छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला मं सोमवार के दिन एक बड़ा जनआंदोलन देखे ला मिलिस। वनांचल इलाका के 45 गांव ले हजारों के संख्या मं आदिवासी ग्रामीण मन अपन बुनियादी सुविधा के मांग ला लेके सड़क ऊपर उतर आइन। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा अऊ छोटे-छोटे बच्चा तक ए आंदोलन मं शामिल होके अपन हक के आवाज बुलंद करिन।
जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति धमतरी-गरियाबंद के बैनर तले आयोजित ए प्रदर्शन मं ग्रामीण मन शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल-पुलिया, बिजली सहित सात प्रमुख मांग ला लेके कलेक्ट्रेट के घेराव करिन। पूरा शहर मं दिनभर आंदोलन के चर्चा बने रहिस अऊ हजारों ग्रामीण मन के एकजुटता हर सबके ध्यान अपन तरफ खींच लेइस।
बुनियादी सुविधा के कमी ले नाराज हें ग्रामीण
प्रदर्शन मं शामिल ग्रामीण मन के कहना हे कि आजादी के कई दशक बाद घलो उनकर गांव मं बुनियादी सुविधा के भारी कमी हे। कई गांव मं आज घलो पक्की सड़क नई हे, बरसात के दिन मं आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाथे। पुल-पुलिया के अभाव मं ग्रामीण मन ला नदिया-नाला पार करके आवागमन करना पड़थे।
ग्रामीण मन के आरोप हे कि शिक्षा अऊ स्वास्थ्य जइसन जरूरी सुविधा तक पहुंच अब घलो आसान नई हो पाए हे। कई गांव मं स्कूल भवन के कमी हे, त कहीं शिक्षक के अभाव के समस्या बने हुए हे। वहीं स्वास्थ्य सुविधा के नाम मं लोगन ला लंबा दूरी तय करके अस्पताल पहुंचना पड़थे।
महिलाएं अऊ बुजुर्ग मन घलो रहिन आंदोलन के हिस्सा
ए आंदोलन के सबसे खास बात ये रहिस कि एमा महिलाएं अऊ बुजुर्ग मन के भागीदारी काफी अधिक रहिस। गांव के महिला मन अपन बच्चा के बेहतर शिक्षा अऊ स्वास्थ्य सुविधा के मांग ला लेके कलेक्ट्रेट पहुंचिन। कई बुजुर्ग मन कहिन कि वो मन सालों ले विकास के इंतजार करत हवंय, फेर अब तक हालात मं बहुत जियादा बदलाव नई आय हे।
एक ग्रामीण महिला के कहना रहिस कि सड़क अऊ अस्पताल के सुविधा नई होय के कारण सबसे जियादा परेशानी महिलामन अऊ बच्चामन ला झेलना पड़थे। एही से अब वो मन अपन अधिकार बर खुलके आवाज उठा रहल हवंय।
“विकास के वादा अब जमीन मं दिखना चाही”
प्रदर्शन मं शामिल लोगन के कहना रहिस कि अब सिरिफ आश्वासन ले काम नई चलही। गांव मं सड़क, बिजली, स्वास्थ्य केंद्र अऊ स्कूल के सुविधा धरातल मं दिखाई देना चाही। ग्रामीण मन के मांग हे कि शासन-प्रशासन उनकर समस्या ला गंभीरता ले सुनय अऊ जल्द ठोस कदम उठावय।
ग्रामीण मन के मुताबिक बरसों ले कई बार मांग उठाय गे, ज्ञापन सौंपे गें, फेर अब तक स्थिति मं अपेक्षित सुधार नई हो पाय हे। एही कारण ले वो मन अब संगठित रूप मं आंदोलन के रास्ता अपनाय हवंय।
जल-जंगल-जमीन संग विकास के मांग
जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के पदाधिकारी मन के कहना हे कि आदिवासी समाज अपन परंपरा अऊ प्राकृतिक संसाधन संग गहरे जुड़ाय रहिथे। फेर आज के समय मं शिक्षा, स्वास्थ्य अऊ सड़क जइसन बुनियादी सुविधा घलो ओतकेच जरूरी होगे हे।
समिति के कहना हे कि विकास के लाभ समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचना चाही। वनांचल क्षेत्र के गांव मन ला घलो वो सब सुविधा मिलना चाही, जेन सुविधा शहर के लोगन ला सहज रूप ले उपलब्ध हे।
प्रशासन ले सकारात्मक पहल के उम्मीद
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण मन अपन मांग के संबंध मं ज्ञापन सौंपिन अऊ शासन-प्रशासन ले जल्द कार्रवाई के मांग करिन। आंदोलन मं शामिल लोगन के उम्मीद हे कि प्रशासन उनकर मांग ऊपर गंभीरता ले विचार करही अऊ बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराय बर ठोस योजना बनाही।
ग्रामीण मन के कहना हे कि वो मन विकास के विरोध नई, बल्कि अपन गांव मं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क अऊ बिजली जइसन सुविधा के अधिकार मांगत हवंय। ए सुविधा मिलही त गांव के युवा मन के भविष्य उज्जवल होही अऊ पूरा क्षेत्र के विकास के रास्ता खुलही।
एकजुटता के मिसाल बनिस आंदोलन
धमतरी मं होय ए विशाल प्रदर्शन सिरिफ मांग तक सीमित नई रहिस, बल्कि ए आदिवासी समाज के एकजुटता अऊ जागरूकता के घलो परिचय देवत हे। हजारों लोगन के एक सुर मं उठे आवाज अब शासन अऊ प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण विषय बन गे हे।
अब सबके नजर ए बात ऊपर टिके हे कि ग्रामीण मन के मांग ऊपर का फैसला होथे अऊ वनांचल क्षेत्र के विकास बर आने वाला समय मं का कदम उठाय जाही।
