ली-एनसीआर में राहत की बारिश, तेज हवाओं का भी अनुमान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में रविवार को आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि गरज-चमक के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस से भी राहत मिलेगी।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में जल्द पहुंचेगा मानसून
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की ओर मानसून तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों में इन राज्यों के शेष हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इसके बाद कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है।
लंबे समय से गर्मी और उमस का सामना कर रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
उत्तराखंड और हिमाचल में बढ़ेगा भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पूर्वोत्तर भारत में जारी रहेगा बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कुछ दिनों तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने का अनुमान है। विशेष रूप से पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार वर्षा के कारण कई जिलों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।
छत्तीसगढ़ में भी अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे खेती-किसानी को लाभ मिलेगा। हालांकि तेज बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।
बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी रहेगा बारिश का असर
पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड और ओडिशा में कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्रों, उप-हिमालयी जिलों और सिक्किम में भी तेज वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा के लिए सबसे ज्यादा अलर्ट
गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा इस समय मौसम विभाग की विशेष निगरानी में हैं। इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मध्य महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। कई जिलों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और स्थानीय बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। तेज हवाओं के कारण लोगों को खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में लगातार बारिश
दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक लगातार भारी बारिश होने की संभावना है। समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों और मछुआरों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
आईएमडी की लोगों से अपील
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली चमकने के समय खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाने से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता भी जरूरी
सक्रिय मानसून खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अच्छी खबर लेकर आया है। पर्याप्त वर्षा से खेतों में नमी बढ़ेगी और कृषि कार्यों को गति मिलेगी। हालांकि अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान, जलभराव और मिट्टी के कटाव जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में किसानों को मौसम विभाग की ताजा सलाह के अनुसार कृषि कार्य करने की आवश्यकता है।
देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में अधिकांश राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। जहां यह बारिश भीषण गर्मी से राहत दे रही है, वहीं कई राज्यों में बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
