बिलासपुर, 19 जून।छत्तीसगढ़ मं साइबर अपराध के मामला लगातार बढ़त जा रहल हे। अब ठग मन नवा-नवा तरीका अपनाके आम नागरिक मन ला अपन जाल मं फंसा रहे हें। अइसने एक मामला बिलासपुर शहर ले सामने आइस हे, जिहां एक महिला ला ओकर भाई के गिरफ्तारी के डर दिखाके साइबर ठग मन करीब 49 हजार रुपिया ठग लिहिन। घटना के बाद परिवार सकते मं आ गे हे अउ मामला पुलिस तक पहुंच गे हे।
जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर शहर के गोंडपारा सिंधी मोहल्ला मं रहइया विनय ठारवानी (31) व्यवसायी हें अउ शहर मं मिठाई दुकान चलाथें। बुधवार के बिहान करीब सात बजे उनकर बहिनी पूनम ठारवानी के मोबाइल मं व्हाट्सएप काल आइस।
काल करे वाला व्यक्ति अपन आप ला सरकारी अधिकारी बताइस अउ कहिस कि पूनम के भाई विनय विदेश, खासकर आस्ट्रेलिया ले सोना लेकर भारत लौटत समय दिल्ली एयरपोर्ट मं पकड़ाय गे हें। ठग मन महिला ला कहिन कि अगर तुरंत पैसा जमा नई करे जाही, त मामला अउ गंभीर हो जाही अउ उनकर भाई के जेल हो सकथे।
डर अउ घबराहट मं महिला भेज दिस पैसा
भाई के गिरफ्तारी के खबर सुनके पूनम ठारवानी घबरा गइन। ठग मन लगातार फोन करके महिला ऊपर मानसिक दबाव बनावत रहिन अउ जल्दी फैसला लेय के कहत रहिन।
घबराय महिला ह बिना परिवार के दूसर सदस्य ले बात करे, ठग मन के बताय खाता मं सबसे पहिली 30 हजार रुपिया ऑनलाइन ट्रांसफर कर दीस। ए रकम भेजे के बाद घलो ठग मन रुकिन नई अउ कुछ देर बाद फेर 18 हजार 350 रुपिया अउ भेजे के मांग करिन।
महिला ह फेर से बताय गए अकाउंट मं रकम ट्रांसफर कर दीस। कुल मिलाके लगभग 49 हजार रुपिया साइबर ठग मन के हाथ लग गे।
जब बढ़त गीस मांग, तब होइस ठगी के एहसास
पैसा भेजे के बाद घलो ठग मन लगातार अउ रकम के मांग करत रहिन। ए समय पूनम ला कुछ संदेह होइस। वो तुरंत अपन मोबाइल बंद कर दीस अउ भाई विनय ठारवानी ला फोन करके पूरा घटना के जानकारी दीस।
तब परिवार ला पता चलिस कि विनय कहीं विदेश नई गे रहिस अउ न ही दिल्ली एयरपोर्ट मं कोई गिरफ्तारी होय रहिस। ए बात समझत ही परिवार ला एहसास होइस कि वो मन साइबर ठगी के शिकार हो गे हें।
कोतवाली थाना मं दर्ज कराइस शिकायत
घटना के बाद विनय ठारवानी ह पूरा मामला के शिकायत कोतवाली थाना बिलासपुर मं दर्ज कराइस। पुलिस ह शिकायत के आधार मं अपराध दर्ज करके जांच शुरू कर दिस हे।
पुलिस अब ओ मोबाइल नंबर, बैंक खाता अउ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जानकारी जुटावत हे, जेनकर माध्यम ले ठगी करे गे हे। साइबर सेल घलो ए मामला के तकनीकी जांच मं जुट गे हे।
साइबर ठग अपनावत हें मनोवैज्ञानिक तरीका
पुलिस अधिकारी मन के कहना हे कि आजकल साइबर ठग मन सीधे बैंक डिटेल मांगे के बजाय डर, भावनात्मक दबाव अउ घबराहट के फायदा उठावत हें। वो मन परिवार के सदस्य के दुर्घटना, गिरफ्तारी या अस्पताल मं भर्ती होए के झूठी जानकारी देकर तुरंत पैसा मांगे लगथें।
अइसने परिस्थिति मं अधिकांश लोग बिना पुष्टि करे हड़बड़ी मं पैसा भेज देथें अउ ठगी के शिकार हो जाथें।
पुलिस के अपील – घबरावव नई, पहिली जानकारी के पुष्टि करव
पुलिस नागरिक मन ले अपील करे हवय कि अगर कभू ए प्रकार के फोन काल या मैसेज आवय, त सबसे पहिली अपन परिवार के सदस्य ले सीधे संपर्क करव। ककरो कहे मं आके घबराहट मं पैसा ट्रांसफर नई करव।
पुलिस के मुताबिक—
- अज्ञात नंबर ले आए काल ऊपर तुरंत भरोसा नई करव।
- परिवार के सदस्य के बारे मं खुद जानकारी लेव।
- किसी भी स्थिति मं अनजान बैंक खाता मं पैसा ट्रांसफर नई करव।
- साइबर ठगी के शिकार होवव त तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन मं शिकायत करव।
जागरूकता ह सबसे बड़े सुरक्षा कवच
बिलासपुर के ए घटना एक बार फेर ये बात साबित करथे कि साइबर अपराधी अब तकनीक के संग-संग लोगों के भावना अउ डर के फायदा उठावत हें। अइसने मं जागरूकता अउ सतर्कता ही सबसे बड़े सुरक्षा कवच साबित हो सकथे।
अगर थोड़ी देर रुकके जानकारी के पुष्टि कर ली जाही, त अइसने ठगी ले आसानी ले बचा जा सकथे। पुलिस लगातार लोगों ला जागरूक करे के प्रयास करत हवय, फेर सुरक्षित रहना बर आम नागरिक मन के सतर्क रहना घलो उतकेच जरूरी हे।
