रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में 129 करोड़ रुपये की सेवाग्राम परियोजना को लेकर राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब चर्चा केवल परियोजना की लागत और कार्यों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस का कारण बन गई। सदन में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर की एक टिप्पणी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच कुछ समय तक जोरदार नोकझोंक देखने को मिली।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सेवाग्राम परियोजना पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान हुई टिप्पणी को लेकर विपक्ष की ओर से विरोध दर्ज कराया गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तत्काल अपनी आपत्ति रखते हुए कहा कि सदन की गरिमा और संसदीय मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य अपने-अपने पक्ष में तर्क रखने लगे, जिससे सदन का माहौल कुछ देर के लिए गर्मा गया।
कुछ समय तक चली बहस के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात मजबूती से रखी। सदन की कार्यवाही के बीच कई सदस्यों ने भी विषय पर अपनी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, कार्यवाही आगे बढ़ने के साथ स्थिति सामान्य होने लगी।
बाद में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति विशेष की भावनाओं को आहत करना नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि उनकी टिप्पणी से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
अजय चंद्राकर के इस बयान के बाद सदन का माहौल अपेक्षाकृत शांत हुआ और विधानसभा की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा के भीतर तीखी बहस लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन संसदीय परंपराओं और गरिमा का पालन सभी पक्षों की समान जिम्मेदारी होती है।
गौरतलब है कि मानसून सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच लगातार सवाल-जवाब और बहस देखने को मिल रही है। सेवाग्राम परियोजना को लेकर हुई यह चर्चा भी इसी क्रम का हिस्सा रही, जहां परियोजना से जुड़े खर्च और अन्य पहलुओं के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा का केंद्र बन गई।
फिलहाल इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। हालांकि, अजय चंद्राकर द्वारा सदन में खेद व्यक्त किए जाने के बाद मामले को शांत करने की कोशिश भी देखने को मिली।
