रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। देश के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच लगातार नए खुलासों की ओर बढ़ रही है। इसी कड़ी में रायपुर की PMLA (Prevention of Money Laundering Act) स्पेशल कोर्ट ने EBIX के चेयरमैन विकास गर्ग को 24 जुलाई तक 10 दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ED) रिमांड पर भेज दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान धन के कथित प्रवाह, विदेशी निवेश और कारोबारी लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की जाएगी।
ED का दावा: शेल कंपनियों के जरिए धन को वैध निवेश के रूप में दिखाने की कोशिश
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, जांच में अब तक मिले दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर यह आरोप सामने आया है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से कथित रूप से अर्जित धन को विभिन्न शेल कंपनियों और विदेशी निवेश माध्यमों के जरिए वैध कारोबारी निवेश के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया।
ED का दावा है कि इस कथित नेटवर्क में Foreign Portfolio Investment (FPI), Foreign Direct Investment (FDI), Foreign Currency Convertible Bonds (FCCBs) सहित अन्य वित्तीय माध्यमों का उपयोग किया गया। एजेंसी का कहना है कि इन माध्यमों के जरिए धन के वास्तविक स्रोत को छिपाने का प्रयास किया गया।
दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन के जरिए धन के प्रवाह की जांच
जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित अवैध धन को पहले दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन स्थित कुछ कंपनियों के माध्यम से विभिन्न स्तरों पर स्थानांतरित किया गया। इसके बाद कथित तौर पर इसे विदेशी निवेश के रूप में भारत लाने की प्रक्रिया अपनाई गई। ED अब इन अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है और संबंधित दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है।
EBIX Inc. में ₹1,175 करोड़ के कथित निवेश की भी जांच
ED ने अदालत में यह भी दावा किया है कि इसी कथित धन का उपयोग अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc. में लगभग ₹1,175 करोड़ के निवेश और हिस्सेदारी अधिग्रहण के लिए किया गया। एजेंसी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि निवेश की वास्तविक धनराशि का स्रोत क्या था और क्या इसमें मनी लॉन्ड्रिंग के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है।
हालांकि, इन सभी दावों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
ED रिमांड के दौरान किन बिंदुओं पर होगी पूछताछ?
सूत्रों के अनुसार, ED रिमांड के दौरान विकास गर्ग से निम्न बिंदुओं पर पूछताछ की जा सकती है—
- विदेशी निवेश के स्रोत और प्रक्रिया।
- शेल कंपनियों की भूमिका।
- FPI, FDI और FCCBs के माध्यम से हुए निवेश।
- बैंक खातों और डिजिटल वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान।
- विदेशी कंपनियों के साथ कारोबारी संबंध।
- कथित निवेश और धन के वास्तविक स्रोत की जानकारी।
हाई-प्रोफाइल मामला, कई एजेंसियों की नजर
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़ा मामला पिछले कुछ वर्षों से देश की सबसे चर्चित आर्थिक अपराध जांचों में शामिल है। इस मामले में पहले भी कई कारोबारी, प्रमोटर, मनोरंजन जगत और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों से पूछताछ हो चुकी है। अब EBIX चेयरमैन विकास गर्ग से पूछताछ के बाद इस मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि रिमांड पर भेजा जाना दोष सिद्ध होना नहीं है। यह जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। किसी भी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी और दोष का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
