छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला ले एक बेहद दुखद अउ हृदय विदारक खबर सामने आए हवय। मालखरौदा थाना क्षेत्र के ग्राम अंडा मं आकाशीय बिजली गिरने ले 11 बछर के एक मासूम स्कूली नोनी के जान चल गीस। ये हादसा एतीक अचानक अउ दर्दनाक रहिस कि पूरा गांव सदमा मं डूब गे हवय। घर के आंगन मं जिहां कल तक दीप्ति के हंसी-खुशी गूंजत रहिस, आज उहां सन्नाटा अउ मातम पसरे हवय।
मिली जानकारी के मुताबिक मृतिका के पहचान दीप्ति चंद्रा (11 बछर) के रूप मं होइस। वो ग्राम अंडा, तहसील अड़भार के निवासी मुरीत चंद्रा के बेटी रहिस अउ स्थानीय स्कूल मं पढ़ई करत रहिस। गांव के लोगन के मुताबिक दीप्ति पढ़ई-लिखई मं होशियार, शांत स्वभाव के अउ सबके संग हंसी-खुशी रहइया नोनी रहिस।
अचानक बिगड़िस मौसम, आकाशीय बिजली बनिस काल
बताय जात हवय कि घटना के समय क्षेत्र मं मौसम अचानक खराब हो गे रहिस। तेज हवा, गरज-चमक अउ बारिश के बीच लोगन अपन-अपन घर मं सुरक्षित रहे के कोशिश करत रहिन। एही बीच अचानक जोरदार आकाशीय बिजली गिरिस अउ मासूम दीप्ति ओकर चपेट मं आ गीस।
प्रत्यक्षदर्शी मन बताथें कि बिजली गिरते के साथे जोरदार आवाज सुनाय दीस। जब तक लोगन कुछ समझ पातिन, तब तक दीप्ति गंभीर रूप ले झुलस चुके रहिस। परिवार अउ गांव वाले तत्काल ओकर मदद बर पहुंचिन, फेर हादसा एतीक गंभीर रहिस कि दीप्ति के सांस वहीं थम गीस।
परिवार ऊपर टूट परे दुख के पहाड़
एकलौती बेटी नई सही, लेकिन परिवार के आंखी के तारा रहिस दीप्ति। ओकर अचानक मौत ले घर के हर सदस्य गहरे सदमा मं हवय। माता-पिता के रो-रो के बुरा हाल हवय अउ गांव के महिलामन घलो परिवार ला ढांढस बंधावत नजर आइन।
गांव के बुजुर्ग मन कहिथें कि दीप्ति बहुत मिलनसार नोनी रहिस। वो हमेशा हंसत-खेलत रहय अउ पढ़ई मं घलो आगे रहिस। ओकर असमय बिदाई ले पूरा गांव गमगीन होगे हवय।
पुलिस पहुंचिस मौके मं, जांच शुरू
घटना के सूचना मिलते ही मालखरौदा थाना पुलिस तत्काल गांव पहुंचिस। पुलिस टीम ह घटनास्थल के निरीक्षण करिस अउ पंचनामा कार्रवाई पूरा करके शव ला पोस्टमार्टम बर भेज दीस।
पुलिस के प्रारंभिक जांच मं मौत के कारण आकाशीय बिजली गिरना मानाय गे हवय। हालांकि, मामला मं मर्ग कायम करके विस्तृत जांच शुरू कर दी गे हवय ताकि घटना के हर पहलू के पुष्टि हो सके।
गांव मं पसरे शोक के माहौल
दीप्ति के अंतिम दर्शन बर गांव के बड़ी संख्या मं लोग जुटिन। हर आंख नम दिखिस अउ हर चेहरा दुख ले भराय नजर आइस। गांव के लोगन के कहना हवय कि प्रकृति के ए रुख बहुत दर्दनाक हवय, जेन ह एक हंसत-खेलत नोनी के परिवार ले हमेशा बर छीन लेइस।
ग्राम अंडा मं आज घलो लोगन दीप्ति ला श्रद्धांजलि अर्पित करत हवंय अउ परिवार बर भगवान ले दुख सहन करे के शक्ति मांगत हवंय।
प्राकृतिक आपदा ले बचाव बर जागरूकता के जरूरत
ए घटना के बाद ग्रामीण मन प्रशासन ले मांग करे हवंय कि बरसात अउ खराब मौसम के समय आकाशीय बिजली ले बचाव बर विशेष जागरूकता अभियान चलाय जाय। गांव-गांव मं लोगन ला ये जानकारी मिलना जरूरी हवय कि गरज-चमक के समय खुले मैदान, खेत, पानी के आसपास अउ बड़े पेड़ के नीचे खड़ा होना खतरा बढ़ा सकथे।
मौसम विभाग घलो लगातार नागरिक मन ला सावधानी बरते के सलाह देत हवय। विशेषज्ञ मन के अनुसार गरज-चमक शुरू होते ही सुरक्षित भवन के भीतर रहना, मोबाइल के अनावश्यक उपयोग ले बचना अउ खुले जगह मं खड़े नई रहना सबसे सुरक्षित उपाय माने जाथे।
बरसात के मौसम मं बढ़ जाथे खतरा
गौरतलब हवय कि हर साल मानसून अउ प्री-मानसून सीजन मं छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिला मं आकाशीय बिजली गिरने के घटना सामने आथें। कई बार जागरूकता के कमी अउ असुरक्षित जगह मं मौजूदगी के कारण लोगन अपन जान गंवा देथें।
दीप्ति चंद्रा के ये दुखद मौत सिरिफ एक परिवार के नुकसान नई, बल्कि समाज बर एक चेतावनी घलो आय कि प्राकृतिक आपदा के समय सावधानी अउ जागरूकता कतका जरूरी हवय।
आज ग्राम अंडा मं हर कोई एही कहत नजर आथे कि काश ये हादसा नई होइस रहित। लेकिन अब दीप्ति के मीठी यादें ही परिवार अउ गांव के लोगन के मन मं हमेशा जिंदा रहिहीं।
