कोरबा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर भाजपा का विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ। नेताओं ने राष्ट्रवाद, संगठन और जनसेवा के संकल्प को दोहराया।
कोरबा। भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, महान शिक्षाविद एवं अखंड भारत के प्रबल समर्थक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भाजपा जिला कार्यालय, टी.पी. नगर में एक भव्य एवं विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और राष्ट्रहित, संगठन तथा जनसेवा के संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति के नारों, संगठनात्मक उत्साह और डॉ. मुखर्जी के विचारों के प्रति समर्पण से ओत-प्रोत दिखाई दिया। मंच पर उपस्थित नेताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद करते हुए कार्यकर्ताओं से उनके आदर्शों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता हर्षिता पांडेय ने डॉ. मुखर्जी के विचारों को बताया राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्रवाद की ऐसी सशक्त आवाज थे जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता, स्वाभिमान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी चिंतन, सेवा भावना, समर्पण और संगठन के मूल्यों को प्रत्येक गांव, वार्ड और घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। उनके अनुसार विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा जब संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और सेवा भाव के साथ कार्य करेगा।
गोपाल मोदी ने डॉ. मुखर्जी के संघर्ष और जनसंघ की स्थापना को किया याद
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने अपने संबोधन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राजनीतिक जीवन और उनके संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सर्वोच्च मानते हुए तत्कालीन नेहरू-लियाकत समझौते का विरोध किया और सिद्धांतों से समझौता न करते हुए उद्योग मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई, जिसने भारतीय राजनीति में राष्ट्रवाद की नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 के पहले आम चुनाव में जनसंघ के तीन सांसद संसद पहुंचे और वहीं से वैचारिक राजनीति की मजबूत नींव रखी गई।
गोपाल मोदी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का प्रसिद्ध नारा “एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेगा” आज भी राष्ट्र की एकता और अखंडता का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लागू परमिट व्यवस्था के विरोध में उन्होंने ऐतिहासिक आंदोलन किया और अंततः राष्ट्र की एकता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि 6 अप्रैल 1980 को भाजपा की स्थापना हुई, जिसके प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी बने। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1984 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को केवल दो सीटें मिली थीं, लेकिन पार्टी ने संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ा और लगातार जनता का विश्वास जीतते हुए आज दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित हुई है।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा ने देश को मजबूत नेतृत्व दिया और वर्तमान समय में भी संगठन राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने और डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
डॉ. राजीव सिंह बोले— कार्यकर्ता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत
भाजपा के सह संभाग प्रभारी डॉ. राजीव सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार आज भी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए ऊर्जा, प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की वास्तविक शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ता होते हैं। यदि कार्यकर्ता राष्ट्रहित, सेवा और संगठन के मूल्यों के साथ समाज के बीच सक्रिय रहते हैं तो संगठन निरंतर मजबूत होता है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच रहकर सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति
सम्मेलन में विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, वरिष्ठ पार्षद नरेंद्र देवांगन, प्रदेश सदस्य मीना शर्मा, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा एवं संजय शर्मा सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अलावा जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह, प्रफुल्ल तिवारी, रूक्मणी नायर, रेणुका राठिया, कमला बरेठ, अजय कंवर, विवेक मार्कंडेय, कमला किंडो, अर्जुन गुप्ता, प्रदीप सिंह, शैलेन्द्र यादव, संजय राठौर, दीपक चावड़ा, नीरज ठाकुर, अविनाश दुबे, प्रीति स्वर्णकार, डॉ. विजय राठौर, कुल सिंह कंवर, राजेश लहरे, उत्तम सिंह रंधावा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राष्ट्रवाद और संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देकर संपन्न हुआ सम्मेलन
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और संगठनात्मक संकल्प के साथ हुआ। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके राष्ट्रवादी विचार, सेवा भावना और संगठन के प्रति समर्पण आज भी लाखों कार्यकर्ताओं को जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
भाजपा जिला कोरबा द्वारा आयोजित यह सम्मेलन केवल जयंती समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कार्यकर्ताओं के लिए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, समाज के बीच सक्रिय भूमिका निभाने तथा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का एक महत्वपूर्ण संदेश भी बनकर उभरा।
