कोरबा जिला म लगातार बरसात के बाद 40 जलाशय के जलस्तर तेजी ले बढ़त हवय। मड़वाढ़ोढ़ा जलाशय पूरा भर गे हवय, बांगो बांध 62 प्रतिशत भरिस। किसान मन बर सिंचाई अउ धान खेती के राहत भरी खबर। पढ़व पूरा रिपोर्ट।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । आषाढ़ महीना के बाद शुरू होय लगातार बरसात ह कोरबा जिला के जलाशय मन म नई जान फूंक दिस हे। जेन जलाशय गर्मी के दिन म सूखे के कगार म पहुंच गे रहिन, ओमन अब तेजी ले भरत हें। पानी के बढ़त भराव ले किसान मन के चेहरा म घलो राहत दिखत हवय, काबर अब धान खेती बर पर्याप्त पानी मिले के उम्मीद मजबूत होगे हवय।
जल संसाधन विभाग के जानकारी मुताबिक जिला के 40 लघु जलाशय के जलस्तर लगातार बढ़त हवय। गर्मी के समय जिहां औसत भराव 20 प्रतिशत ले घलो कम होगे रहिस, उही जलाशय अब करीब 50 प्रतिशत तक भर चुके हें। पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र के मड़वाढ़ोढ़ा जलाशय त अभीच पूरा भर गे हवय, जबकि कई दूसर जलाशय म पानी गेट के ऊपर तक पहुंच चुके हवय।
गर्मी म सूख गे रहिन कई जलाशय
कुछ महीना पहिली तक कोरबा जिला के कई जलाशय म पानी के गंभीर कमी रहिस। करतला विकासखंड के सात जलाशय म ले छह जलाशय लगभग सूख गे रहिन। सिरिफ जुनवानी जलाशय म थोड़े बहुत पानी बचत रहिस।
उही हालत कोरबा विकासखंड के बेला अउ बताती जलाशय के घलो रहिस, जिहां सामान्य तौर ले पानी टिके नई रहय। फेर अब लगातार होवत बरसात के चलते ए दूनों जलाशय के जलस्तर तेजी ले ऊपर चढ़त हवय।
पाली क्षेत्र म सबसे जियादा जलाशय
कोरबा जिला म पाली विकासखंड म सबसे अधिक 14 जलाशय हें। ए इलाका म दूसर क्षेत्र के तुलना म अधिक बरसात होवत हे, जेन ले नदी-नाला मन घलो उफान म हें अउ जलाशय तेजी ले भरत हें।
पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के सात जलाशय म ले मड़वाढ़ोढ़ा जलाशय पूरा भर गे हवय। जबकि आमाखोखरा अउ कोनकोना जलाशय के भराव घलो 50 प्रतिशत ले अधिक पहुंच चुके हवय।
ए स्थिति किसान मन बर सुखद संकेत माने जावत हे।
धान खेती बर बढ़िस उम्मीद
बरसात के चलते किसान मन अभी लेही (सीधी बुवाई) पद्धति ले खेती करत हें। कृषि विशेषज्ञ मन के मुताबिक, अगर बरसात एही गति ले जारी रहिस, त अगला पखवाड़ा ले धान के रोपा लगाय के काम तेजी ले शुरू हो जाही।
अभी धान के नर्सरी बर जलाशय ले पानी नई छोड़ाय जावत हे, काबर बरसात के पानी म नर्सरी के जरूरत पूरा होवत हवय। जरूरत पड़ही त बाद म सिंचाई बर जलाशय ले पानी छोड़ाय जाही।
40 जलाशय के सिंचाई क्षमता 9 हजार हेक्टेयर ले अधिक
जिला के 40 लघु जलाशय मन के कुल सिंचाई क्षमता करीब 9 हजार 112 हेक्टेयर बताय जावत हे। ए जलाशय मन हर बरस हजारों किसान मन के खेती बर जीवनरेखा के काम करथें।
जलाशय भरने ले सिरिफ धान नई, बल्कि रबी फसल अउ दूसर खेती ला घलो भविष्य म फायदा मिल सकथे।
बांगो बांध म 62 प्रतिशत भराव
कोरबा जिला के सबसे बड़े जल स्रोत माने जाए वाला बांगो बांध घलो तेजी ले भरत हवय। वर्तमान म बांध के जलभराव करीब 62 प्रतिशत पहुंच गे हवय।
बांध के जलस्तर 352.65 मीटर ले अधिक दर्ज करे गे हवय अउ अभी करीब 15 मिलियन घन मीटर पानी लगातार बांध म आवत हवय।
हालांकि बांगो बांध के कुल सिंचाई क्षमता करीब 2 लाख 45 हजार हेक्टेयर बताय जाथे, फेर नहर के स्तर कई खेत ले नीचे होय के कारण कोरबा अउ करतला ब्लॉक म सिरिफ करीब 5 हजार हेक्टेयर खेत म ही सिंचाई हो पाथे।
विशेषज्ञ मन के मुताबिक, अगर नहर व्यवस्था म सुधार होय, त ए बांध के पूरा क्षमता के उपयोग संभव हो सकथे।
पुराना जलाशय बनत हे चुनौती
जल संसाधन विभाग के अनुसार जिला के अधिकतर जलाशय करीब 40 ले 45 साल पुराना हो चुके हें।
समय-समय म मरम्मत नई होय के कारण जलाशय मन के पानी रोकाय के क्षमता घटत गे हवय। एक समय जिहां कुल सिंचाई क्षमता करीब 15 हजार हेक्टेयर रहिस, उही अब घटके लगभग 9 हजार हेक्टेयर के आसपास रहि गे हवय।
विभाग अब जलाशय अउ नहर मन के मरम्मत करके सिंचाई क्षमता फेर ले बढ़ाय के दिशा म काम करत हवय।
जिला म अभी सिरिफ 30 प्रतिशत सिंचाई सुविधा
कोरबा जिला म खेती के कुल रकबा के करीब 30 प्रतिशत हिस्सा म ही नियमित सिंचाई के सुविधा उपलब्ध हवय।
किसान मन जलाशय, तालाब, नलकूप अउ कुआं ऊपर निर्भर रहिथें। जिला म धान के खेती करीब 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र म होथे, जेन ला पर्याप्त पानी के जरूरत रहिथे।
ए कारण ले सरकार अलग-अलग जगह एनीकट निर्माण घलो करा रहिस, ताकि किसान मन पंप के माध्यम ले आसानी ले सिंचाई कर सकंय।
मांग अनुसार छोड़ाय जाही पानी
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) नयन रंजन चौधरी बताइन कि अभी जलाशय मन के जलस्तर तेजी ले बढ़त हवय।
उनकर कहना हवय कि फिलहाल सिंचाई बर पानी के मांग नई आइस हे। जइसने किसान मन ले मांग आही अउ जलाशय म पर्याप्त भराव रहिही, ओइसने सिंचाई बर पानी छोड़े जाही।
विभाग ए बात के घलो ध्यान रखत हवय कि नहर के आखिरी छोर तक बसे किसान मन ला बराबरी ले पानी मिलय।
किसान मन बर राहत के संकेत
बरसात के शुरुआती दौर म जलाशय मन के तेजी ले भरना किसान मन बर राहत के खबर आय। अगर आने वाला दिन म घलो अइसने बरसात जारी रहिस, त धान उत्पादन ऊपर सकारात्मक असर पड़ही अउ सिंचाई के संकट काफी हद तक दूर हो सकही।
जल संसाधन विभाग अउ कृषि विभाग दूनों ए बात ऊपर नजर बनाए हें कि जरूरत के समय किसान मन ला बिना परेशानी पानी उपलब्ध कराय जा सके।
कोरबा जिला म बरसात के चलते जलाशय मन के बढ़त जलस्तर खेती-किसानी बर शुभ संकेत मानाय जावत हे। मड़वाढ़ोढ़ा जलाशय के पूरा भरना अउ बांगो बांध म 62 प्रतिशत पानी पहुंचना ए बात के संकेत देथे कि अगर मानसून अइसनेच सक्रिय रहिस, त ए साल किसान मन ला सिंचाई के कमी के सामना कम करना पड़ सकथे। अब सबके नजर आगामी बरसात अउ जलाशय मन के भराव ऊपर टिकी हवय।
