बरसात के मौसम जहां एक ओर गर्मी ले राहत देथे, उहिच दूसरी ओर ये मौसम त्वचा बर कई किसिम के दिक्कत घलो लेके आवत हे। हवा मं बढ़े नमी, पसीना, धूल-माटी अऊ गंदगी के चलते चेहरा मं मुंहासा, फंगल इंफेक्शन, खुजली, रैशेज अऊ चिपचिपापन जइसने समस्या तेजी ले बढ़ जाथे।
चर्म रोग विशेषज्ञ मन के कहना हे कि अगर मानसून के समय मं स्किन केयर रूटीन मं कुछ छोटे-छोटे बदलाव करे जावय, त त्वचा ला स्वस्थ, साफ अऊ चमकदार रखे जा सकथे। जानव एक्सपर्ट मन के बताए 8 आसान अऊ असरदार उपाय।
1. सबसे पहिली जरूरत – रोजाना सही सफाई
बरसात के समय हवा मं नमी बहुत जियादा रहिथे, जेन ले त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाथें अऊ बैक्टीरिया तेजी ले पनपथे। एखर चलते मुंहासा अऊ स्किन इंफेक्शन के खतरा बढ़ जाथे।
दिन मं कम से कम 2 ले 3 बेर हल्का फेसवॉश ले चेहरा धोव। अगर त्वचा ऑयली हे त सैलिसिलिक एसिड या नीम वाले फेसवॉश उपयोग करव। जेन मन के त्वचा रूखी हे, ओमन क्रीम बेस्ड क्लींजर चुन सकथें। चेहरा धोय के बाद तौलिया ले रगड़े के बजाय हल्के हाथ ले थपथपा के सुखावव।
2. टोनर लगाय ला नई भूलव
बरसात मं त्वचा चिपचिपा हो जाथे। ए समय मं टोनर उपयोग करना फायदेमंद रहिथे। गुलाब जल या ग्रीन टी बेस्ड टोनर रोमछिद्र ला साफ रखथे अऊ त्वचा के पीएच संतुलन बनाए रखथे।
टोनर अतिरिक्त तेल ला हटाथे अऊ मुंहासा होय के संभावना घलो कम करथे। कॉटन के मदद ले हल्के हाथ मं पूरा चेहरा मं लगावव।
3. ऑयली स्किन होय तब घलो मॉइश्चराइजर जरूरी हे
बहुत झिन लोग मन सोचथें कि बरसात मं मॉइश्चराइजर के जरूरत नई होवय, फेर ये धारणा सही नइये। मौसम मं नमी रहय के बाद घलो त्वचा अंदर ले रूखी हो सकथे, जेन ले त्वचा अऊ जियादा तेल बनाना सुरू कर देथे।
एखर सेती वॉटर बेस्ड, जेल बेस्ड या नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइश्चराइजर लगावव। एलोवेरा जेल घलो एक बढ़िया विकल्प माने जाथे।
4. बादर रहय तब घलो सनस्क्रीन जरूर लगावव
बहुत झिन मन ये गलती करथें कि बादर छाय रहय त सूरज के किरण नई पहुंचय। जबकि हकीकत ये हे कि यूवी किरण बादर के बीच ले घलो त्वचा तक पहुंच जाथे।
एसपीएफ 30 या ओकर ले ऊपर वाला सनस्क्रीन उपयोग करव अऊ हर 3 घंटा बाद फेर ले लगावव। अगर भीग गे हवव त सनस्क्रीन दोबारा जरूर लगावव।
5. हफ्ता मं दू बेर एक्सफोलिएशन करव
बरसात के समय डेड स्किन अऊ गंदगी त्वचा मं जल्दी जमा हो जाथे। एखर सेती हफ्ता मं दू बेर हल्का स्क्रब जरूर करव।
मुल्तानी मिट्टी, बेसन-हल्दी या ओट्स के स्क्रब अच्छा विकल्प हो सकथे। जियादा रगड़े ले बचव, नइ त त्वचा संवेदनशील हो सकथे।
सिरिफ चेहरा नई, बल्कि पैर के उंगली के बीच के हिस्सा घलो साफ रखव ताकि फंगल इंफेक्शन ले बचाव हो सकय।
6. भारी मेकअप ले दूरी बनावव
मानसून मं हेवी फाउंडेशन अऊ क्रीम बेस्ड मेकअप रोमछिद्र ला बंद कर देथे, जेन ले मुंहासा बढ़ सकथे।
एखर बदला बीबी क्रीम या टिंटेड मॉइश्चराइजर उपयोग करव। वॉटरप्रूफ काजल अऊ मस्कारा चुनव। रात मं सुते ले पहिली मेकअप जरूर हटावव।
7. खानपान घलो त्वचा बर बहुत जरूरी हे
स्वस्थ त्वचा बर सिरिफ बाहरी देखभाल नई, बल्कि सही खानपान घलो जरूरी हे।
तले-भुने अऊ बहुत मीठा चीज कम खावव। संतरा, आंवला, पपीता जइसने विटामिन-सी वाले फल खावव। दिनभर मं 8 ले 10 गिलास पानी जरूर पीवव।
नीम अऊ तुलसी के काढ़ा शरीर ला अंदर ले साफ रखे मं मदद कर सकथे अऊ त्वचा के प्राकृतिक चमक ला बनाए रखथे।
8. फंगल इंफेक्शन ले बचे बर सावधानी रखव
बरसात मं फंगल इंफेक्शन के खतरा सबसे जियादा रहिथे। पैर ला हमेशा सुखा रखव। भीगे जूता-मोजा तुरंत बदलव।
गर्दन, कांख अऊ शरीर के मोड़ वाले हिस्सा मं जरूरत पड़य त एंटी-फंगल पाउडर उपयोग करव। सूती कपड़ा पहनव अऊ भीगे कपड़ा देर तक पहिरे मत रहव।
घरेलू उपाय घलो हो सकथे फायदेमंद
स्किन विशेषज्ञ डॉ. प्रिया शर्मा के मुताबिक, हफ्ता मं दू बेर मुल्तानी मिट्टी मं गुलाब जल मिलाके लगाय ले त्वचा साफ रहिथे। हल्दी अऊ चंदन के फेस पैक मं एंटी-बैक्टीरियल गुण होथे, जेन मुंहासा अऊ इंफेक्शन ले बचाव मं मदद करथे।
अगर खुजली, जलन या रैशेज होवत हे त ताजा एलोवेरा जेल लगाय ले राहत मिल सकथे।
कब डॉक्टर के सलाह जरूर लेवव
अगर खुजली, लाल चकत्ता, पस वाले दाना, त्वचा छिलना या फंगल इंफेक्शन 3-4 दिन ले जियादा बने रहय, त खुद इलाज करे के बजाय तुरंत चर्म रोग विशेषज्ञ के सलाह लेवव।
बरसात के मौसम मं एक्जिमा अऊ रिंगवर्म जइसने बीमारी के मामला तेजी ले बढ़थे, एखर सेती समय रहते इलाज जरूरी हे।
बरसात के मौसम आनंद ले बितावव, फेर अपन त्वचा के देखभाल मं बिल्कुल लापरवाही मत करव। रोजाना सही सफाई, संतुलित खानपान, मॉइश्चराइजर, सनस्क्रीन अऊ थोड़ी सावधानी अपनाके आप मन मानसून मं घलो अपन त्वचा ला स्वस्थ, चमकदार अऊ संक्रमण ले सुरक्षित रख सकथव।
का नई करना चाही?
- दिनभर मं 3 बेर ले जियादा चेहरा मत धोव।
- गीला वाइप्स के जरूरत ले जियादा उपयोग मत करव।
- बिना पैच टेस्ट करे नया स्किन प्रोडक्ट मत लगावव।
- भीगे बाल ला बांधके लंबा समय तक मत रखव।
