रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र मं प्रदेश के अग्निशमन (फायर सर्विस) व्यवस्था के मुद्दा ऊपर गंभीर बहस देखे ल मिलिस। तेजी ले बढ़त शहर, औद्योगिक इलाका अऊ आबादी के बीच आगजनी के घटना ले निपटे बर वर्तमान व्यवस्था कतका सक्षम हे, ए सवाल सदन मं प्रमुखता ले उठिस।
भाजपा विधायक सुनील सोनी ह राष्ट्रीय फायर एडवाइजरी के मानक के हवाला देत सरकार ले पूछिन कि जब प्रदेश मं वर्तमान व्यवस्था मं सिरिफ तीन फायर स्टेशन के भरोसा हे, त अइसन स्थिति मं प्रभावी अऊ समय पर अग्निशमन सेवा कइसे उपलब्ध कराय जा सकही?
ए सवाल के जवाब मं गृहमंत्री विजय शर्मा ह कहिन कि सरकार ए समस्या ले पूरी तरह अवगत हे अऊ चरणबद्ध ढंग ले फायर सर्विस ल मजबूत करे बर जरूरी कदम उठाय जावत हे।
सुनील सोनी – बढ़त शहर अऊ उद्योग संग बढ़त हे जोखिम
सदन मं चर्चा के दौरान विधायक सुनील सोनी कहिन कि छत्तीसगढ़ मं तेजी ले शहरीकरण होवत हवय। नवा आवासीय कॉलोनी, व्यावसायिक परिसर, औद्योगिक क्षेत्र अऊ बहुमंजिला भवन लगातार बढ़त हवंय।
अइसन स्थिति मं आगजनी के घटना ले समय रहते निपटे बर मजबूत अग्निशमन व्यवस्था अत्यंत जरूरी हो जाथे।
ओमन राष्ट्रीय फायर एडवाइजरी के मानक के हवाला देत कहिन कि जेन रफ्तार ले प्रदेश के विकास होवत हवय, ओही हिसाब ले फायर स्टेशन, आधुनिक वाहन, उपकरण अऊ प्रशिक्षित कर्मचारी मन के संख्या घलो बढ़ना चाही।
‘तीन फायर स्टेशन ऊपर कतका भरोसा?’
सुनील सोनी ह सरकार ले सीधा सवाल पूछिन कि वर्तमान व्यवस्था मं यदि सिरिफ तीन प्रमुख फायर स्टेशन के भरोसा रखे जावत हे, त दूरस्थ इलाका या बड़े औद्योगिक क्षेत्र मं आग लगय के स्थिति मं समय पर राहत पहुंचाना कठिन हो सकथे।
उनकर कहना रहिस कि आगजनी के घटना मं हर मिनट बहुमूल्य होथे। अगर समय पर फायर ब्रिगेड नई पहुंचय, त जान-माल के भारी नुकसान हो सकथे।
ए कारण ले फायर सर्विस के विस्तार ल अब प्राथमिकता बनाय जाना चाही।
गृहमंत्री विजय शर्मा – पिछला सरकार मं नई होइस जरूरी भर्ती
विपक्ष अऊ सत्ता पक्ष के सवाल के जवाब देत गृहमंत्री विजय शर्मा कहिन कि साल 2018 मं अग्निशमन सेवा संबंधी जरूरी नियम बनाय गे रहिन, फेर पिछला सरकार के कार्यकाल मं विभाग मं जरूरी भर्ती नई होय के कारण मैनपावर के कमी बने रहिस।
उनकर कहना हे कि कर्मचारी के कमी अऊ सीमित संसाधन के चलते विभाग अपेक्षित गति ले विस्तार नई कर पाइस।
मंत्री कहिन कि ए समस्या एक दिन मं पैदा नई होय, बल्कि कई बछर ले संसाधन अऊ भर्ती के कमी के कारण स्थिति अइसने बनिस।
सरकार के दावा – चरणबद्ध ढंग ले मजबूत होही फायर सर्विस
गृहमंत्री विजय शर्मा कहिन कि वर्तमान सरकार अब ए कमी ल दूर करे बर लगातार काम करत हवय।
उनकर मुताबिक फायर सर्विस मं जरूरी संसाधन उपलब्ध कराय, आधुनिक उपकरण खरीदे, कर्मचारी भर्ती अऊ जरूरी अधोसंरचना विकसित करे बर चरणबद्ध योजना ऊपर काम चलत हवय।
सरकार के प्रयास हे कि आने वाला समय मं प्रदेश के अलग-अलग जिला अऊ संवेदनशील इलाका मं अग्निशमन सेवा अउ मजबूत बनाय जाय, ताकि आपातकालीन स्थिति मं तेजी ले राहत पहुंचाय जा सके।
औद्योगिक अऊ शहरी विकास संग जरूरी हे आधुनिक फायर सिस्टम
विशेषज्ञ मन के मानना हे कि छत्तीसगढ़ मं उद्योग, व्यापार अऊ शहरी विस्तार तेजी ले बढ़त हवय। ए कारण आधुनिक अग्निशमन व्यवस्था अब सिरिफ सुविधा नई, बल्कि अनिवार्य जरूरत बन चुके हे।
बड़े औद्योगिक संयंत्र, अस्पताल, स्कूल, मॉल, होटल अऊ बहुमंजिला इमारत मं आगजनी के खतरा ल ध्यान मं रखके पर्याप्त फायर स्टेशन, प्रशिक्षित कर्मचारी, हाई-प्रेशर फायर टेंडर, रेस्क्यू उपकरण अऊ आधुनिक संचार व्यवस्था के जरूरत लगातार महसूस करे जावत हे।
समय पर राहत पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती
अग्निशमन विशेषज्ञ मन के अनुसार आग लगय के घटना मं शुरुआती 10-15 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होथे। अगर ए समय मं फायर ब्रिगेड घटना स्थल पहुंच जाथे, त बड़े नुकसान ल रोके जा सकथे।
ए कारण हर जिला अऊ बड़े शहर मं पर्याप्त फायर स्टेशन अऊ त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (Quick Response System) विकसित करना जरूरी माने जावत हे।
सदन मं उठे सवाल ले बढ़ी उम्मीद
विधानसभा मं अग्निशमन व्यवस्था ऊपर विस्तार ले चर्चा होय के बाद अब उम्मीद जताय जावत हे कि सरकार विभाग के अधोसंरचना, कर्मचारी संख्या अऊ आधुनिक संसाधन मं तेजी ले सुधार करही।
फिलहाल सरकार दावा करत हवय कि चरणबद्ध योजना के तहत अग्निशमन सेवा ल मजबूत बनाय जावत हे, जबकि विधायक मन के मांग हे कि बढ़त आबादी अऊ औद्योगिक विकास ल देखते फायर सर्विस मं तेजी ले विस्तार करे जावय।
आने वाला समय मं सरकार के ए योजना कतका असरदार साबित होथे, ए ऊपर प्रदेश के लाखों नागरिक मन के सुरक्षा अऊ आपदा प्रबंधन के व्यवस्था निर्भर करही।
