रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन, पारदर्शिता अऊ हितग्राही-केंद्रित प्रशासन के दिशा मं एक महत्वपूर्ण फैसला लेहे हे। महिला अऊ बाल विकास विभाग द्वारा वर्षों ले चलत आवत केंद्रीकृत साड़ी खरीदी व्यवस्था ला अब समाप्त करे जावत हे। विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के पहल ऊपर अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अऊ सहायिका मन ला साड़ी खरीदी बर निर्धारित रकम सीधे ओमन के बैंक खाता मं भेजे जाही।
सरकार के ए फैसला ला महिला कर्मचारी मन बर राहत अऊ सम्मान के रूप मं देखे जात हे। नई व्यवस्था लागू होय के बाद अब साड़ी के चयन के अधिकार सीधे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अऊ सहायिका मन के हाथ मं रहिही। ओमन अपन पसंद, जरूरत अऊ सुविधा के अनुसार साड़ी खरीदी कर सकहीं।
डीबीटी के माध्यम ले सीधे खातामं पहुंचही रकम
महिला अऊ बाल विकास विभाग के नई व्यवस्था के तहत साड़ी वितरण बर केंद्रीकृत खरीदी के बजाय डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली अपनाय जावत हे। ए व्यवस्था मं साड़ी खरीदी बर निर्धारित रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाता मं जमा होही।
सरकार के अनुसार ए कदम ले बिचौलिया व्यवस्था समाप्त होही अऊ प्रक्रिया अउ ज्यादा पारदर्शी बनही। विभागीय स्तर मं होवत खरीदी, वितरण अऊ गुणवत्ता संबंधी शिकायत मन घलो कम हो सकथें।
अब खुद चुन सकहीं अपन पसंद के साड़ी
अब तक केंद्रीकृत खरीदी व्यवस्था के तहत एक समान साड़ी खरीदे जावत रहिस अऊ ओला कार्यकर्ता मन तक पहुंचाय जावत रहिस। कई बार रंग, गुणवत्ता अऊ डिजाइन ला लेके असंतोष के स्थिति बनत रहिस।
नई व्यवस्था के बाद अब प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अऊ सहायिका अपन पसंद के रंग, डिजाइन अऊ कपड़ा के साड़ी खरीद सकही। एखर ले न केवल सुविधा बढ़ही बल्कि कर्मचारी मन मं संतुष्टि घलो बढ़ही।
कई कार्यकर्ता मन लंबे समय ले ए मांग करत रहिन कि ओमन ला साड़ी चयन के स्वतंत्रता मिलना चाही। सरकार के ए फैसला ला ए मांग के सकारात्मक समाधान के रूप मं देखे जात हे।
पारदर्शिता अऊ जवाबदेही ला मिलही बढ़ावा
विशेषज्ञ मन के अनुसार डीबीटी प्रणाली सरकार के सबसे प्रभावी अऊ पारदर्शी योजनामन मं से एक माने जाथे। सीधे बैंक खाता मं रकम पहुंचने ले अनावश्यक खर्च, देरी अऊ प्रक्रिया संबंधी विवाद कम होथे।
महिला अऊ बाल विकास विभाग के ए पहल ले सरकारी योजनामन के क्रियान्वयन मं जवाबदेही बढ़े के उम्मीद जताय जात हे। शासन के उद्देश्य हे कि लाभार्थी मन ला बिना किसी बाधा के सीधा लाभ मिलय।
हजारों कार्यकर्ता मन ला मिलही फायदा
छत्तीसगढ़ भर मं हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अऊ सहायिका कार्यरत हें। ए मन ग्रामीण अऊ शहरी इलाका मं महिला अऊ बाल विकास से जुड़े विभिन्न योजना मन के संचालन मं महत्वपूर्ण भूमिका निभाथें।
पोषण अभियान, टीकाकरण जागरूकता, गर्भवती महिला मन के देखभाल, कुपोषण नियंत्रण अऊ बाल विकास जइसने महत्वपूर्ण कार्य मं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मन के योगदान महत्वपूर्ण रहिथे।
सरकार के ए निर्णय ले प्रदेश भर के हजारों महिला कार्यकर्ता अऊ सहायिका मन सीधे लाभान्वित होहीं।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के पहल के होवत हे सराहना
महिला अऊ बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के ए फैसला ला प्रशासनिक सुधार के दिशा मं महत्वपूर्ण कदम माने जात हे। शासन के मुताबिक ए निर्णय केवल आर्थिक सुविधा तक सीमित नई हे, बल्कि महिला कार्यकर्ता मन ला सम्मान अऊ आत्मनिर्णय के अधिकार प्रदान करे के प्रयास घलो आय।
विभागीय सूत्र मन के अनुसार आने वाला समय मं विभाग के अन्य योजनामन मं घलो पारदर्शिता अऊ डिजिटल व्यवस्था ला बढ़ावा देय के दिशा मं काम जारी रहिही।
सुशासन के दिशा मं महत्वपूर्ण कदम
छत्तीसगढ़ सरकार लगातार शासन व्यवस्था ला अधिक पारदर्शी, जवाबदेह अऊ जनहितैषी बनाय बर काम करत हे। डीबीटी आधारित ए नई व्यवस्था ए बात के संकेत देथे कि सरकार अब हितग्राही मन तक सीधे लाभ पहुंचाय के मॉडल ऊपर विशेष जोर देत हे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अऊ सहायिका मन बर साड़ी खरीदी के रकम सीधे बैंक खाता मं भेजे के फैसला न केवल प्रशासनिक सुधार के उदाहरण हे, बल्कि ए महिला कर्मचारी मन के सुविधा, सम्मान अऊ अधिकार के दिशा मं घलो एक महत्वपूर्ण पहल माने जावत हे।
नई व्यवस्था लागू होय के बाद प्रदेश के हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अऊ सहायिका मन अब अपन पसंद के अनुसार साड़ी खरीदी कर सकहीं अऊ ए बदलाव निश्चित रूप ले ओमन के कार्य संतुष्टि अऊ आत्मविश्वास ला बढ़ाही।
