मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पहल ले सरगुजा जिला के गंभीर श्वसन बीमारी ले पीड़ित मासूम रेणुका खलखो ला मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत 95 हजार 500 रुपिया के सहायता स्वीकृत होइस। पढ़व पूरा छत्तीसगढ़ी समाचार।
सरगुजा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ सरकार के जनकल्याणकारी सोच अउ जरूरतमंद मन बर त्वरित सहायता पहुंचाय के प्रतिबद्धता एक बार फेर सामने आइस। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील पहल ले सरगुजा जिला के गंभीर श्वसन बीमारी ले पीड़ित मासूम रेणुका खलखो के इलाज के राह अब आसान होगे हवय। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत बच्ची के इलाज बर 95 हजार 500 रुपिया के आर्थिक सहायता स्वीकृत करे गे हवय, जेन ले परिवार ला बड़ा राहत मिलिस।
परिवार के मुताबिक, रेणुका लंबे समय ले गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी ले जूझत रहिस। लगातार इलाज के जरूरत अउ बढ़त खर्चा के कारण परिवार आर्थिक दबाव मं आ गे रहिस। अइसन परिस्थिति मं मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया मं सहायता बर आवेदन प्रस्तुत करे गिस। आवेदन मिलत ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मामला ला गंभीरता ले लेत तत्काल आवश्यक कार्रवाई करे के निर्देश देइन।
मुख्यमंत्री के त्वरित पहल ले जल्द मिलिस सहायता
बताय जात हवय कि आवेदन के समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री के अनुशंसा पर संबंधित विभाग मन तत्काल प्रक्रिया पूरा करिन। राज्य नोडल एजेंसी द्वारा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत 95 हजार 500 रुपिया के आर्थिक सहायता स्वीकृत करे गे। ए राशि झारखंड के रांची मं स्थित रानी हॉस्पिटल मं रेणुका के इलाज बर जारी करे गे हवय।
परिजन मन कहिन कि समय रहते सहायता मिलना उनकर बर बहुत बड़ा संबल साबित होइस। अब बच्ची के इलाज बिना आर्थिक चिंता के बेहतर ढंग ले कराय जा सकही।
आर्थिक परेशानी बने रहिस सबसे बड़े चुनौती
गंभीर बीमारी के इलाज अक्सर लंबा समय ले चलथे अउ एमा काफी खर्चा घलो होथे। अइसन स्थिति मं ग्रामीण अउ आर्थिक रूप ले कमजोर परिवार मन बर इलाज करवाना आसान नइ रहय। रेणुका के परिवार घलो एही चुनौती ले गुजरत रहिस।
परिवार के सदस्य मन के कहना हे कि सरकारी सहायता के बिना इलाज के पूरा खर्च उठाना मुश्किल होवत रहिस। मुख्यमंत्री के पहल ले समय मं आर्थिक सहायता मिलिस, जेन ले अब इलाज के प्रक्रिया निर्बाध रूप ले आगे बढ़ सकही।
मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बने हवय जरूरतमंद मन बर संबल
छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के उद्देश्य गंभीर बीमारी ले पीड़ित अइसन मरीज मन ला आर्थिक सहयोग देना हवय, जेन मन इलाज के खर्चा उठाय मं सक्षम नइ होवयं। ए योजना के माध्यम ले समय-समय मं जरूरतमंद मरीज मन ला सहायता उपलब्ध कराय जात हवय, ताकि आर्थिक अभाव के कारण इलाज प्रभावित नइ होय।
विशेषज्ञ मन के अनुसार गंभीर बीमारी के इलाज मं समय सबसे महत्वपूर्ण होथे। सही समय मं इलाज शुरू हो जावय, त मरीज के स्वस्थ होए के संभावना काफी बढ़ जाथे। एही कारण ले समय पर स्वीकृत सहायता परिवार बर राहत के कारण बने हवय।
रांची के रानी हॉस्पिटल मं होही इलाज
राज्य नोडल एजेंसी द्वारा जारी स्वीकृति आदेश के मुताबिक, रेणुका खलखो के इलाज झारखंड के रांची स्थित रानी हॉस्पिटल मं कराय जाही। अस्पताल मं विशेषज्ञ डॉक्टर मन के देखरेख मं बच्ची के श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी के उपचार होही।
डॉक्टर मन के निगरानी मं इलाज शुरू होए ले परिवार मं अब नई उम्मीद जागे हवय। परिजन मन आशा जतावत हवंय कि उचित इलाज ले रेणुका जल्द स्वस्थ होके सामान्य जीवन मं वापस लौट सकही।
संवेदनशील शासन के उदाहरण के रूप मं देखे जात हे मामला
रेणुका खलखो के मामला ए बात ला घलो सामने लाथे कि समय पर शासन तक बात पहुंचे, त जरूरतमंद मन ला सहायता मिल सकथे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद त्वरित कार्रवाई होए ले ए मामला अब प्रदेश भर मं चर्चा के विषय बने हवय।
सामाजिक रूप ले देखे जावय त अइसन सहायता सिरिफ आर्थिक मदद नइ, बल्कि कठिन परिस्थिति ले गुजरत परिवार मन ला मानसिक संबल घलो देवत हवय। जब सरकार समय पर साथ खड़े होथे, त परिवार मन के मन मं भरोसा अउ आत्मविश्वास बढ़थे।
जरूरतमंद परिवार मन बर बने हवय उम्मीद के संदेश
ग्रामीण क्षेत्र मं कई परिवार अइसने हवंय, जेन मन गंभीर बीमारी के इलाज बर आर्थिक संकट के सामना करथें। रेणुका खलखो ला मिलिस सहायता ए बात के संदेश देवत हवय कि पात्र हितग्राही मन शासन के योजना के माध्यम ले लाभ ले सकथें। सही जानकारी अउ समय पर आवेदन करे ले जरूरतमंद परिवार मन सरकारी सहायता के लाभ पा सकथें।
इलाज के राह अब होगे आसान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पहल ले स्वीकृत आर्थिक सहायता के बाद रेणुका खलखो के इलाज अब सुगमता ले हो सकही। परिवार मन उम्मीद करत हवंय कि इलाज सफल रही अउ मासूम जल्द स्वस्थ होकर अपन सामान्य जीवन मं वापस लौटही।
ए घटना सिरिफ एक परिवार के सहायता तक सीमित नइ, बल्कि ए बात के संकेत घलो हवय कि जरूरत के समय शासन के संवेदनशील पहल आम नागरिक मन बर राहत के माध्यम बन सकथे।
