अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ हो गया है। जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने 4,822 श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जानिए यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासन की तैयारियां और श्रद्धालुओं का उत्साह।
(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) देश की सबसे प्रतिष्ठित और आस्था से जुड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल अमरनाथ यात्रा 2026 का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। लंबे इंतजार के बाद हजारों श्रद्धालुओं के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन का पावन मार्ग खुल गया। जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप से जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने लगभग 4,822 श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सुबह के समय पूरे परिसर में भक्ति का वातावरण देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चारण, पूजा-अर्चना और ‘बम-बम भोले’, ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘जय बाबा बर्फानी’ के गगनभेदी जयघोषों के बीच श्रद्धालु उत्साह और श्रद्धा के साथ अपनी पवित्र यात्रा पर निकले। प्रशासन ने यात्रा के पहले दिन से ही सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दी शुभकामनाएं

पहले जत्थे को रवाना करते हुए उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित एवं सफल यात्रा की कामना की। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, विश्वास और आध्यात्मिक जागृति का मार्ग है।
उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। साथ ही उन्होंने आशा व्यक्त की कि बाबा अमरनाथ का आशीर्वाद सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आएगा।
259 वाहनों के काफिले में रवाना हुआ पहला जत्था
प्रशासन के अनुसार पहले जत्थे में 4,822 से अधिक श्रद्धालु शामिल रहे, जिन्हें 259 हल्के और भारी वाहनों के काफिले के माध्यम से घाटी की ओर रवाना किया गया। पूरे काफिले को सुरक्षा बलों की निगरानी में आगे बढ़ाया गया ताकि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे।
यात्रा के दौरान हर वाहन की निगरानी की जा रही है तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया है।
भगवती नगर बेस कैंप में दिखा भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम
भगवती नगर बेस कैंप शुक्रवार सुबह पूरी तरह शिवमय नजर आया। श्रद्धालुओं के चेहरों पर बाबा बर्फानी के दर्शन की खुशी साफ दिखाई दे रही थी। कई श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में भगवान शिव के भजन गाते हुए नजर आए, जबकि कुछ ने यात्रा शुरू करने से पहले विशेष पूजा-अर्चना की।
बेस कैंप में लगातार ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष गूंजते रहे। परिवारों के साथ आए श्रद्धालुओं ने बताया कि वर्षों से वे इस यात्रा की प्रतीक्षा कर रहे थे और प्रशासन की व्यवस्थाओं से वे पूरी तरह संतुष्ट हैं।
प्रशासन और श्राइन बोर्ड की व्यापक तैयारियां
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन, श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों तथा स्थानीय प्रशासन ने मिलकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए—
- स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं।
- चिकित्सा दल और एंबुलेंस 24 घंटे तैनात हैं।
- पर्याप्त पेयजल और भोजन की व्यवस्था की गई है।
- विश्राम स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।
- आपातकालीन सहायता केंद्र सक्रिय किए गए हैं।
- मौसम और मार्ग की लगातार निगरानी की जा रही है।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित और सहज वातावरण में बाबा अमरनाथ के दर्शन कर सके।
सुरक्षा व्यवस्था के कई स्तर किए गए लागू
अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था इस बार भी बेहद मजबूत रखी गई है। अधिकारियों के अनुसार जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, सभी ट्रांजिट कैंपों और यात्रा मार्ग पर बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
यात्रा मार्ग पर पुलिस, सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। सीसीटीवी निगरानी, नियमित गश्त और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की मदद से पूरे मार्ग की लगातार निगरानी की जा रही है।
भगवती नगर बेस कैंप के आसपास भी सुरक्षा का मजबूत घेरा बनाया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को पूरी तरह रोका जा सके।
दो दिनों में 8,687 श्रद्धालु पहुंचे घाटी की ओर
अधिकारियों के मुताबिक गुरुवार से शुक्रवार तक जम्मू बेस कैंप से कुल 8,687 श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए घाटी की ओर रवाना हो चुके हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि बाबा बर्फानी के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था आज भी पहले की तरह अटूट बनी हुई है।
देश के अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस पवित्र यात्रा में शामिल हो रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अनुभव बताया।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
पहले जत्थे को रवाना करने के अवसर पर आयोजित समारोह में अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें सांसद जुगल किशोर शर्मा, विधायक देवयानी राणा, विधायक अरविंद गुप्ता, विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, आध्यात्मिक गुरु, नागरिक प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बलों और श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
सभी ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन की कामना की।
श्रद्धा, विश्वास और सेवा का अद्भुत संगम
अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का प्रतीक भी मानी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रशासन, सुरक्षा बलों, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय लोगों का सहयोग इस यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस वर्ष भी यात्रा की शुरुआत जिस उत्साह, अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था के साथ हुई है, उससे उम्मीद की जा रही है कि पूरी यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न होगी।
