कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । छत्तीसगढ़ शासन के पट्टाधृति अधिकार नियम, 2023 के तहत नगरीय क्षेत्र के पात्र आवासहीन परिवार मन ल पट्टाधृति अधिकार प्रदान करे के प्रक्रिया ल पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष अऊ त्रुटिरहित बनाए बर कोरबा जिला प्रशासन ह गंभीरता ले काम करत हे। एही कड़ी मं गुरुवार 16 जुलाई ल कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मं आयोजित समीक्षा बैठक मं कलेक्टर कुणाल दुदावत ह संबंधित अधिकारी मन ल साफ शब्द मं निर्देश देइन कि सर्वेक्षण के हर चरण शासन के नियम अनुसार होवय अऊ कोनो घलो अपात्र व्यक्ति ल लाभ पहुंचाय के कोशिश नई होय।
कलेक्टर ह स्पष्ट कहिन कि शासन के मंशा पात्र हितग्राही मन ल समयबद्ध ढंग ले पट्टाधृति अधिकार उपलब्ध कराना आय। एखर बर जरूरी हे कि सर्वेक्षण कार्य निष्पक्ष, तथ्यात्मक अऊ पूरी जवाबदेही के संग पूरा करे जावय।
समीक्षा बैठक मं कई विभाग के अधिकारी रहिन मौजूद
कलेक्ट्रेट मं आयोजित बैठक मं जिला के सब्बो एसडीएम, नगर निगम के जोन आयुक्त, अलग-अलग नगरीय निकाय के मुख्य नगर पालिका अधिकारी अऊ संबंधित विभाग के अधिकारी मन शामिल रहिन।
बैठक मं पट्टाधृति अधिकार नियम 2023 के तहत चलत सर्वेक्षण, हितग्राही चिन्हांकन अऊ पट्टा वितरण के प्रक्रिया के बारीकी ले समीक्षा करे गे। अधिकारी मन ले अब तक के प्रगति रिपोर्ट घलो मांगे गे।
ड्रोन सर्वे होही अनिवार्य
कलेक्टर कुणाल दुदावत ह निर्देश देइन कि कोनो घलो स्थल मं सर्वे शुरू करे के पहिली ड्रोन सर्वे अनिवार्य रूप ले कराय जावय।
उनकर कहना रहिस कि ड्रोन सर्वे ले जमीन के वास्तविक स्थिति के सटीक रिकॉर्ड तैयार होही, जेन ले भविष्य मं विवाद के संभावना कम होही अऊ रिकॉर्ड मं पारदर्शिता बनी रही।
साथेच सर्वे के दौरान चारों दिशा के सीमा (बाउंड्री) स्पष्ट रूप ले दर्ज करे जावय अऊ संबंधित कब्जाधारी के नाम साफ-साफ लिखे जावंय, ताकि बाद मं कोनो प्रकार के भ्रम नई बनय।
2017 के सैटेलाइट इमेज ले होही पात्रता के जांच
बैठक मं कलेक्टर ह अधिकारी मन ल वर्ष 2017 के सैटेलाइट इमेज के आधार ऊपर पात्रता जांच करे के निर्देश देइन।
उनकर कहना रहिस कि केवल वर्तमान स्थिति नई, बल्कि पुराना रिकॉर्ड, नक्शा, अभिलेख अऊ सैटेलाइट इमेज के मिलान करकेच पात्रता तय करे जावय।
ए प्रक्रिया ले फर्जी दावा, अवैध कब्जा अऊ गलत जानकारी के संभावना कम होही।
दस्तावेज अऊ भौतिक सत्यापन ऊपर विशेष जोर
कलेक्टर ह कहिन कि हर आवेदन के भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप ले करे जावय।
सर्वे टीम ह संबंधित स्थल के निरीक्षण करय, दस्तावेज के मिलान करय अऊ शासन द्वारा तय पात्रता तिथि के अनुसार जांच पूरा करय।
केवल वास्तविक रूप ले पात्र अऊ अधिभोगधारी व्यक्ति मन के नामे स्वीकृति बर भेजे जावंय।
अपात्र ल लाभ मिलिस त अधिकारी ऊपर होही कार्रवाई
बैठक मं कलेक्टर ह दो टूक शब्द मं चेतावनी देइन कि अगर कोनो अपात्र व्यक्ति ल पट्टा देय जाथे या सर्वे मं लापरवाही पाए जाथे, त संबंधित अधिकारी सीधे जिम्मेदार माने जाही।
उनकर मुताबिक प्रशासन पारदर्शिता ले कोनो समझौता नई करही अऊ लापरवाही पाए जाए के स्थिति मं नियमानुसार कार्रवाई करे जाही।
ए जमीन ऊपर नई मिलही पट्टाधृति अधिकार
कलेक्टर ह साफ कर देइन कि शासन के नियम अनुसार निम्न प्रकार के जमीन ऊपर कोनो घलो पट्टाधृति अधिकार नई देय जाही—
- शासकीय भूमि
- सड़क अऊ मार्ग
- नाला
- तालाब अऊ जलाशय
- पार्क
- सार्वजनिक उपयोग के भूमि
- खुली भूमि
- आरक्षित भूमि
- प्रतिबंधित श्रेणी के अन्य जमीन
अइसने मामला मन के गंभीरता ले जांच करके शासन के नियम अनुसार कार्रवाई करे जाही।
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करे ऊपर जोर
कलेक्टर ह अधिकारी मन ल निर्देश देइन कि सर्वे के दौरान तैयार होवत सब्बो दस्तावेज ल व्यवस्थित ढंग ले सुरक्षित रखे जावय।
ड्रोन सर्वे रिपोर्ट, सैटेलाइट इमेज, नक्शा, स्थल निरीक्षण रिपोर्ट अऊ अन्य अभिलेख के डिजिटलीकरण समय सीमा मं पूरा करे जावय, ताकि भविष्य मं कोनो शिकायत या कानूनी विवाद के स्थिति बने त पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहय।
समय सीमा मं गुणवत्तापूर्ण सर्वे पूरा करे के निर्देश
बैठक के आखिर मं कलेक्टर कुणाल दुदावत ह सब्बो अधिकारी मन ल समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सर्वे पूरा करे के निर्देश देइन।
उनकर कहना रहिस कि शासन के उद्देश्य पात्र आवासहीन परिवार मन ल कानूनी अधिकार उपलब्ध कराना आय। एखर बर प्रशासन के हर अधिकारी ल ईमानदारी, पारदर्शिता अऊ जिम्मेदारी के संग अपन दायित्व निभाना होही।
कलेक्टर ह भरोसा जताइन कि अगर सर्वे शासन के दिशा-निर्देश अनुसार पूरा होही, त पात्र हितग्राही मन ल समय पर पट्टाधृति अधिकार मिलही अऊ भविष्य मं विवाद के संभावना घलो कम होही।
