कांकेर, 19 जून।उत्तर बस्तर के कांकेर जिला मं एक बार फेर तेंदुआ के आतंक ले ग्रामीण मन के जिनगी प्रभावित होगे हवय। बीते छः दिन के भीतर तेंदुआ चार झन ऊपर हमला करके ओमन ला घायल कर डारे हवय। ए घटना के बाद गट्टागुडुम अऊ देवडोंगर गांव के लोगन मं दहशत के माहौल बन गे हवय। हालत ए हावय कि सांझ होतिही गांव के गली-मोहल्ला सुनसान हो जाथे अऊ लोगन अपन घर के दरवाजा बंद करके भीतर रहना ला मजबूर हवंय।
कांकेर जिला घना जंगल अऊ पहाड़ी इलाका ले घिराय हवय। एही जंगल मं तेंदुआ, भालू, जंगली सुअर जइसने कई प्रकार के वन्य जीव के बसेरा हवय। फेर अब जंगल मं भोजन अऊ पानी के कमी के चलते जंगली जानवर रिहायशी इलाका के रुख करत हवंय, जेन ले मानव अऊ वन्यजीव के बीच संघर्ष लगातार बढ़त जावत हवय।
सरोना वन परिक्षेत्र के गट्टागुडुम गांव मं बीते एक हप्ता ले तेंदुआ के लगातार आवाजाही देखे जावत हवय। 16 जून के रात तेंदुआ गांव के भीतर घुसके एक कुकुर के शिकार कर डारे रहिस। ए घटना के बाद गांव मं डर के माहौल बनना शुरू होगे रहिस, फेर कुछे दिन मं तेंदुआ तीन अलग-अलग ग्रामीण ऊपर हमला कर डारे।
जानकारी के मुताबिक तेंदुआ के हमला मं धनेश कुंजाम, बुधन उइके अऊ फूलबाई घायल होय हवंय। ग्रामीण मन के शोर मचाय अऊ बड़ी संख्या मं लोगन के पहुंच जाय के बाद तेंदुआ जंगल दिस भाग गे, जेन ले घायलों के जान बच सकिस। हमला मं घायल सबो लोगन के इलाज जारी हवय।
इही बीच 18 जून के नरहरपुर विकासखंड के देवडोंगर गांव मं घलो तेंदुआ एक ग्रामीण ऊपर हमला कर डारे। ए घटना के बाद अब पूरा इलाका मं दहशत के माहौल बन गे हवय। गांव के लोग रात के समय घर ले बाहिर निकरे ले डरथें। जरूरत पड़थे त 6-7 झन मिलके लाठी-डंडा धरके समूह मं निकलथें।
गट्टागुडुम गांव मं जिहां पहिली रात तक लोगन के चहल-पहल रहय, ओतके अब अंधियार अऊ सन्नाटा पसरे हवय। माता-पिता अपन लइका मन ला अकेल्ला बाहिर भेजे ले घबरावत हवंय। महिलामन घलो अकेले खेत-खार अऊ गांव के बाहर जाय ले कतरा थें। ग्रामीण मन के कहना हवय कि ए तरह के डर मं जिनगी बिताना अब मुश्किल होवत जावत हवय।
तेंदुआ के लगातार हमला के बाद वन विभाग घलो अलर्ट मोड मं आ गे हवय। विभाग गांव के आसपास के संवेदनशील इलाका मं कैमरा ट्रैप लगाय हवय अऊ रातभर निगरानी करे जावत हवय। वन अमला गांव-गांव जाके मुनादी करावत हवय अऊ लोगन ला रात मं अकेले बाहिर नई निकरे, समूह मं चले अऊ सतर्क रहे के सलाह देवत हवय।
वन विभाग के अधिकारी मन के कहना हवय कि तेंदुआ के गतिविधि ऊपर लगातार नजर रखे जावत हवय अऊ जरूरत पड़ही त ओकरा पकड़इया खातिर विशेष टीम के मदद घलो ली जाही। हालांकि ग्रामीण मन के चिंता अब घलो कम नइ होय हवय। ओमन के कहना हवय कि ए समस्या के स्थायी समाधान निकाले के जरूरत हवय, ताकि गांव मं फेर ले सामान्य माहौल बन सके।
दुधावा इलाका मं तेंदुआ के आतंक पहिली घलो कई बार देखे जा चुके हवय। वन विभाग ए इलाका ले दू तेंदुआ ला पकड़ चुके हवय, फेर समस्या अब तक पूरी तरह खत्म नइ होय हवय। एक बार फेर तेंदुआ के हमला ले ग्रामीण मन के मन मं डर बैठ गे हवय।
अब सबसे बड़े सवाल ए उठत हवय कि का वन विभाग ए आतंक के स्थायी समाधान खोज पाही? या फेर गट्टागुडुम अऊ देवडोंगर के ग्रामीण मन ला अइसने डर अऊ दहशत के साया मं अपन जिनगी बिताना पड़ही।
