रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता मं आज मंत्रालय महानदी भवन मं आयोजित कैबिनेट के अहम बैठक मं राज्य के विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूती अउ पर्यावरण संरक्षण ला ध्यान मं रखत कई महत्वपूर्ण फैसला ले जाए गे। ये फैसला सिरिफ सरकारी योजना नइ, बल्कि गांव-गांव के विकास, रोजगार अउ आत्मनिर्भरता के नवा रास्ता खोलय के कोशिश के रूप मं देखे जा रहे हे।
कैबिनेट ह गांव के बेरोजगार परिवार मन बर “विकसित भारत – रोजगार अउ आजीविका बर गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना”, ग्रामीण उद्यमिता बर “अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना” अउ हरित ऊर्जा के बढ़ावा देय बर छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति (CG-CBG Policy) 2026 ला मंजूरी दे हे।
गांव के परिवार मन बर अब 125 दिन रोजगार के गारंटी
राज्य सरकार के सबसे बड़े फैसला मं एक हे वीबी-जी राम जी योजना, जेन ह गांव के गरीब अउ जरूरतमंद परिवार मन बर रोजगार के सुरक्षा कवच बन सकथे। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य मन ला हर वित्तीय साल मं 125 दिन तक अकुशल श्रम आधारित रोजगार के वैधानिक गारंटी मिले वाला हे।
सरकार के मानना हे कि गांव के लोगन ला रोजगार खातिर शहर के रुख करे के मजबूरी कम होही अउ गांव मं रहिकेच आजीविका के साधन मजबूत होही।
योजना के तहत जल संरक्षण, तालाब निर्माण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण सड़क अउ आधारभूत ढांचा के विकास, संगही आजीविका से जुड़े संपत्ति निर्माण के काम कराए जाही।
आधुनिक तकनीक ले होही निगरानी
ये योजना के खास बात ये हे कि एकर संचालन मं आधुनिक डिजिटल तकनीक के उपयोग करे जाही। काम के निगरानी बर डिजिटल सिस्टम अउ पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल होही, जेन ले पारदर्शिता बढ़ही अउ भ्रष्टाचार के संभावना कम होही।
राज्य सरकार ह वित्तीय वर्ष 2026-27 बर ये योजना मं 4 हजार करोड़ रुपए के प्रावधान करे हे। जबकि योजना के खर्च मं केंद्र अउ राज्य सरकार के हिस्सेदारी 60:40 के अनुपात मं रहिही।
अटल आजीविका समृद्धि हाट: गांव मं खुलही रोजगार के नवा द्वार
कैबिनेट के दूसर महत्वपूर्ण फैसला अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना आय। सरकार के मंशा हे कि गांव के लोग सिरिफ खेती तक सीमित नई रहंय, बल्कि स्वरोजगार अउ छोटे उद्योग के माध्यम ले अपन आमदनी बढ़ा सकंय।
योजना के तहत गांव मं सृजन केंद्र बनाय जाही, जिहां हथकरघा, बुनाई, सिलाई अउ हस्तशिल्प के काम ला बढ़ावा मिलही। एखर ले गांव के महिला समूह अउ युवा मन ला नवा रोजगार के अवसर मिल सकही।
एकर अलावा प्रसंस्करण इकाई स्थापित करे जाही, जेमां दलहन, तिलहन, राइस मिल अउ डेयरी उद्योग जइसन गतिविधि संचालित होही। किसान मन अपन उत्पाद के सिरिफ बिक्री नइ, बल्कि ओकर मूल्य संवर्धन करके अधिक आमदनी कमा सकही।
कोल्ड स्टोरेज ले डिजिटल केंद्र तक के सुविधा
अटल आजीविका समृद्धि हाट मं कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत केंद्र अउ अटल डिजिटल केंद्र घलो स्थापित करे जाही।
एखर ले किसान मन के उपज खराब होए के खतरा कम होही अउ डिजिटल सुविधा के माध्यम ले शासन के योजना मन के लाभ आसानी ले मिल सकही।
स्थानीय उत्पाद मन बर विपणन अउ सप्लाई चेन विकसित करे बर अलग ले बाजार के व्यवस्था घलो होही, जेन ले गांव मं तैयार सामान सीधे उपभोक्ता तक पहुंच सकही।
सरकार ह छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ला योजना के नोडल एजेंसी अउ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ला नोडल विभाग के जिम्मेदारी सौंपे हे।
कचरा ले बनही स्वच्छ ईंधन, लागू होही नई बायोगैस नीति
पर्यावरण संरक्षण अउ स्वच्छ ऊर्जा के दिशा मं सरकार ह छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति (CG-CBG Policy) 2026 ला मंजूरी देकर एक बड़ा कदम उठाए हे।
नई नीति के तहत कृषि अवशेष, पैरा, गोबर अउ शहर के ठोस कचरा के वैज्ञानिक ढंग ले उपयोग करके कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाय जाही।
सरकार के मानना हे कि अब तक जेन पैरा जला दिए जाथे या कचरा के रूप मं फेंक दिए जाथे, ओही अब आमदनी अउ स्वच्छ ऊर्जा के बड़ा स्रोत बन सकथे।
छत्तीसगढ़ बन सकथे क्लीन एनर्जी हब
राज्य सरकार के “छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047” के तहत अनुमान लगाय गे हे कि राज्य मं हर साल करीब 5 लाख टन कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन के संभावना मौजूद हे।
अगर ये लक्ष्य हासिल होथे, त छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख क्लीन एनर्जी हब के रूप मं उभर सकथे। एखर ले पर्यावरण संरक्षण के संग-संग हजारों नवा रोजगार के अवसर घलो पैदा हो सकही।
बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण ला मिली जिम्मेदारी
नई बायोगैस नीति के सफल क्रियान्वयन बर छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण ला राज्य नोडल एजेंसी बनाय गे हे। जबकि ऊर्जा विभाग ला नीति संबंधी गाइडलाइन अउ प्रशासनिक आदेश जारी करे के अधिकार दिए गे हे।
ग्रामीण विकास के नवा अध्याय के शुरुआत
साय सरकार के ये तीनों फैसला ला राज्य के ग्रामीण विकास के नवा अध्याय के रूप मं देखे जा रहे हे। एक तरफ गांव के परिवार मन ला रोजगार के गारंटी मिलही, दूसर तरफ स्वरोजगार के नवा अवसर खुलही अउ तीसर तरफ हरित ऊर्जा के क्षेत्र मं छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर बने के दिशा मं तेजी ले आगे बढ़ही।
आने वाला समय मं ये योजना मन के जमीनी क्रियान्वयन कतका प्रभावी होथे, ये देखना महत्वपूर्ण रहिही, फेर फिलहाल ये फैसला गांव के विकास अउ राज्य के आर्थिक मजबूती बर एक बड़ा कदम माने जा रहे हे।
रायपुर, 23 जून 2026।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता मं आज मंत्रालय महानदी भवन मं आयोजित कैबिनेट के अहम बैठक मं राज्य के विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूती अउ पर्यावरण संरक्षण ला ध्यान मं रखत कई महत्वपूर्ण फैसला ले जाए गे। ये फैसला सिरिफ सरकारी योजना नइ, बल्कि गांव-गांव के विकास, रोजगार अउ आत्मनिर्भरता के नवा रास्ता खोलय के कोशिश के रूप मं देखे जा रहे हे।
कैबिनेट ह गांव के बेरोजगार परिवार मन बर “विकसित भारत – रोजगार अउ आजीविका बर गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना”, ग्रामीण उद्यमिता बर “अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना” अउ हरित ऊर्जा के बढ़ावा देय बर छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति (CG-CBG Policy) 2026 ला मंजूरी दे हे।
गांव के परिवार मन बर अब 125 दिन रोजगार के गारंटी
राज्य सरकार के सबसे बड़े फैसला मं एक हे वीबी-जी राम जी योजना, जेन ह गांव के गरीब अउ जरूरतमंद परिवार मन बर रोजगार के सुरक्षा कवच बन सकथे। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य मन ला हर वित्तीय साल मं 125 दिन तक अकुशल श्रम आधारित रोजगार के वैधानिक गारंटी मिले वाला हे।
सरकार के मानना हे कि गांव के लोगन ला रोजगार खातिर शहर के रुख करे के मजबूरी कम होही अउ गांव मं रहिकेच आजीविका के साधन मजबूत होही।
योजना के तहत जल संरक्षण, तालाब निर्माण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण सड़क अउ आधारभूत ढांचा के विकास, संगही आजीविका से जुड़े संपत्ति निर्माण के काम कराए जाही।
आधुनिक तकनीक ले होही निगरानी
ये योजना के खास बात ये हे कि एकर संचालन मं आधुनिक डिजिटल तकनीक के उपयोग करे जाही। काम के निगरानी बर डिजिटल सिस्टम अउ पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल होही, जेन ले पारदर्शिता बढ़ही अउ भ्रष्टाचार के संभावना कम होही।
राज्य सरकार ह वित्तीय वर्ष 2026-27 बर ये योजना मं 4 हजार करोड़ रुपए के प्रावधान करे हे। जबकि योजना के खर्च मं केंद्र अउ राज्य सरकार के हिस्सेदारी 60:40 के अनुपात मं रहिही।
अटल आजीविका समृद्धि हाट: गांव मं खुलही रोजगार के नवा द्वार
कैबिनेट के दूसर महत्वपूर्ण फैसला अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना आय। सरकार के मंशा हे कि गांव के लोग सिरिफ खेती तक सीमित नई रहंय, बल्कि स्वरोजगार अउ छोटे उद्योग के माध्यम ले अपन आमदनी बढ़ा सकंय।
योजना के तहत गांव मं सृजन केंद्र बनाय जाही, जिहां हथकरघा, बुनाई, सिलाई अउ हस्तशिल्प के काम ला बढ़ावा मिलही। एखर ले गांव के महिला समूह अउ युवा मन ला नवा रोजगार के अवसर मिल सकही।
एकर अलावा प्रसंस्करण इकाई स्थापित करे जाही, जेमां दलहन, तिलहन, राइस मिल अउ डेयरी उद्योग जइसन गतिविधि संचालित होही। किसान मन अपन उत्पाद के सिरिफ बिक्री नइ, बल्कि ओकर मूल्य संवर्धन करके अधिक आमदनी कमा सकही।
कोल्ड स्टोरेज ले डिजिटल केंद्र तक के सुविधा
अटल आजीविका समृद्धि हाट मं कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत केंद्र अउ अटल डिजिटल केंद्र घलो स्थापित करे जाही।
एखर ले किसान मन के उपज खराब होए के खतरा कम होही अउ डिजिटल सुविधा के माध्यम ले शासन के योजना मन के लाभ आसानी ले मिल सकही।
स्थानीय उत्पाद मन बर विपणन अउ सप्लाई चेन विकसित करे बर अलग ले बाजार के व्यवस्था घलो होही, जेन ले गांव मं तैयार सामान सीधे उपभोक्ता तक पहुंच सकही।
सरकार ह छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ला योजना के नोडल एजेंसी अउ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ला नोडल विभाग के जिम्मेदारी सौंपे हे।
कचरा ले बनही स्वच्छ ईंधन, लागू होही नई बायोगैस नीति
पर्यावरण संरक्षण अउ स्वच्छ ऊर्जा के दिशा मं सरकार ह छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति (CG-CBG Policy) 2026 ला मंजूरी देकर एक बड़ा कदम उठाए हे।
नई नीति के तहत कृषि अवशेष, पैरा, गोबर अउ शहर के ठोस कचरा के वैज्ञानिक ढंग ले उपयोग करके कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाय जाही।
सरकार के मानना हे कि अब तक जेन पैरा जला दिए जाथे या कचरा के रूप मं फेंक दिए जाथे, ओही अब आमदनी अउ स्वच्छ ऊर्जा के बड़ा स्रोत बन सकथे।
छत्तीसगढ़ बन सकथे क्लीन एनर्जी हब
राज्य सरकार के “छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047” के तहत अनुमान लगाय गे हे कि राज्य मं हर साल करीब 5 लाख टन कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन के संभावना मौजूद हे।
अगर ये लक्ष्य हासिल होथे, त छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख क्लीन एनर्जी हब के रूप मं उभर सकथे। एखर ले पर्यावरण संरक्षण के संग-संग हजारों नवा रोजगार के अवसर घलो पैदा हो सकही।
बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण ला मिली जिम्मेदारी
नई बायोगैस नीति के सफल क्रियान्वयन बर छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण ला राज्य नोडल एजेंसी बनाय गे हे। जबकि ऊर्जा विभाग ला नीति संबंधी गाइडलाइन अउ प्रशासनिक आदेश जारी करे के अधिकार दिए गे हे।
ग्रामीण विकास के नवा अध्याय के शुरुआत
साय सरकार के ये तीनों फैसला ला राज्य के ग्रामीण विकास के नवा अध्याय के रूप मं देखे जा रहे हे। एक तरफ गांव के परिवार मन ला रोजगार के गारंटी मिलही, दूसर तरफ स्वरोजगार के नवा अवसर खुलही अउ तीसर तरफ हरित ऊर्जा के क्षेत्र मं छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर बने के दिशा मं तेजी ले आगे बढ़ही।
आने वाला समय मं ये योजना मन के जमीनी क्रियान्वयन कतका प्रभावी होथे, ये देखना महत्वपूर्ण रहिही, फेर फिलहाल ये फैसला गांव के विकास अउ राज्य के आर्थिक मजबूती बर एक बड़ा कदम माने जा रहे हे।
