छत्तीसगढ़ विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र 13 जुलाई ले शुरू होइस। सत्र म 9 संशोधन विधेयक पेश होही, जबकि विपक्ष किसान, नवा रायपुर के नकटी गांव, कानून-व्यवस्था अऊ जनहित के मुद्दामन ऊपर सरकार ला घेरही।
रायपुर(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र के शुरुआत सोमवार ले होगे हवय। 13 जुलाई ले 17 जुलाई 2026 तक चलइया ए सत्र म कुल पांच बैठक आयोजित होही। ए दौरान सरकार अपन विधायी एजेंडा के तहत 9 महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक सदन म पेश करही, जबकि विपक्ष किसान, कानून-व्यवस्था, नवा रायपुर के नकटी गांव म अतिक्रमण हटाय के कार्रवाई अऊ कई जनहित के मुद्दा ला लेके सरकार ला घेरइया तैयारी म हवय। राजनीतिक नजरिया ले देखे जावय त ए सत्र बेहद महत्वपूर्ण माने जात हवय।
सत्र के पहिलीच दिन सदन म राजनीतिक माहौल गरमाय के संकेत मिलिस। कांग्रेस ह नवा रायपुर के नकटी गांव म अतिक्रमण हटाय के कार्रवाई ला लेके स्थगन प्रस्ताव लानइया संकेत दे दिस हवय। विपक्ष के कहना हवय कि ए कार्रवाई ले प्रभावित ग्रामीण मन के पक्ष ला सदन म उठाय जाही अऊ सरकार ले जवाब मांगे जाही। ए मुद्दा ऊपर सत्ता पक्ष अऊ विपक्ष के बीच तीखी बहस होए के संभावना जताय जात हवय।
एखर अलावा विपक्ष किसान मन के समस्या ला घलो प्रमुखता ले उठाय बर तैयारी कर चुके हवय। फसल नुकसान, मुआवजा वितरण, सिंचाई सुविधा, खेती-किसानी के लागत अऊ ग्रामीण इलाका के विकास जइसने मुद्दामन ला लेके सरकार ले जवाब मांगे जाही। विपक्ष के दावा हवय कि प्रदेश के किसान मन अब घलो कई बुनियादी समस्या ले जूझत हवंय, जेन ऊपर सरकार ला स्पष्ट जवाब देना चाही।
ए मानसून सत्र के एक खास बात विधायक मन के सक्रियता घलो आय। विधानसभा सचिवालय के मुताबिक ए सत्र बर कुल 1,033 प्रश्न प्राप्त होए हवंय। ए मन म 36 विधायक विधानसभा नियम के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न जमा करिन। खास बात ए आय कि प्रश्न पूछइया विधायक मन म सिरिफ विपक्ष नई, बल्कि सत्ता पक्ष के विधायक घलो शामिल हवंय। ए बात ले साफ जाहिर होथे कि अलग-अलग विभाग मन के कामकाज, योजना अऊ विकास कार्य ऊपर व्यापक चर्चा होए के संभावना हवय।
सत्र के पहिली दिन के कार्यवाही शुरू होए के पहिली प्रदेश के प्रसिद्ध पंडवानी गायिका अऊ पद्म विभूषण सम्मानित तीजन बाई ला श्रद्धांजलि अर्पित करे जाही। सदन के सदस्य मन ओमन के कला, संस्कृति अऊ छत्तीसगढ़ के लोक परंपरा म देय गे अमूल्य योगदान ला याद करहीं। श्रद्धांजलि के बाद नियमित विधानसभा कार्यवाही शुरू होही।
विधानसभा के तय कार्यसूची अनुसार शुरुआती चार दिन प्रश्नकाल, शून्यकाल अऊ शासकीय कार्य संपन्न होही। ए दौरान सरकार अलग-अलग विभाग ले जुड़े 9 संशोधन विधेयक सदन म प्रस्तुत करही अऊ ओमन ऊपर चर्चा करके पारित कराय के प्रयास करही। ए विधेयक मन के माध्यम ले कई कानून म जरूरी संशोधन करे के संभावना हवय, जेन ले प्रशासनिक प्रक्रिया अऊ शासन व्यवस्था ला अउ बेहतर बनाय के कोशिश करे जाही।
सत्र के आखिरी दिन 17 जुलाई ला गैर-शासकीय कार्य ऊपर चर्चा होही अऊ लंबित विषय मन के निपटारा करे जाही। ए दिन विधायक मन निजी संकल्प अऊ जनहित के मुद्दामन ऊपर अपन बात रख सकहीं।
राजनीतिक विश्लेषक मन के मुताबिक ए मानसून सत्र सरकार अऊ विपक्ष दुनों बर महत्वपूर्ण परीक्षा साबित हो सकथे। एक ओर सरकार अपन विकास कार्य, नई योजना अऊ विधायी प्रस्ताव मन ला सदन म मजबूती ले रखे के कोशिश करही, त दूसर ओर विपक्ष किसान, कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्रवाई, नवा रायपुर के नकटी गांव अऊ आम जनता ले जुड़े मुद्दामन ला लेके सरकार ला कठघरा म खड़ा करे के रणनीति बना चुके हवय।
राजनीतिक जानकार मन के मानना हवय कि ए सत्र म कई मुद्दा ऊपर जोरदार बहस हो सकथे। किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, कानून-व्यवस्था, राजस्व, सिंचाई अऊ विकास परियोजनामन के कामकाज ऊपर सरकार ला विस्तार ले जवाब देना पड़ सकथे। सत्ता पक्ष अपन उपलब्धि गिनाही, जबकि विपक्ष जमीनी समस्या मन ला उठाके सरकार ऊपर दबाव बनाय के कोशिश करही।
प्रदेश के जनता के नजर अब विधानसभा के ए सत्र ऊपर टिके हवय। किसान, युवा, कर्मचारी, व्यापारी अऊ अलग-अलग वर्ग के लोगन अपन-अपन मुद्दा ऊपर चर्चा अऊ समाधान के उम्मीद लगाय बइठे हवंय। आगामी पांच दिन म सदन के भीतर होइया बहस अऊ फैसला प्रदेश के राजनीति अऊ प्रशासनिक दिशा तय करे म महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकथे।
