रायपुर, 18 जून। देश की महत्वाकांक्षी सड़क और आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर केंद्र सरकार की सक्रियता लगातार बढ़ती नजर आ रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जुलाई के पहले सप्ताह में छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वे सड़क मार्ग से यात्रा करते हुए रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करेंगे और निर्माण कार्यों की प्रगति का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री का यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और शेष बचे कार्यों की गति की भी विस्तृत समीक्षा करेंगे। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य प्रशासन के प्रतिनिधियों और निर्माण एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें परियोजना से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी।
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर को देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारों में से एक माना जा रहा है। यह कॉरिडोर न केवल छत्तीसगढ़ को समुद्री बंदरगाहों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, बल्कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश के साथ व्यापारिक एवं औद्योगिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगा। लगभग 16,482 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना का करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष हिस्सों पर तेजी से काम जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह इकोनॉमिक कॉरिडोर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है। वर्तमान में राज्य के उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को समुद्री बंदरगाहों तक पहुंचने में समय और लागत दोनों अधिक लगती है। कॉरिडोर के पूरा होने के बाद माल परिवहन की गति बढ़ेगी, लॉजिस्टिक लागत कम होगी और निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे राज्य में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और नए उद्योगों की स्थापना को भी गति मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी स्वयं देश में सड़क और राजमार्ग विकास परियोजनाओं की लगातार निगरानी के लिए जाने जाते हैं। वे समय-समय पर विभिन्न राज्यों में जाकर परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण करते रहे हैं और कार्यों में अनावश्यक देरी को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते रहे हैं। ऐसे में उनका यह संभावित दौरा परियोजना से जुड़े अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि दौरे के दौरान गडकरी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देंगे। सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीकों के उपयोग, पर्यावरणीय मानकों के पालन और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े उपायों की भी समीक्षा की जा सकती है। इसके अलावा जिन हिस्सों में निर्माण कार्य अपेक्षाकृत धीमा है, वहां तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाने की संभावना है।
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर केवल एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह मध्य भारत और पूर्वी तट के बीच आर्थिक विकास का एक मजबूत सेतु बनने जा रहा है। इस कॉरिडोर के माध्यम से कृषि उत्पादों, खनिज संसाधनों और औद्योगिक वस्तुओं के परिवहन में आसानी होगी। साथ ही, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत और व्यापारिक संगठनों की भी इस परियोजना से बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। उनका मानना है कि कॉरिडोर के पूर्ण होने के बाद राज्य की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी।
केंद्रीय मंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस निरीक्षण के बाद परियोजना के शेष कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में और तेजी आएगी। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के जरिए इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शीघ्र पूरा करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
ऐसे में जुलाई के पहले सप्ताह में प्रस्तावित यह दौरा न केवल रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास और आधारभूत संरचना के भविष्य को नई दिशा देने वाला कदम भी माना जा रहा है।
