कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर कोरबा को अधिक हराभरा और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘रन फॉर ग्रीन’ मैराथन का आयोजन किया। इस आयोजन का उद्देश्य केवल दौड़ तक सीमित नहीं था, बल्कि नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित करना भी था।

मैराथन में स्कूल और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं, महिलाओं और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर नगर निगम ने घोषणा की कि मानसून सत्र के दौरान शहर में 5 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को भी व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने की बात कही गई।

‘रन फॉर ग्रीन’ के जरिए दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई, जहां प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए मैराथन में हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना था कि स्वस्थ जीवनशैली और स्वच्छ पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं।
जिला प्रशासन और नगर निगम का मानना है कि यदि नागरिक स्वयं पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं, तो शहर को अधिक हराभरा और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है।

इस मानसून 5 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य
नगर निगम ने जानकारी दी कि इस वर्ष मानसून के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 5 हजार पौधे लगाए जाएंगे।
इसके लिए ऐसे स्थानों का चयन किया जा रहा है जहां हरियाली की आवश्यकता अधिक है, जैसे—
- प्रमुख सड़कें
- सार्वजनिक पार्क
- शैक्षणिक संस्थान
- सरकारी कार्यालय परिसर
- आवासीय कॉलोनियां
- सार्वजनिक खुले क्षेत्र
सिर्फ पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण की भी योजना बनाई गई है ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बन सकें।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिला बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि प्रकृति और परिवार के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करना भी है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी नियमित देखभाल भी करें।
महापौर ने कहा कि स्वच्छ भारत, हरित भारत और समृद्ध भारत का सपना तभी साकार होगा, जब पर्यावरण संरक्षण जनआंदोलन का रूप लेगा।

छात्रों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी
मैराथन की सबसे बड़ी विशेषता युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ दौड़ लगाई और लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बच्चों और युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित होती है, तो भविष्य में समाज अधिक जिम्मेदारी के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण कर सकेगा।
सामाजिक संगठनों ने भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस अभियान में कई सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों ने भी भाग लिया। इन संस्थाओं ने पौधारोपण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश लोगों तक पहुंचाए।
विशेषज्ञों के अनुसार पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है।
कोरबा के लिए हरियाली क्यों जरूरी है?
कोरबा देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में गिना जाता है। यहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं। ऐसे में हरियाली बढ़ाना पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
वृक्ष—
- वायु प्रदूषण कम करने में मदद करते हैं।
- वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाते हैं।
- तापमान नियंत्रित रखने में सहायक होते हैं।
- वर्षा जल संरक्षण में योगदान देते हैं।
- जैव विविधता को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।
इसी कारण विशेषज्ञ लगातार शहरी क्षेत्रों में अधिक वृक्षारोपण पर जोर देते हैं।
पौधारोपण के साथ संरक्षण भी जरूरी
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि केवल पौधे लगा देना पर्याप्त नहीं है। उनकी नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है।
कई बार बड़े स्तर पर पौधारोपण तो किया जाता है, लेकिन रखरखाव के अभाव में पौधे जीवित नहीं रह पाते। इसलिए नगर निगम द्वारा पौधों के संरक्षण की योजना को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
नागरिकों से की गई विशेष अपील
कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे—
- अपने घर, विद्यालय या कार्यालय के आसपास पौधे लगाएं।
- लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करें।
- प्लास्टिक का कम उपयोग करें।
- जल संरक्षण को बढ़ावा दें।
- स्वच्छता बनाए रखें।
- दूसरों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास मिलकर बड़े पर्यावरणीय बदलाव ला सकते हैं।

जलवायु परिवर्तन के दौर में ऐसे अभियान क्यों महत्वपूर्ण हैं?
आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और प्रदूषण जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में स्थानीय स्तर पर होने वाले वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता अभियान बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने और नागरिक भागीदारी को पर्यावरण संरक्षण की सबसे प्रभावी रणनीतियों में से एक मानती हैं।
निष्कर्ष
कोरबा में आयोजित ‘रन फॉर ग्रीन’ मैराथन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया। जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा इस मानसून 5 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य शहर को अधिक हराभरा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
यदि प्रशासन, सामाजिक संगठन और आम नागरिक मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाते हैं, तो आने वाले वर्षों में कोरबा न केवल औद्योगिक पहचान के लिए बल्कि हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के मॉडल के रूप में भी जाना जा सकता है।
